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Punjab News: 31 मार्च तक आएगी नई कृषि नीति, 11 सदस्यीय कमेटी गठित

Tue, 17 Jan 2023 07:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 17 Jan 2023 07:35 PM IST
सार

कृषि मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार नई कृषि नीति, पंजाब के कुदरती स्रोतों जैसे कि जमीनी पानी, मिट्टी की सेहत और भौगोलिक स्थितियों को मुख्य रख कर तैयार की जा रही है। नई कृषि नीति में किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कृषि पैदावार में गुणवत्ता, निर्यात और कृषि विभिन्नता आदि पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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11 member committee constituted for new agricultural policy in Punjab
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

पंजाब की नई कृषि नीति इस साल 31 मार्च तक तैयार हो जाएगी। सरकार ने मंगलवार को इसे लेकर कृषि विशेषज्ञों की 11 सदस्यीय कमेटी गठित कर अधिसूचना जारी की। मंगलवार को पंजाब भवन में प्रेसवार्ता में पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस बात की जानकारी दी।

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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के किसानों की भलाई और कृषि की व्यवस्था में सुधार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए 31 मार्च, 2023 तक पंजाब की अपनी किसान और वातावरण अनुकूल नई कृषि नीति तैयार की जाएगी। इसके लिए कृषि माहिरों की 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। 
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राज्य सरकार की तरफ से 12 फरवरी, 2023 को पहली सरकार-किसान मिलनी की जा रही है। यह कार्यक्रम कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। इसमें पंजाब के हर कोने से 2,500 से अधिक प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। इस दौरान किसानों के साथ कृषि नीति के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा और उनके सुझाव लिए जाएंगे। इस मौके पर कृषि सचिव अर्शदीप सिंह थिंड, कृषि निदेशक डॉ. गुरविंदर सिंह, पंजाब राज्य बीज प्रमाणिक संस्था के निदेशक डॉ. जेपीएस ग्रेवाल, डॉ. जेडीएस गिल के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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इन्हें किया कमेटी में शामिल
11 सदस्यीय कमेटी में सचिव कृषि राहुल तिवारी को सदस्य, चेयरमैन पंजाब राज्य किसान और कृषि श्रमिक आयोग डॉ. सुखपाल सिंह को संयोजक, वाइस चांसलर पीएयू लुधियाना डॉ. एसएस गोसल, वाइस चांसलर गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेस यूनिवर्सिटी लुधियाना डॉ. इंद्रजीत सिंह, अर्थशास्त्री डॉ. सुच्चा सिंह गिल, पूर्व वाइस चांसलर पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला डॉ. बीएस घुम्मण, पूर्व बागबानी निदेशक पंजाब डॉ. गुरकंवल सिंह, सलाहकार पंजाब जल नियंत्रण और विकास अथॉरिटी राजेश वशिष्ठ, पूर्व निदेशक कृषि पंजाब डॉ. बलविंदर सिंह सिद्धू, प्रधान पीएयू किसान क्लब अमरिंदर सिंह और चेयरमैन पनसीड महेंदर सिंह सिद्धू को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

नीति में इन बिंदुओं को किया जाएगा शामिल
कृषि मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार नई कृषि नीति, पंजाब के कुदरती स्रोतों जैसे कि जमीनी पानी, मिट्टी की सेहत और भौगोलिक स्थितियों को मुख्य रख कर तैयार की जा रही है। नई कृषि नीति में किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कृषि पैदावार में गुणवत्ता, निर्यात और कृषि विभिन्नता आदि पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंजाब का पाकिस्तान बॉर्डर के साथ लगता क्षेत्र पूरे विश्व में उच्च दर्जे की बासमती पैदा करने के लिए जाना जाता है। इस नई कृषि नीति में बासमती को परमल धान के विकल्प के तौर पर अपनाने और बासमती निर्यात को उत्साहित करने का प्रस्ताव भी शामिल किया जाएगा।

पंजाब को मिलेगा जहर मुक्त कृषि मॉडल
धालीवाल ने कहा कि पंजाब आज वातावरण और सेहत संकट से जूझ रहा है, जिसमें उपजाऊ भूमि अब गैर-उपजाऊ भूमि में बदल रही है। जमीनी पानी में जहर की मात्रा दिनों-दिन बढ़ रही है। इस परिदृश्य से बाहर निकलने और कुदरती कृषि के लिए नई नीति बनाने का वादा करते हुए धालीवाल ने कहा कि जल्दी ही पंजाब के किसानों को जहर मुक्त कृषि मॉडल दिया जाएगा।

बीज उत्पादन पोर्टल और एप लॉन्च
किसानों को ऑनलाइन सुविधा देते हुए कृषि मंत्री ने मंगलवार को बीज उत्पादन पोर्टल और एप जारी की। उन्होंने बताया कि यह देश की पहली ऐसी एप है, जिसके जरिये राज्य के किसान बीजों की उपलब्धता और किस्मों संबंधी ऑनलाइन जानकारी हासिल कर सकेंगे। इस एप का उद्देश्य पंजाब राज्य बीज प्रमाणिक संस्था को ऑनलाइन और कागज रहित बनाना और बीजों की सर्टिफिकेशन संबंधी सालाना कैलेंडर को लागू करना है। इस एप द्वारा क्यू आर कोड की मदद से बीज ट्रेकिंग, गुणवत्ता की प्रामाणिकता, बीजों की पैदावार, प्रमाणीकरण और सैंपलिंग संबंधी पूरी जानकारी हासिल हो सकेगी।

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