फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   105 cases of stubble burning reported in Punjab in one day

बेबस सरकार : पंजाब में खूब जल रही पराली, एक दिन में 105 मामले, 561 के साथ आंकड़ों ने तोड़ा दो साल का रिकॉर्ड

Wed, 04 Oct 2023 12:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 04 Oct 2023 12:16 AM IST
सार

पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन आदर्श पाल विग के मुताबिक पराली जलाने से रोकने के लिए तीन स्तरों पर मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके अलावा ईंट भट्ठों में ईंधन के रूप में कोयले की जगह 20 फीसदी तक पराली जलाना अनिवार्य किया गया है।

विज्ञापन
105 cases of stubble burning reported in Punjab in one day
पंजाब में जल रही पराली। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब में मंगलवार को पराली जलाने के 105 मामले सामने आए हैं। इसी के साथ कुल मामलों की संख्या 561 पहुंच गई है। खास बात यह है कि पंजाब सरकार के दावों के विपरीत पराली जलाने के बढ़ते मामले लगातार बीते दो सालों का रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में 15 सितंबर से लेकर तीन अक्तूबर तक पराली जलाने के केवल 237 मामले सामने आए थे, जबकि साल 2022 में 350 मामले रिपोर्ट हुए थे।

विज्ञापन


अब तक इस सीजन में सामने आए कुल 561 मामलों में सबसे अधिक पराली अमृतसर में जली है। 381 मामलों के साथ अमृतसर टॉप पर बना हुआ है। मंगलवार को भी अमृतसर में सबसे अधिक 48 मामले सामने आए जबकि फाजिल्का में सबसे कम केवल एक केस सामने आया। इसके अलावा दूसरे नंबर पर बने तरनतारन में 26, कपूरथला में 13, पटियाला में सात, संगरूर में तीन व बरनाला में भी तीन मामले रिपोर्ट किए गए।

विज्ञापन

पराली जलाने से रोकने को तीन स्तरीय होगी मॉनीटरिंग: चेयरमैन

पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन आदर्श पाल विग के मुताबिक पराली जलाने से रोकने के लिए तीन स्तरों पर कलस्टर, तहसील और फिर जिलास्तर पर मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके अलावा ईंट भट्ठों में ईंधन के रूप में कोयले की जगह 20 फीसदी तक पराली जलाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने साफ किया कि जिन किसानों ने पराली जलाई है, उनको रेवन्यू रिकॉर्ड से पहचान सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

पराली जलाने वालों को नहीं मिलेगी एनओसी

उधर, मंगलवार को जिला प्रशासन ने पटियाला में पराली जलाने वाले किसानों को जुर्माना करने का फैसला लिया। डीसी साक्षी साहनी ने कहा कि जुर्माना अदा न करने की सूरत में इसको बकाया माना जाएगा। आरोपी किसानों को भविष्य में किसी किस्म की एनओसी भी नहीं मिलेगी। इसके अलावा खेतों में आग लगाने वाले किसानों को नए असलहा लाइसेंस भी जारी नहीं होंगे। वहीं पुराने लाइसेंस को रिन्यू नहीं किया जाएगा।

पराली प्रबंधन के लिए तैयार किया चैट बोट

जिला प्रशासन ने चैट बोट तैयार किया है। मशीनरी उपलब्ध कराने में यह चैट बोट सहायक रहेगा। जिले में मंगलवार को किसानों को इस चैट बोट का डेमो दिया दया। इस मौके पर चैट बोट में और सुधार के सुझाव किसानों ने दिए। व्हाट्सएप पर बने चैट बोट के बारे में किसानों को जानकारी दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed