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बिल्डिंग मरम्मत की अभी प्लानिंग ही कर रहा है

Mon, 24 Jul 2017 02:07 AM IST
Updated Mon, 24 Jul 2017 02:07 AM IST
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बिल्डिंग मरम्मत की अभी प्लानिंग ही कर रहा है
धरोहर टूट रही, बैठा है विभाग, पहले कब्जे का राग अलाप रहे थे
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सरकारी कब्जा भी हटने के छह माह बाद भी नाहन की कोठी का कायाकल्प नहीं करा पाया आर्कियोलॉजिकल विभाग
रखरखाव के अभाव में जर्जर हो रही हैं पंचकूला स्थित ऐतिहासिक धरोहर
दिसंबर में उपभोक्ता फोरम ने कब्जा हटाया था
इस ऐतिहासिक धरोहर तक जाने के लिए सही रास्ता तक नहीं
दीपक शाही
पंचकूला।
पंचकूला सेक्टर 12ए स्थित ऐतिहासिक धरोहर नाहन की कोठी से हाईकोर्ट के आदेश के आठ साल बाद कब्जा हटाया गया। लेकिन अब रखरखाव के आभाव में हरियाणा की इस ऐतिहासिक धरोहर के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस कोठी की दीवारों में उगे मोटे पड़ों के चलते दीवारें टूट रही हैं। बिल्डिंग की दीवारें इतनी जर्जर हैं कि तत्काल इन्हें संरक्षित नहीं किया तो कभी भी बिल्डिंग धराशायी हो सकती है।
बता दें कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने 2007 में इस इमारत को संरक्षित स्मारक घोषित किया था। उस समय आर्कियोलॉजिकल विभाग के अधिकारियों की दलील थी कि एक सरकारी विभाग ने बिल्डिंग पर कब्जा कर कार्यालय खोल रखा है। इस वजह से विभाग मरम्मत और सही तरीके से बिल्डिंग की देखरेख नहीं कर पा रहा है। अब तो बिल्डिंग खाली हुए भी छह माह से अधिक हो गया है। लेकिन विभाग के अधिकारी अभी भी प्लानिंग की बात कर रहे हैं।
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ऐतिहासिक धरोहर में जाने के लिए प्रॉपर रास्ता तक नहीं
हरियाणा के इस ऐतिहासिक धरोहर तक पहुंचने के लिए प्रॉपर रास्ता तक नहीं है। इस कोठी के चारों तरफ बिल्डिंग बनी हैं। यहां तक पहुंचने के लिए आपको सेक्टरों के बीच से होकर पीछे के रास्ते से जाना पड़ेगा। क्योंकि नाहन कोठी के सामने की जमीन को बिल्डिंग के ऐतिहासिक धरोहर घोषित होने से पहले ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने ऑक्शन के जरिये बेच दिया था।
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शाम को नशेड़ियों का होता है अड्डा
सेक्टर 12ए नव बाल निकेतन के डायरेक्टर एसके शर्मा ने बताया कि शाम पांच बजे आर्कियोलॉजिकल विभाग के मुलाजिम ऑफिस बंद कर घर चले जाते हैं। उसके बाद यहां यह असामाजिक तत्वों के लिए डेरा रहता है। रोजाना सुबह माली से शराब की बोतलें फिंकवानी पड़ती हैं। क्योंकि यहां रोजाना बच्चे पढ़ने आते हैं। उन पर बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल जब तक नाहन की कोठी की फेंसिंग नहीं हो जाती तब तक यहां सिक्योरिटी तैनात की जानी चाहिए।
संरक्षित स्मारक का है दर्जा
पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित नाहन कोठी 153 वर्ष पुरानी है, जिसे हरियाणा सरकार की ओर से संरक्षित इमारत का दर्जा दिया गया है। लाल रंग की यह कोठी महाराजा सिरमौर फतह प्रकाश के राजकुमार सुरजन सिंह और बीर सिंह द्वारा बनवाई गई थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भी 2007 में इस इमारत को संरक्षित स्मारक घोषित किया था। इस इमारत में सरकारी विभाग चलाए जाने को लेकर इससे पहले भी एक याचिका स्थानीय निवासी मुंशी राम ने दायर की थी। उस याचिका पर 2008 में हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को इस इमारत से सरकारी कार्यालय हटाने के आदेश दिए थे। उसके बाद 2016 कार्यालय यहां से हटाया गया है।
हरियाणा का इतिहास होना चाहिए
सेक्टर 12 निवासी और सर्वहितकारी सोसाइटी के प्रधान राकेश अग्रवाल ने बताया कि जर्जर हो रही पंचकूला की इस धरोहर को संरक्षित करने के बाद इसमें हरियाणा का इतिहास डिसप्ले करवाना चाहिए। ताकि पंचकूला में टूरिज्म को बढ़ावा मिले और दूसरे राज्यों से पंचकूला आने वाले लोगों को हरियाणा का इतिहास पता चल सके। स्वर्ण जयंती से इस हेरिटेज बिल्डिंग को जोड़ते हुए इसे म्यूजियम के रूप में बनाने की सरकार को घोषण करनी चाहिए।

क्या कहना है
कोट
अभी दो सप्ताह पहले टूरिज्म विभाग की टीम इंस्पेक्शन करके गई है। बिल्डिंग संरक्षण की प्लानिंग चल रही है। विभाग की ओर से एस्टिमेट तैयार किया जाएगा। उसके बाद एस्टिमेट अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। अप्रूवल मिलते ही बिल्डिंग को संरक्षित करने का काम शुरू किया जाएगा।
बनानी भटाचार्या, डिप्टी डायरेक्टर, आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट।
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