{"_id":"5b0646ad4f1c1bd5408b7898","slug":"140-doctors-absent-in-documents-in-haryana-government-hospitals","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ा खुलासाः कागजों में लापता हैं हरियाणा के 140 डॉक्टर, विदेश में होने का संदेह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ा खुलासाः कागजों में लापता हैं हरियाणा के 140 डॉक्टर, विदेश में होने का संदेह
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 24 May 2018 10:29 AM IST
विज्ञापन
doctor
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज के अभाव में तड़प रहे हैं और डॉक्टर मौज लूटने में व्यस्त हैं, 140 डॉक्टर लापता हैं। सरकारी आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि 140 वरिष्ठ डॉक्टरों का पता ही नहीं कि वे कहां हैं। सरकारी रिकॉर्ड में भी उनकी छुट्टी का कोई जिक्र नहीं है। सूत्र बताते हैं कि ये डॉक्टर विदेश में हैं। मनोहर लाल सरकार ने ऐसे बेलगाम डॉक्टरों पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है। जो बिना जानकारी लंबे समय से डयूटी से गैरहाजिर चल रहे हैं, उनकी सेवाएं समाप्त की जाएंगी,
वहीं भविष्य में विदेश दौरे पर भी डॉक्टर मनमाने तरीकेसे नहीं जा सकेंगे। सरकार डॉक्टरों के बढ़ते विदेश दौरों को रोकने के लिए नई नीति बनाने जा रही है। इसमें यह प्रावधान किया जाएगा कि साल में कुल डॉक्टरों का मात्र दो फीसदी डॉक्टर ही विदेश दौरे पर स्टडी टूर या पारिवारिक कार्य केलिए जा सकेंगे। अभी प्रदेश में 2900 विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें लगभग पौने चार सौ एसएमओ और लगभग पचास सीएमओ हैं। वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों ने भी बड़े पैमाने पर विदेश दौरों के लिए सरकार को आवेदन किया हुआ है। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज हरकत में आ गए हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरआर जोवेल को पत्र लिखा है कि डॉक्टरों विदेश दौरों को लेकर जल्दी नीति बनाई जाए। जिससे कि डॉक्टर जरूरी कार्य के लिए ही विदेश जा सकें। चूंकि, विशेषज्ञ डॉक्टरों के विदेश दौरों पर रहने से अस्पतालों में मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
600 डॉक्टर कम, कई अहम विभागों में टोटा
प्रदेश में 600 विशेषज्ञ डॉक्टरों की वर्तमान में कमी चल रही है। साठ से अधिक पीएचसी बिना डॉक्टरों के हैं। लगभग आधा दर्जन ट्रामा सेंटर, 120 सीएचसी, पांच सौ उप स्वास्थ्य केंद्र और 2600 अन्य स्वास्थ्य संस्थानोंमें डॉक्टरों का टोटा है। इससे मरीजों को घर-द्वार और समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
विदेशों दौरों को लेकर नहीं दे सकते खुली छूट : विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को विदेश दौरों के लिए खुली छूट नहीं दे सकते। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जो डॉक्टर बिना बताए गैरहाजिर हैं, उन पर जल्दी कड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
वहीं भविष्य में विदेश दौरे पर भी डॉक्टर मनमाने तरीकेसे नहीं जा सकेंगे। सरकार डॉक्टरों के बढ़ते विदेश दौरों को रोकने के लिए नई नीति बनाने जा रही है। इसमें यह प्रावधान किया जाएगा कि साल में कुल डॉक्टरों का मात्र दो फीसदी डॉक्टर ही विदेश दौरे पर स्टडी टूर या पारिवारिक कार्य केलिए जा सकेंगे। अभी प्रदेश में 2900 विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें लगभग पौने चार सौ एसएमओ और लगभग पचास सीएमओ हैं। वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों ने भी बड़े पैमाने पर विदेश दौरों के लिए सरकार को आवेदन किया हुआ है। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज हरकत में आ गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरआर जोवेल को पत्र लिखा है कि डॉक्टरों विदेश दौरों को लेकर जल्दी नीति बनाई जाए। जिससे कि डॉक्टर जरूरी कार्य के लिए ही विदेश जा सकें। चूंकि, विशेषज्ञ डॉक्टरों के विदेश दौरों पर रहने से अस्पतालों में मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
600 डॉक्टर कम, कई अहम विभागों में टोटा
प्रदेश में 600 विशेषज्ञ डॉक्टरों की वर्तमान में कमी चल रही है। साठ से अधिक पीएचसी बिना डॉक्टरों के हैं। लगभग आधा दर्जन ट्रामा सेंटर, 120 सीएचसी, पांच सौ उप स्वास्थ्य केंद्र और 2600 अन्य स्वास्थ्य संस्थानोंमें डॉक्टरों का टोटा है। इससे मरीजों को घर-द्वार और समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
विदेशों दौरों को लेकर नहीं दे सकते खुली छूट : विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को विदेश दौरों के लिए खुली छूट नहीं दे सकते। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जो डॉक्टर बिना बताए गैरहाजिर हैं, उन पर जल्दी कड़ी कार्रवाई होगी।