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Hindi News ›   Chandigarh ›   12 deaths every day in road accident in Punjab

सड़क हादसों में राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा पंजाब में जा रही लोगों की जान, किताब में हुआ खुलासा

Sat, 03 Nov 2018 03:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 03 Nov 2018 03:04 PM IST
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12 deaths every day in road accident in Punjab
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जाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने एडीजीपी ट्रैफिक डा. शरद सत्य चौहान और ट्रैफिक सलाहकार पंजाब नवदीप असीजा की संकलित रिपोर्ट आन पंजाब रोड एक्सीडेंट एंड ट्रैफिक 2017 पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में प्रदेश में सुरक्षित सड़क यातायात संबंधी जानकारी दर्ज की गई है। डा. चौहान और असीजा ने लगातार दूसरे साल प्रदेश में हुए सड़क हादसों और ट्रैफिक से संबंधित अनुमानों व तथ्यों को प्रकाशित करने में सफलता हासिल की है।

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इस संबंध में पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सड़क यातायात और हाईवे संबंधी मंत्रालय द्वारा उक्त विषय पर हर साल राष्ट्रीय स्तर पर एक किताब रिलीज की जाती है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा का जायजा लेने वाली सुप्रीम कोर्ट की समिति की तरफ से भी पंजाब के इस प्रयास की प्रशंसा की गई है। उन्होंने बताया कि यह किताब सभी डीसी, कमिश्नर, एसएसपी को उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे उनकी तरफ से अपने क्षेत्र में हुए सड़क हादसों की जांच की जा सके और सड़क दुर्घटनाओं को घटाया जा सके।
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साथ ही आम जनता, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की सुविधा के लिए भी यह किताब ई-बुक के रूप में पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे इसका भरपूर लाभ लिया जा सके। इस संबंध में डा. शरद सत्या चौहान एडीजीपी ट्रैफिक ने कहा कि पिछले साल सूबे में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान रोज 12 मौतें दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि पिछले सालों के दौरान हुए इन हादसों में 12.1 की कमी दर्ज की गई है जोकि मौजूदा दशक के दौरान राज्य की तरफ से दर्ज की गई यह सबसे बड़ी प्राप्ति है।

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डा. चौहान ने कहा कि देश की कुल 2.25 फीसदी आबादी पंजाब में है लेकिन पिछले पांच सालों में सड़क हादसों के दौरान हुई मौतों की कुल फीसदी 3.3 से 3.5 है। उन्होंने कहा कि पंजाब में सड़क हादसों में हुई कुल मौतें में से 15 फीसदी मौतें लुधियाना, पटियाला, श्री अमृतसर साहिब, बठिंडा, मोहाली और जालंधर जैसे शहरों में होती हैं।

रोपड़, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब में औसत से दोगुना मौतें
एडीजीपी ने कहा कि प्रति दस लाख आबादी के हिसाब में सड़क हादसों से मौत की राष्ट्रीय औसत 119 है, जिसकी अपेक्षा पंजाब में हुई मौतों की संख्या 148 है। सूबे के तीन जिले रूपनगर, एसएएस नगर और फतेहगढ़ साहिब क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं । रिपोर्ट के अनुसार, साल 2017 के दौरान राज्य में रूपनगर, एसएएस नगर, फाजिल्का, तरनतारन जिलों को छोड़कर बाकी 18 जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई।

 डा. चौहान ने बताया कि रिपोर्ट अनुसार पंजाब में ज़्यादातर मौतों का कारण वाहनों की तेज गति था। साल 2017 में तेज गति के कारण सड़क हादसों में कुल 2,363 लोग मारे गए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंजाब में नये मोटर वाहनों का 9-10 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है और पिछले साल औसतन रोज 300 कारों और 1700 दोपहिया वाहनों की रजिस्ट्रेशन पंजाब में की गई। मार्च 2017 तक पंजाब में कुल रजिस्टर किए गए नए वाहनों की संख्या 98,59,742 थी।

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