पहली श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से 1200 प्रवासी झारखंड रवाना, जम्मू-कश्मीर के 348 लोग भी घर लौटे
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पंजाब में कोरोना के कारण कर्फ्यू में फंसे हजारों मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए रेल डिवीजन फिरोजपुर ने मंगलवार को जालंधर से डाल्टनगंज के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई। ट्रेन में लगभग 1200 यात्री सवार हुए। ट्रेन में बैठने से पहले श्रमिकों का चेकअप किया गया। मंगलवार को पहली श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन झारखंड के डाल्टनगंज के लिए रवाना हुई। ट्रेन को जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से डीसी वरिंदर कुमार शर्मा और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर की निगरानी में रवाना किया गया।
दोनों अधिकारियों ने कहा कि इससे झारखंड के उन 1200 प्रवासियों को भेजा गया, जो शहर में लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण फंसे थे। इन सभी प्रवासियों ने राज्य सरकार के पोर्टल पर अपना नामांकन किया था। इसके बाद सभी को एसएमएस भेज कर ट्रेन के समय के बारे में सूचित किया गया। इनमें से 600 प्रवासियों को पठानकोट चौक, 300 को खालसा स्कूल नकोदर रोड और 300 को नेहरू गार्डन रोड पर श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी कॉलेज से लाया गया। प्रवासियों की स्क्रीनिंग भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब सरकार के प्रयासों के कारण लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज (इलाहाबाद), सुल्तानपुर, कटनी (मध्य) के लिए और ट्रेनें चलेंगी।
चल सकती और भी ट्रेनें
बठिंडा, अमृतसर, लुधियाना व जालंधर से और ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। यह जानकारी रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीआरएम राजेश अग्रवाल ने दी। डीआरएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि कर्फ्यू में जालंधर और लुधियाना में हजारों की संख्या में बिहार और यूपी के मजदूर फंसे हुए थे। पंजाब सरकार के अनुरोध पर उत्तरी रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन से मंगलवार को जालंधर और डाल्टनगंज के बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई है। यह ट्रेन सहारनपुर और लखनऊ के रास्ते से गुजरेगी।
सभी ने पहना मास्क, सामाजिक दूरी भी दिखी
आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने मजदूरों को नियमों के मुताबिक ट्रेन में बैठाया। रेलवे की तरफ से सामाजिक दूरी का खास ध्यान रखा गया। सभी मजदूरों ने मास्क पहन रखा था। पंजाब सरकार ने मजदूरों की शिनाख्त की और एक सूची तैयार कर उनके पास भेजी ताकि ट्रेन का बंदोबस्त किया जा सके। रेलवे ने जालंधर स्टेशन को सैनिटाइज किया। सुबह दस बजे ट्रेन जालंधर स्टेशन पर पहुंची। आरपीएफ, जीआरपी व कामर्शियल विभाग ने पूरे ऑपरेशन को सुचारु रूप से चलाया और ट्रेन को समय पर रवाना किया।
होशियारपुर: जम्मू-कश्मीर के 348 लोगों को भेजा वापस
जिला प्रशासन ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर से संबंधित 348 व्यक्तियों को बसों के माध्यम से वापस भेजा है। इससे पहले भी प्रशासन ने 567 व्यक्तियों को जम्मू-कश्मीर वापस भेजा था। संबंधित एसडीएम की देखदेख में सब-डिवीजन होशियारपुर, दसूहा, गढ़शंकर व मुकेरियां से बसों के माध्यम से आज जम्मू-कश्मीर से संबंधित 348 व्यक्तियों को रवाना कर दिया गया है।
जिला होशियारपुर से अलग-अलग राज्यों को जाने वाले व्यक्तियों का रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है व अब तक करीब 20 हजार व्यक्ति पंजीकृत हो चुके हैं। इन सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा रही है और बसों से भेजने की योजना बनाई गई है।
डिप्टी कमिश्नर अपनीत रियात ने बताया कि सूबे में दूसरे राज्यों के फंसे लोगों को वापस जाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति अपने गृह राज्य वपस जाना चाहते हैं, वे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक बार यदि कोई व्यक्ति अपने परिवार, समूह के लिए लिंक पर प्रोफार्मा भरता है तो उसके पूरे परिवार, समूह के लिए एक सिस्टम से जनरेट आईडी मिलेगी, जिसको वह संभाल कर रखें। उन्होंने कहा कि पंजीकृत व्यक्तियों की वापसी संबंधी जिला प्रशासन की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
लुधियाना से 900 प्रवासियों को लेकर पहली ट्रेन प्रयागराज रवाना
प्रत्येक बस में निगम, पुलिस और सेहत विभाग के मुलाजिम की ज्वाइंट टीम तैनात रहेगी। जिन लोगों ने जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है, उनका चयन थाना स्तर पर होगा। प्रत्येक टीम को 30 प्रवासियों को लाने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रवासियों को एसएमएस या फिर फोन कॉल कर एक निश्चित जगह पर आने के लिए कहा जाएगा। ट्रेन चलने से चार घंटे पहले ही प्रवासियों से तालमेल किया जाएगा। उन्हें ऑनलाइन आवेदन किए गए पास की कॉपी, पहचान पत्र अपने साथ रखने के लिए कहा जाएगा। सभी चीजें जांच करने के बाद सैनिटाइज कर उन्हें बस में बैठाया जाएगा।
4.66 लाख ने घर जाने को करवा रखा है रजिस्ट्रेशन
लुधियाना से घर जाने के इच्छुक 4.66 लाख लोगों ने अपने रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन करवाया है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड प्रदेश की है। प्रशासन के पास इन सभी की लिस्ट पहुंच चुकी है। जो भी ट्रेन पहले जाने के लिए रेलवे मुहैया करवाएगा, उसी अनुसार, प्रशासन प्रवासियों को फोन कर इसकी जानकारी देंगे। इतनी संख्या में प्रवासियों को पलायन करने से इंडस्ट्री में दहशत का माहौल साफ दिखाई दे रहा है क्योंकि लेबर के जाने के बाद कारोबारियों के लिए फैक्टरी चलाना भारी पड़ सकता है।