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'पानीपत' के निर्माता पर केस करेंगे 'सूरजमल' की 11वीं पीढ़ी के वंशज, चरित्र से छेड़छाड़ के आरोप
Fri, 13 Dec 2019 09:42 AM IST
खुशबू गोयल
नसीब सैनी, अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
नसीब सैनी, अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 13 Dec 2019 09:42 AM IST
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'पानीपत' फिल्म में जिस राजा के चरित्र को लेकर जाट समाज के लोग विरोध कर रहे हैं, उसके वंशज अब फिल्म निर्माता के खिलाफ केस करेंगे। महाराजा सूरजमल के वंशज कैथल के गांव शेरगढ़ में रहते हैं और इन वंशजों ने अब ऐलान किया है कि वे पानीपत फिल्म के निर्माताओं पर उनके ऐतिहासिक चरित्र के साथ छेड़छाड़ के आरोप में केस करेंगे।
पिहोवा में पुरोहितों से हुई महाराजा सूरजमल के वंशज होने की पुष्टि
गांव शेरगढ़ के पूर्व सरपंच एवं जाट कॉलेज कार्यकारिणी के सदस्य सत्यवान शेरगढ़, सूरजभान, ओमप्रकाश, जगदीश, बलिंद्र सिंह, देवा नंबरदार ने कहा कि उन्होंने एक धार्मिक अनुष्ठान करवाया था। जिसके लिए सभी पिंडदान करवाने के लिए पिहोवा गए थे। जहां उन्हें उनके परिवार के पुरोहित काका शर्मा से मिले। उन्होंने वहां पुरोहित से पूछा कि उनके परिवार के बारे में जानकारी दे दीजिए । पुरोहित पंडित काका शर्मा ने उन्हें बताया कि वे महाराजा सूरजमल के वंशज हैं और उनके वंशज गुमानी मल राजस्थान के भरतपुर रियासत से कैथल में आए थे। महाराज सूरजमल भी पिहोवा तीर्थ पर आए थे।
पहले भी सुनते थे, लेकिन अब जाकर हुई पुष्टि
गांव के नंबरदार देवा सिंह व सत्यवान ने बताया कि पहले भी वे सुनते थे कि वे महाराजा के वंशज हैं। लेकिन पुरोहित ने अब पुष्टि की है। उनके गांव की जमीन की फर्ज निकलवाने में प्रारंभ में गमानी मल का नाम आता है। उन्होंने ही गांव का खेड़ा शुरू किया था।
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मल से बने मैहला
महाराजा सूरजमल अपने नाम के साथ मल जोड़ते थे, उनकी कई पीढ़ियां भी इसी प्रकार से नाम के आगे मल लगाती थीं। बाद में यह मल से बदलकर धीरे-धीरे मैहला बन गया। सत्यवान शेरगढ़ ने बताया कि पूरे प्रदेश में मैहला गोत्र केवल शेरगढ़ में है। कुछेक घर सौंगल व कुछेक रेवाड़ चीका में हैं। वे राजस्थान के भरतपुर से आए हुए हैं।
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पिहोवा में पुरोहितों से हुई महाराजा सूरजमल के वंशज होने की पुष्टि
गांव शेरगढ़ के पूर्व सरपंच एवं जाट कॉलेज कार्यकारिणी के सदस्य सत्यवान शेरगढ़, सूरजभान, ओमप्रकाश, जगदीश, बलिंद्र सिंह, देवा नंबरदार ने कहा कि उन्होंने एक धार्मिक अनुष्ठान करवाया था। जिसके लिए सभी पिंडदान करवाने के लिए पिहोवा गए थे। जहां उन्हें उनके परिवार के पुरोहित काका शर्मा से मिले। उन्होंने वहां पुरोहित से पूछा कि उनके परिवार के बारे में जानकारी दे दीजिए । पुरोहित पंडित काका शर्मा ने उन्हें बताया कि वे महाराजा सूरजमल के वंशज हैं और उनके वंशज गुमानी मल राजस्थान के भरतपुर रियासत से कैथल में आए थे। महाराज सूरजमल भी पिहोवा तीर्थ पर आए थे।
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पहले भी सुनते थे, लेकिन अब जाकर हुई पुष्टि
