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सीएम तक ने प्रस्तावित किए थे ट्राइसिटी के 14 नाम
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 13 Nov 2013 07:13 PM IST
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इस साल दिए गए पद्म पुरस्कारों के लिए ट्राइसिटी के 14 लोगों के आवेदन पद्म अवार्ड कमेटी के पास पहुंचे थे।
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मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल और पूर्व प्रधानमंत्री ने इनके नाम भी प्रस्तावित किए लेकिन इसके बाद भी चंडीगढ़ की झोली में इस साल एक ही पद्म अवार्ड आया था।
इस साल शहर से सिर्फ कॉमेडियन जसपाल भट्टी को ही मरणोपरांत पद्म भूषण अवार्ड के लिए चुना गया था और उनका नाम सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने प्रस्तावित किया था।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सूचना अधिकार कानून के तहत दिल्ली निवासी सुभाष चंद्र अग्रवाल को दिए गए जवाब से यह स्पष्ट हुआ कि अलग-अलग क्षेत्रों से ट्राइसिटी के एक दर्जन से ज्यादा लोगों के नाम प्रस्तावित हुए थे।
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ट्राइसिटी से इनके नाम किए गए थे प्रस्तावित
सेक्टर-18 निवासी जाने माने नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. कृपाल सिंह चुग का नाम मेडिसिन के क्षेत्र के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने प्रस्तावित किया था। डॉ. चुग को वर्ष 2000 में पद्म श्री मिल चुका है।
फोर्टिस, मोहाली के कार्डियोलाजिस्ट डॉ. टीएस महंत का नाम हिमाचल के मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रस्तावित किया था।
पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के डॉ. जगत राम का नाम हरियाणा के गवर्नर जगन्नाथ पहाड़िया ने प्रस्तावित किया था।
पहाड़िया ने डॉ. मदन मोहन गोयल का नाम भी प्रस्तावित किया था।
पीयू के पूर्व डीयूआई और इंडियन थिएटर विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. मोहन महर्षि का नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली ने प्रस्तावित किया था।
पीयू के ही पूर्व प्रोफेसर डॉ. नरेश का नाम हरियाणा सरकार ने प्रस्तावित किया था।
सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय की पूर्व प्रिंसिपल लता वैद्यनाथन का नाम केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद के अलावा केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने प्रस्तावित किया था।
मोहाली निवासी और पुष्पा गुजराल साइंस सिटी के महानिदेशक डा. आरएस खांडपुर का नाम सात लोगों ने प्रस्तावित किया था जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल, इसरो से डॉ.वाईएस राजन, हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव धर्मवीर, पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन की चेयरपर्सन रोमिला दूबे शामिल थी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, चंडीगढ़ के स्टेट प्रेजीडेंट डॉ. आरएस बेदी ने डॉ. टीपीएस चावला का नाम मेडिसिन के क्षेत्र के लिए प्रस्तावित किया था।
चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल ने पांच नाम प्रस्तावित किए थे जिनमें पीयू के पूर्व कुलपति प्रो. केएन पाठक, उद्योगपति और समाजसेवी डॉ. आरके साबू, मेजर जनरल जय प्रकाश बंसल, हॉकी खिलाड़ी हरबिंदर सिंह और जसपाल भट्टी शामिल थे।
इसके अलावा यूटी प्रशासन की ओर से पीजीआई के पलमनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिगंबर बेहरा और पीयू के केमिस्ट्री विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर सतिंदर वीर केसर के नाम थे। ये नाम देरी से भेजे गए थे जिसके कारण पद्म अवार्ड कमेटी इन पर विचार नहीं कर पाई थी।
शहर से इन्हें मिला है पद्म पुरस्कार
वर्ष 2011 में पीयू के इंडियन थिएटर विभाग की प्रोफेसर और रंगकर्मी नीलम मान सिंह चौधरी पद्म श्री अवार्ड के लिए चुनी गई थीं।
वर्ष 2010 में शहर से किसी को भी पद्म अवार्ड नहीं मिला था। चंडीगढ़ से अभी तक जिन्हें पद्म अवार्ड मिल चुका है, उनमें डॉ. जेएस ग्रेवाल (पद्मश्री), डॉ. आरके साबू (पद्मश्री), केएल जाकिर (पद्मश्री), डॉ. केके तलवार (पद्म विभूषण), हीरा लाल सिब्बल (पद्म भूषण), डॉ. एचएस चावला (पद्म श्री), डॉ. बीएन गोस्वामी (पद्म भूषण), डॉ. जेएस चोपड़ा (पद्म भूषण), प्रो. आरसी सोबती (पद्मश्री) और डॉ. केएस चुग (पदमश्री) शामिल हैं।
अब 25 जनवरी का इंतजार
चंडीगढ़ प्रशासन ने अगले साल दिए जाने वाले पद्म अवार्ड के लिए 5 नाम प्रस्तावित किए हैं। इनके अलावा हर साल की तरह इस साल भी ट्राइसिटी के कई लोगों ने अपने नाम प्रस्तावित कर भेजे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अगले साल 25 जनवरी को चंडीगढ़ की झोली में पद्म पुरस्कार आएंगे।