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रायपुररानी
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:43 AM IST
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बैंक ग्रामीणों से नहीं ले रहे खराब नोट
रिजर्व बैंक की गाइड लाइन का गलत प्रचार कर रहे बैंक
जनता को परेशान कर रहे बैंक कर्मचारी, बैंक को जमा करना होगा लिखा हुआ नोट
राज अग्रवाल
रायपुररानी।
इलाके के बैंक जनता से किन्हीं कारों से खराब हुए नोट नहीं ले रहे हैं। बैंक कर्मी बुजुर्गों, महिलाओं, मजदूरों को डांट-फटकार कर बैंक से लौटा रहे हैं। वह उन्हें सिर्फ साफ सुथरे नोट ही बैंक में जमा कराने को कह रहे हैं। जानकारी के अनुसार कस्बावासी सोनू रावत रायपुररानी स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में कुछ राशि जमा कराने गए तो वहां के कैशियर ने दो हजार के नोट पर कुछ लिखा होने के कारण नोट वापस कर दिया व साफ नोट लाने को कहा। आरोप है कि युवक ने बैंक में ब्रांच मैनेजर न होने पर एक महिला अधिकारी से प्रार्थना करनी चाही तो महिला कर्मी ने अभद्र व्यवहार कर उसे रिजर्व बैंक की गाइडलाइन तोड़ मरोड़ कर समझाते हुए कहा कि हमें रिजर्व बैंक ने पैन से लिखे नोट जमा न करने की हिदायत दी है। इन निर्देशों के बारे में जब युवक सोनू ने जानना चाहा कि अगर किसी के पास नोट फट जाए या पैन अथवा किसी अन्य वस्तु से खराब हो जाए तो वह उसे कहां जमा करवाएं। इस पर बैंक की महिला कर्मचारी ने कहा कि वह केवल साफ-सुथरे नोट ही जमा करेंगे। इस बारे में जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की रायपुररानी शाखा के इंचार्ज तारा चंद ने बताया कि वह सोमवार को कोर्ट के कार्य से पंचकूला में हैं। अगर किसी कर्मचारी ने इस प्रकार रिजर्व बैंक के निर्देशों का उल्लंघन किया है तो जांच की जाएगी। वहीं चंडीगढ़ के कुछ बैंक अधिकारियों बातचीत में बताया कि बैंक कर्मी कस्टमर को नोट जमा करने से मना नहीं कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ने सुविधा दी है कि बैंक कर्मचारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में नोट रिप्लेस कर सकते हैं। ऐसा जरूर है कि फटे हुए नोटों की दशा में अगर नोट अधिक फटा है तो जितना फीसदी फटा होगा, गाइडलाइन के मुताबिक कस्टमर को रुपये मिलेंगे। इसे भी रिजर्व बैंक ही तय करेगा। जबकि नोट में निशान या कुछ लिखा होने के संबंध में हर हाल में रुपये बैंक कर्मी को जमा या रिप्लेस करने होंगे।
बैंक के अधिकारियों को भेजी शिकायत
मानसिक तौर से आहत सोनू ने पूरे मामले में व बैंक कर्मचारी के अभद्र व्यवहार की शिकायत बैंक के उच्चाधिकारियों को भेज कार्रवाई की मांग की है। उधर गांव काजमपुर निवासी जयमल ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके साथ भी इस बैंक में ऐसा ही व्यवहार किया गया। जयमल ने बताया कि मजदूरों को वैसे ही दो हजार का नोट मुश्किल से देखने को मिलता है, उस पर बैंक वाले, जो एक सम्मानिय कर्मी होते हैं, यह बोल दें कि यह नोट नहीं चलेगा तो मजदूर की मानसिक हालत क्या होगी। इस बात का अंदाजा बैंक के एसी हाल में बैठे कर्मचारी नहीं लगा सकते।
रिजर्व बैंक गाइड लाइन में जानें सच
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 25 अप्रैल 2017 को जारी निर्देशों में स्पष्ट रूप से लिखा है कि बैंक के कर्मचारी किसी भी स्थिति, जैसे नोट का रंग फीका पड़ना या पैन से कुछ लिखा होना, इत्यादि में कैश जमा करन से मना नहीं कर सकते। अगर वह ऐसा करते हैं तो कर्मचारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया जा सकता है।
