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Punjab News: पंजाब में 2800 में से 1500 ईंट भट्ठे बंद, कोयले की कीमत बढ़ने से भट्ठा मालिक नाराज

Mon, 06 Mar 2023 01:19 AM IST
ajay kumar विजय मौर्य, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विजय मौर्य, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 06 Mar 2023 01:19 AM IST
सार

पंजाब से जम्मू, हरियाणा, दिल्ली व हिमाचल प्रदेश के लिए ईंटों की सप्लाई होती है। अगर रेट बढ़ाए जाते हैं तो इसका असर पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ेगा। इन राज्यों में भी निर्माण कार्यों पर असर पड़ सकता है।

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1500 brick kilns closed in Punjab due to rising coal price
ईंट भट्ठा।

विस्तार

केंद्र व पंजाब सरकार की नीतियों और कोयला माफिया की वजह से राज्य के ईंट भट्ठों पर संकट गहरा गया है। मौजूदा समय में पंजाब में 2800 ईंट भट्ठे हैं। इनमें से 1500 भट्ठे बंद हो गए हैं, जबकि अन्य बंद होने की कगार पर हैं। इसकी मुख्य वजह कोयला की कीमतों में आठ हजार रुपये प्रति टन तक इजाफा होना है। 

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पंजाब ईंट भट्ठा एसोसिएशन ने केंद्र व राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर कोयले के दाम में कमी लाने का आग्रह किया है। दरअसल, कोयला कारोबार पर पांच से छह बड़े कारोबारियों का नियंत्रण हो गया है। इन कारोबारियों ने पूल बना कर कोयले के दाम बढ़ा दिए हैं। वे मनचाहे दाम पर कोयला बेच रहे हैं। कोयले के दाम प्रति टन 13 हजार रुपये से बढ़ कर 21 हजार रुपये प्रति टन तक बढ़ गए हैं। वहीं, ट्रांसपोर्टरों ने भी ढुलाई में 500 रुपये की वृद्धि कर दी है। इससे निर्माण क्षेत्र पर काफी मार पड़ रही है। अब भट्ठा मालिक जल्द ही ईंटों के दाम बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं।
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ये भी कारण

  • केंद्र सरकार ने ईंट भट्ठा उद्योग पर जीएसटी पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया है। इस टैक्स के साथ स्टेट टैक्स भी है। इससे दोहरी मार पड़ रही है।
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  • राजस्थान से आ रही ईंट भी पंजाब के भट्ठा मालिकों की कमर तोड़ रही है। राजस्थान से बिना बिलों के ओवरलोड ईंट के ट्रक पंजाब में प्रवेश कर रहे हैं। वहां की ईंट पंजाब के मुकाबले 300 से 400 रुपये प्रति हजार सस्ती है।
  • पंजाब सरकार ने शर्त रखी है कि ईंट भट्ठों में कुल ईंधन में से 20 प्रतिशत पराली का इस्तेमाल किया जाए। बहुत से ईंट भट्ठा मालिक इस शर्त को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा फ्लाई ऐश को लेकर भी नियम सख्त कर दिए गए हैं।


पड़ोसी राज्यों पर भी होगा असर
पंजाब से जम्मू, हरियाणा, दिल्ली व हिमाचल प्रदेश के लिए ईंटों की सप्लाई होती है। अगर रेट बढ़ाए जाते हैं तो इसका असर पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ेगा। इन राज्यों में भी निर्माण कार्यों पर असर पड़ सकता है।

पंजाब का ईंट भट्ठा उद्योग संकट में है। इसे बचाया जाए। केंद्र व पंजाब सरकार से मांग है कि कोयला बिक्री के लिए पूल सिस्टम खत्म किया जाए। इससे कोयला सस्ता मिलेगा। जीएसटी में कटौती की जाए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरल नीतियां बना कर उद्योग को प्रफुल्लित करें। पंजाब सरकार राजस्थान से आ रहीं बिना बिलों की ईंटों पर रोक लगाए। सख्त कार्रवाई करे। इससे स्थानीय इंडस्ट्री को बचाया जा सकेगा।


 

पठानकोट में 59 ईंट भट्ठे हैं। कोयला महंगा होने के कारण लगभग सभी बंद पड़े हैं। आने वाले समय में संकट और बढ़ेगा। अप्रैल से कीमतें बढ़ाना हमारी मजबूरी है। सरकार तत्काल कोई कदम उठाए। -संजय आनंद, ब्रिक क्लिन एसोसिएशन के वरष्ठि सदस्य।

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