गांव के नंबरदार देवा सिंह व सत्यवान ने बताया कि पहले भी वे सुनते थे कि वे महाराजा के वंशज हैं। लेकिन पुरोहित ने अब पुष्टि की है। उनके गांव की जमीन की फर्ज निकलवाने में प्रारंभ में गमानी मल का नाम आता है। उन्होंने ही गांव का खेड़ा शुरू किया था।
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मल से बने मैहला
महाराजा सूरजमल अपने नाम के साथ मल जोड़ते थे, उनकी कई पीढ़ियां भी इसी प्रकार से नाम के आगे मल लगाती थीं। बाद में यह मल से बदलकर धीरे-धीरे मैहला बन गया। सत्यवान शेरगढ़ ने बताया कि पूरे प्रदेश में मैहला गोत्र केवल शेरगढ़ में है। कुछेक घर सौंगल व कुछेक रेवाड़ चीका में हैं। वे राजस्थान के भरतपुर से आए हुए हैं।
इस चला पीढ़ी दर पीढ़ी महाराजा सूरजमल का वंश
पुरोहित द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भरतपुर के महाराजा सूरजमल के बेटे थे जवाहरमल। उनके बेटे हुए चंद्रमुषी। उनके बेटे चंदमल, उनके बेटे हुए उजागर मल, उनके बेटे हुए जमाली मल। उनके बेटे हुए गुमानी व गोधू। इनमें से गुमानी उस समय कैथल में भाई उदय सिंह की रियासत में आ गए। यहां की महारानी ने उन्हें गांव शेरगढ़ का चक (जमीन का उस समय मापक) दे दिया तो गुमानी मल ने गांव शेरगढ़ बसा लिया।
विशेष बात यह है कि इस गांव में जाट समाज का एक ही गौत्र मैहला है। यहां रहने के बाद गुमानी मल के 7 बेटे हुए, हरभज मल, सादा राम, दोतिया, मोहर सिंह, सुषराम, रुपराम व नंदू। इनमें से हरभज के बेटे हुए आसु राम, उनके 4 बेटे हुए रण सिंह, धन सिंह, दीवान सिंह व रामकिशन। रण सिंह के बेटे सत्यवान ने उपरोक्त सारी जानकारी दी। इसी प्रकार से गांव में इस समय मैहला गोत्र के करीब 200 परिवार गुमानी मल के 6 बेटों की औलाद हैं। वहीं उनके सातवें बेटे नंदू की कोई औलाद नहीं थी।
पानीपत फिल्म में चरित्र के साथ छेड़छाड़ से रोष
सत्यवान शेरगढ़ ने कहा कि फिल्म पानीपत में महाराजा सूरजमल के चरित्र के साथ जो छेड़छाड़ की गई है। वह निंदनीय है। वे अपने महाराजा के चरित्र को लेकर यह लापरवाही कतई सहन नहीं करेंगे। उनके परिवारों ने फैसला लिया है कि वे अब इस फिल्म निर्माता के खिलाफ न्यायालय में केस दायर करेंगे। साथ ही अब वे भरतपुर में महाराजा सूरजमल की रियासत में भी जाएंगे और अपने वहां रह रहे वंशजों से मिलेंगे।
विशेष बात यह है कि इस गांव में जाट समाज का एक ही गौत्र मैहला है। यहां रहने के बाद गुमानी मल के 7 बेटे हुए, हरभज मल, सादा राम, दोतिया, मोहर सिंह, सुषराम, रुपराम व नंदू। इनमें से हरभज के बेटे हुए आसु राम, उनके 4 बेटे हुए रण सिंह, धन सिंह, दीवान सिंह व रामकिशन। रण सिंह के बेटे सत्यवान ने उपरोक्त सारी जानकारी दी। इसी प्रकार से गांव में इस समय मैहला गोत्र के करीब 200 परिवार गुमानी मल के 6 बेटों की औलाद हैं। वहीं उनके सातवें बेटे नंदू की कोई औलाद नहीं थी।
पानीपत फिल्म में चरित्र के साथ छेड़छाड़ से रोष
सत्यवान शेरगढ़ ने कहा कि फिल्म पानीपत में महाराजा सूरजमल के चरित्र के साथ जो छेड़छाड़ की गई है। वह निंदनीय है। वे अपने महाराजा के चरित्र को लेकर यह लापरवाही कतई सहन नहीं करेंगे। उनके परिवारों ने फैसला लिया है कि वे अब इस फिल्म निर्माता के खिलाफ न्यायालय में केस दायर करेंगे। साथ ही अब वे भरतपुर में महाराजा सूरजमल की रियासत में भी जाएंगे और अपने वहां रह रहे वंशजों से मिलेंगे।