{"_id":"5b4e4f244f1c1b51748b5931","slug":"1531858721161369-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक हफ्ते में 1369 उम्मीदवारों के परीक्षा परिणाम होंगे घोषित: शिक्षा मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक हफ्ते में 1369 उम्मीदवारों के परीक्षा परिणाम होंगे घोषित: शिक्षा मंत्री
Updated Wed, 18 Jul 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक हफ्ते में 1369 उम्मीदवारों के परीक्षा परिणाम होंगे घोषित: शिक्षा मंत्री
- शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद 82 वर्षीय हरीराम दीक्षित ने तोड़ा आमरण अनशन
- मांगों को लेकर एचएसएससी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। एचएसएससी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित को शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने नींबू पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया। आर्थिक आधार पर आरक्षण के हकदार 1369 उम्मीदवारों का हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में लंबित परिणाम एक सप्ताह के अंदर जारी करवाने के आश्वासन के बाद शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद हरीराम दीक्षित ने अनशन तोड़ा। परीक्षा परिणाम की घोषणा और ज्वाइनिंग की मांग को लेकर सोमवार से समिति के 82 वर्षीय राष्ट्रीय अध्यक्ष धरने पर बैठ गए थे।
शिक्षा मंत्री ने पंचकूला में धरनास्थल पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि आर्थिक आधार पर पिछड़ा वर्ग की श्रेणी के युवकों के एचएसएससी में रुके परिणाम की घोषणा एक हफ्ते में कर दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद समिति के अध्यक्ष पंडित हरीराम दीक्षित के नेतृत्व में दिया जा रहा धरना समाप्त किया गया। समिति की मंाग है कि सभी 1369 युवाओं के परीक्षा परिणाम और नियुक्ति पत्र शीघ्र दिए जाएं। इससे पहले भी उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन नतीजा नहीं निकलने पर अनशन का रास्ता अपनाया।
सोमवार को एचएसएससी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू किया था। आर्थिक आधार पर ब्राह्मण, बणिया, पंजाबी एवं राजपूत को 10 प्रतिशत आरक्षण के तहत 1369 युवाओं की नौकरियों का परीक्षा परिणाम आयोग की ओर से घोषित न करने के विरोध में आयोग कार्यालय के बाहर विरोध दर्ज कराया था। दीक्षित ने बताया कि सात दिसंबर 2017 को हाईकोर्ट ने आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण पर स्टे लगा दिया था। इसके बाद हरियाणा में हजारों युवाओं के रिजल्ट रुके हुए थे। 1369 उम्मीदवारों ने हाइकोर्ट के स्टे को चुनौती दी थी, जिस पर 18 मई 2018 को हाईकोर्ट ने उन भर्तियों से स्टे हटा दिया, जिनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरीराम दीक्षित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल आयोग की कार्यवाहक चेयरपर्सन दीप्ति उमाशंकर से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी। दीप्ति उमाशंकर ने प्रतिनिधिमंडल से 15 जुलाई तक का समय मांगा था। एचएसएससी के चेयरमैन पद पर भारत भूषण भारती के बहाल होने के बाद उनका अनशन तुड़वाया। इस अवसर पर पंडित हरीराम दीक्षित, भगवान परशुराम ब्राह्मण कल्याण संघ के अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, संतोष शर्मा, राजेश शर्मा, सुरेश शर्मा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा हरियाणा के अध्यक्ष रोहित गौतम, संदीप, अमरजीत, प्रवीण, संदीप, अशोक भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
- शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद 82 वर्षीय हरीराम दीक्षित ने तोड़ा आमरण अनशन
- मांगों को लेकर एचएसएससी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। एचएसएससी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित को शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने नींबू पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया। आर्थिक आधार पर आरक्षण के हकदार 1369 उम्मीदवारों का हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में लंबित परिणाम एक सप्ताह के अंदर जारी करवाने के आश्वासन के बाद शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद हरीराम दीक्षित ने अनशन तोड़ा। परीक्षा परिणाम की घोषणा और ज्वाइनिंग की मांग को लेकर सोमवार से समिति के 82 वर्षीय राष्ट्रीय अध्यक्ष धरने पर बैठ गए थे।
शिक्षा मंत्री ने पंचकूला में धरनास्थल पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि आर्थिक आधार पर पिछड़ा वर्ग की श्रेणी के युवकों के एचएसएससी में रुके परिणाम की घोषणा एक हफ्ते में कर दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद समिति के अध्यक्ष पंडित हरीराम दीक्षित के नेतृत्व में दिया जा रहा धरना समाप्त किया गया। समिति की मंाग है कि सभी 1369 युवाओं के परीक्षा परिणाम और नियुक्ति पत्र शीघ्र दिए जाएं। इससे पहले भी उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन नतीजा नहीं निकलने पर अनशन का रास्ता अपनाया।
विज्ञापन
सोमवार को एचएसएससी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू किया था। आर्थिक आधार पर ब्राह्मण, बणिया, पंजाबी एवं राजपूत को 10 प्रतिशत आरक्षण के तहत 1369 युवाओं की नौकरियों का परीक्षा परिणाम आयोग की ओर से घोषित न करने के विरोध में आयोग कार्यालय के बाहर विरोध दर्ज कराया था। दीक्षित ने बताया कि सात दिसंबर 2017 को हाईकोर्ट ने आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण पर स्टे लगा दिया था। इसके बाद हरियाणा में हजारों युवाओं के रिजल्ट रुके हुए थे। 1369 उम्मीदवारों ने हाइकोर्ट के स्टे को चुनौती दी थी, जिस पर 18 मई 2018 को हाईकोर्ट ने उन भर्तियों से स्टे हटा दिया, जिनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरीराम दीक्षित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल आयोग की कार्यवाहक चेयरपर्सन दीप्ति उमाशंकर से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी। दीप्ति उमाशंकर ने प्रतिनिधिमंडल से 15 जुलाई तक का समय मांगा था। एचएसएससी के चेयरमैन पद पर भारत भूषण भारती के बहाल होने के बाद उनका अनशन तुड़वाया। इस अवसर पर पंडित हरीराम दीक्षित, भगवान परशुराम ब्राह्मण कल्याण संघ के अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, संतोष शर्मा, राजेश शर्मा, सुरेश शर्मा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा हरियाणा के अध्यक्ष रोहित गौतम, संदीप, अमरजीत, प्रवीण, संदीप, अशोक भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन