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Chandigarh News: 5 साल से पड़े थे 11 करोड़, अब हर गांव को मिलेंगे 50-50 लाख
Thu, 29 May 2025 02:13 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 May 2025 02:13 AM IST
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चंडीगढ़। नगर निगम के विलेज डेवलपमेंट फंड (वीडीएफ) में बीते पांच वर्षों से पड़े 11 करोड़ रुपये पर किसी की नजर नहीं गई थी। अब मेयर हरप्रीत कौर बबला की सक्रियता से इस फंड को इस्तेमाल में लाया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से जांच करवाकर फंड को चिह्नित किया। अब 22 गांवों को 50-50 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की गई है। इससे गांवों में जरूरी विकास कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार 30 नवंबर 2018 को 13 गांवों को निगम में शामिल किया गया। इसमें बहलाना, रायपुर खुर्द, रायपुर कलां, मक्खन माजरा, दड़वा, मौली जागरां, किशनगढ़, कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा, सारंगपुर और धनास थे। नौ गांव इससे पहले से ही निगम के अंदर थे। इसमें से बुटरेला, बढहेड़ी, अटावा, पलसोरा, मलोया, डड्डूमाजरा, बुड़ैल, कजहेड़ी और हल्लोमाजरा हैं। प्रशासन ने 2018 में शामिल 13 गांवों के विकास के लिए 2019-20 में 102 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन इसके बाद कोई वार्षिक अनुदान नहीं दिया गया। इन रुपयों से कई गांवों में कई काम कराए गए थे। मेयर ने कहा कि अब सभी 22 गांवों को 50-50 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिससे वे रुके कार्यों को करा सकेंगे। बता दें कि इससे पहले वार्ड डेवलपमेंट फंड से भी 25 -25 लाख रुपये काम कराने के लिए पार्षदों को देने की बात कही गई है।
पार्षद कामों की सूची बनाकर देंगे तो शुरू होंगे काम
मेयर ने गांवों वाले वार्डों के पार्षदों की एक बैठक बुलाई और उनसे आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों की प्राथमिक विकास आवश्यकताओं को चिह्नित कर जल्द निगम को सौंपें ताकि योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास इन गांवों के लिए समर्पित फंड उपलब्ध है। मेयर बबला ने बताया कि विकास कार्यों में मुख्य रूप से सड़कों की मरम्मत और निर्माण, स्ट्रीट लाइट की स्थापना, सीवरेज व वर्षा जल निकासी व्यवस्था में सुधार, जल आपूर्ति को सुदृढ़ करना, लैंडस्केपिंग व सौंदर्यीकरण और बेहतर सफाई व्यवस्था जैसे कार्य शामिल होंगे। मेयर ने कहा कि संबंधित इंजीनियरिंग विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं कि वे इन फंड्स के लिए विस्तृत बजट अनुमान बनाना शुरू करें। ये बजट प्रस्ताव पार्षदों द्वारा दिए जाने वाले प्राथमिकता वाले विकास कार्यों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे।
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नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार 30 नवंबर 2018 को 13 गांवों को निगम में शामिल किया गया। इसमें बहलाना, रायपुर खुर्द, रायपुर कलां, मक्खन माजरा, दड़वा, मौली जागरां, किशनगढ़, कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा, सारंगपुर और धनास थे। नौ गांव इससे पहले से ही निगम के अंदर थे। इसमें से बुटरेला, बढहेड़ी, अटावा, पलसोरा, मलोया, डड्डूमाजरा, बुड़ैल, कजहेड़ी और हल्लोमाजरा हैं। प्रशासन ने 2018 में शामिल 13 गांवों के विकास के लिए 2019-20 में 102 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन इसके बाद कोई वार्षिक अनुदान नहीं दिया गया। इन रुपयों से कई गांवों में कई काम कराए गए थे। मेयर ने कहा कि अब सभी 22 गांवों को 50-50 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिससे वे रुके कार्यों को करा सकेंगे। बता दें कि इससे पहले वार्ड डेवलपमेंट फंड से भी 25 -25 लाख रुपये काम कराने के लिए पार्षदों को देने की बात कही गई है।
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पार्षद कामों की सूची बनाकर देंगे तो शुरू होंगे काम
मेयर ने गांवों वाले वार्डों के पार्षदों की एक बैठक बुलाई और उनसे आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों की प्राथमिक विकास आवश्यकताओं को चिह्नित कर जल्द निगम को सौंपें ताकि योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास इन गांवों के लिए समर्पित फंड उपलब्ध है। मेयर बबला ने बताया कि विकास कार्यों में मुख्य रूप से सड़कों की मरम्मत और निर्माण, स्ट्रीट लाइट की स्थापना, सीवरेज व वर्षा जल निकासी व्यवस्था में सुधार, जल आपूर्ति को सुदृढ़ करना, लैंडस्केपिंग व सौंदर्यीकरण और बेहतर सफाई व्यवस्था जैसे कार्य शामिल होंगे। मेयर ने कहा कि संबंधित इंजीनियरिंग विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं कि वे इन फंड्स के लिए विस्तृत बजट अनुमान बनाना शुरू करें। ये बजट प्रस्ताव पार्षदों द्वारा दिए जाने वाले प्राथमिकता वाले विकास कार्यों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे।
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