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अब जिले में मलेरिया का आकड़ा पहुंचा 35
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:55 AM IST
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बारिश के बाद बढ़ सकते हैं मलेरिया के मामले
जिले में मलेरिया का आंकड़ा पहुंचा 35, कालका से सबसे ज्यादा मामले सामने आए
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
20 जून को हुई बरसात के बाद मलेरिया के आंकड़ों में इजाफा हो सकता है। जिले में मलेरिया के अब तक 35 मामले सामने आ चुके हैं। पंचकूला में मलेरिया के सबसे अधिक मामले ओल्ड पंचकूला और नाडा साहिब से आए हैं। यहां मलेरिया का आंकड़ा आठ पहुंच चुका है। वहीं दूसरे इलाकों में कालका से आठ मामले आ चुके हैं। फिलहाल मलेरिया के चार नए केस आ चुके हैं। ये केस कालका, हंगोला, रायपुररानी से हैं। अर्बन क्षेत्र की बात करें तो एक के पंचकूला सेक्टर-4 और दूसरा सेक्टर एक से आ चुका है। पिंजौर से मलेरिया का एक केस सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित बीमारियों के प्रति लोगों को आए दिन जागरूक कर रहा है। विभाग के मलेरिया विंग की ओर से वर्करों को वाटर कूलर और कंटेनर चेक करने के लिए लगाया गया है।
मलेरिया के लक्षण
ज्वर, कंपकंपी, जोड़ों में दर्द, उल्टी, रक्ताल्पता (रक्त विनाश से), मूत्र में हीमोग्लोबिन और दौरे। मलेरिया का सबसे आम लक्षण है अचानक तेज कंपकंपी के साथ शीत लगना, जिसके फौरन बाद ज्वर आता है। 4 से 6 घंटे के बाद ज्वर उतरता है और पसीना आता है। बचाव के उपाय
गर्मियों में रोज कूलर में साफ पानी डाले, घर के आसपास पानी न जमा होने दें, अगर मैदान में पानी जमा हो जाए तो उसमें मिट्टी डालकर पटवा दें, सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें। मच्छरों को दूर भगाने वाली क्रीम भी बाजार में मिल जाती है। बारिश के दिनों में पानी निकासी का उचित व्यवस्था रखें।
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जिले में मलेरिया का आंकड़ा पहुंचा 35, कालका से सबसे ज्यादा मामले सामने आए
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
20 जून को हुई बरसात के बाद मलेरिया के आंकड़ों में इजाफा हो सकता है। जिले में मलेरिया के अब तक 35 मामले सामने आ चुके हैं। पंचकूला में मलेरिया के सबसे अधिक मामले ओल्ड पंचकूला और नाडा साहिब से आए हैं। यहां मलेरिया का आंकड़ा आठ पहुंच चुका है। वहीं दूसरे इलाकों में कालका से आठ मामले आ चुके हैं। फिलहाल मलेरिया के चार नए केस आ चुके हैं। ये केस कालका, हंगोला, रायपुररानी से हैं। अर्बन क्षेत्र की बात करें तो एक के पंचकूला सेक्टर-4 और दूसरा सेक्टर एक से आ चुका है। पिंजौर से मलेरिया का एक केस सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित बीमारियों के प्रति लोगों को आए दिन जागरूक कर रहा है। विभाग के मलेरिया विंग की ओर से वर्करों को वाटर कूलर और कंटेनर चेक करने के लिए लगाया गया है।
मलेरिया के लक्षण
ज्वर, कंपकंपी, जोड़ों में दर्द, उल्टी, रक्ताल्पता (रक्त विनाश से), मूत्र में हीमोग्लोबिन और दौरे। मलेरिया का सबसे आम लक्षण है अचानक तेज कंपकंपी के साथ शीत लगना, जिसके फौरन बाद ज्वर आता है। 4 से 6 घंटे के बाद ज्वर उतरता है और पसीना आता है। बचाव के उपाय
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गर्मियों में रोज कूलर में साफ पानी डाले, घर के आसपास पानी न जमा होने दें, अगर मैदान में पानी जमा हो जाए तो उसमें मिट्टी डालकर पटवा दें, सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें। मच्छरों को दूर भगाने वाली क्रीम भी बाजार में मिल जाती है। बारिश के दिनों में पानी निकासी का उचित व्यवस्था रखें।
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