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रिजर्व बैंक की गाइड लाइन का गलत प्रचार कर रहे बैंक
जनता को परेशान कर रहे बैंक कर्मचारी, बैंक को जमा करना होगा लिखा हुआ नोट
राज अग्रवाल
रायपुररानी।
इलाके के बैंक जनता से किन्हीं कारों से खराब हुए नोट नहीं ले रहे हैं। बैंक कर्मी बुजुर्गों, महिलाओं, मजदूरों को डांट-फटकार कर बैंक से लौटा रहे हैं। वह उन्हें सिर्फ साफ सुथरे नोट ही बैंक में जमा कराने को कह रहे हैं। जानकारी के अनुसार कस्बावासी सोनू रावत रायपुररानी स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में कुछ राशि जमा कराने गए तो वहां के कैशियर ने दो हजार के नोट पर कुछ लिखा होने के कारण नोट वापस कर दिया व साफ नोट लाने को कहा। आरोप है कि युवक ने बैंक में ब्रांच मैनेजर न होने पर एक महिला अधिकारी से प्रार्थना करनी चाही तो महिला कर्मी ने अभद्र व्यवहार कर उसे रिजर्व बैंक की गाइडलाइन तोड़ मरोड़ कर समझाते हुए कहा कि हमें रिजर्व बैंक ने पैन से लिखे नोट जमा न करने की हिदायत दी है। इन निर्देशों के बारे में जब युवक सोनू ने जानना चाहा कि अगर किसी के पास नोट फट जाए या पैन अथवा किसी अन्य वस्तु से खराब हो जाए तो वह उसे कहां जमा करवाएं। इस पर बैंक की महिला कर्मचारी ने कहा कि वह केवल साफ-सुथरे नोट ही जमा करेंगे। इस बारे में जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की रायपुररानी शाखा के इंचार्ज तारा चंद ने बताया कि वह सोमवार को कोर्ट के कार्य से पंचकूला में हैं। अगर किसी कर्मचारी ने इस प्रकार रिजर्व बैंक के निर्देशों का उल्लंघन किया है तो जांच की जाएगी। वहीं चंडीगढ़ के कुछ बैंक अधिकारियों बातचीत में बताया कि बैंक कर्मी कस्टमर को नोट जमा करने से मना नहीं कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ने सुविधा दी है कि बैंक कर्मचारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में नोट रिप्लेस कर सकते हैं। ऐसा जरूर है कि फटे हुए नोटों की दशा में अगर नोट अधिक फटा है तो जितना फीसदी फटा होगा, गाइडलाइन के मुताबिक कस्टमर को रुपये मिलेंगे। इसे भी रिजर्व बैंक ही तय करेगा। जबकि नोट में निशान या कुछ लिखा होने के संबंध में हर हाल में रुपये बैंक कर्मी को जमा या रिप्लेस करने होंगे।
बैंक के अधिकारियों को भेजी शिकायत
मानसिक तौर से आहत सोनू ने पूरे मामले में व बैंक कर्मचारी के अभद्र व्यवहार की शिकायत बैंक के उच्चाधिकारियों को भेज कार्रवाई की मांग की है। उधर गांव काजमपुर निवासी जयमल ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके साथ भी इस बैंक में ऐसा ही व्यवहार किया गया। जयमल ने बताया कि मजदूरों को वैसे ही दो हजार का नोट मुश्किल से देखने को मिलता है, उस पर बैंक वाले, जो एक सम्मानिय कर्मी होते हैं, यह बोल दें कि यह नोट नहीं चलेगा तो मजदूर की मानसिक हालत क्या होगी। इस बात का अंदाजा बैंक के एसी हाल में बैठे कर्मचारी नहीं लगा सकते।
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रिजर्व बैंक गाइड लाइन में जानें सच
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 25 अप्रैल 2017 को जारी निर्देशों में स्पष्ट रूप से लिखा है कि बैंक के कर्मचारी किसी भी स्थिति, जैसे नोट का रंग फीका पड़ना या पैन से कुछ लिखा होना, इत्यादि में कैश जमा करन से मना नहीं कर सकते। अगर वह ऐसा करते हैं तो कर्मचारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया जा सकता है।
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