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लुधियाना से 100वीं ट्रेन प्रवासियों को लेकर रवाना, पंजाब से अब तक 1.35 लाख लौटे, इन जिलों से भी चलीं रेल

Thu, 14 May 2020 11:51 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली/लुधियाना/जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली/लुधियाना/जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 14 May 2020 11:51 PM IST
सार

  • दूसरे राज्यों को सीधी जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन अब बीच में कुछ शहरों में भी रुकेंगी
  • जिन राज्यों का कम रजिस्ट्रेशन, वहां के लोगों को भेजा जा रहा दूसरे जिलों के माध्यम से 

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100th train carrying migrants departs from Ludhiana railway station
पंजाब से 100वीं श्रमिक ट्रेन रवाना। - फोटो : टि्वटर

विस्तार

पंजाब से प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने के लिए गुरुवार को लुधियाना से मऊ के लिए 100 वीं ट्रेन रवाना हुई। अभी तक प्रदेश से 1.35 लाख प्रवासी अपने घरों को जा चुके है। इसमें 1.20 लाख बालिग और 15 हजार बच्चे शामिल है। बता दें कि पांच मई को जालंधर से प्रवासियों को ले जाने के लिए पहली श्रमिक एक्सप्रेस रवाना हुई थी। उसके बाद अभी तक 100 ट्रेन पंजाब से विभिन्न प्रदेशों के लिए जा चुकी है।

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 प्रिंसिपल सेक्रेटरी पब्लिक वर्कर्स ने बताया कि पंजाब से लुधियाना, जालंधर, पटियाला, मोहाली, अमृतसर, फिरोजपुर, सरहिंद और बठिंडा से प्रतिदिन प्रवासियों को लेकर गाड़ियां रवाना हो रही है। प्रत्येक ट्रेन में लगभग 12 सौ प्रवासियों को बैठाया जा रहा है। अभी तक उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के लिए ट्रेन जा चुकी है। पंजाब सरकार की तरफ से प्रवासियों को उनके घरों से लाकर स्क्रीनिंग करने के बाद ही ट्रेन में बैठाया जा रहा है। रास्ते में उनके खाने के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था भी की जाती है। 
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डीसी प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार को लुधियाना से सात श्रमिक ट्रेन प्रवासियों को लेकर गई है। वहीं शुक्रवार को आठ ट्रेन चलेंगी। उन्होंने बताया कि लुधियाना से अन्य प्रदेशों को जाने के लिए लगभग सात लाख लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इतनी संख्या को देखते कुछ और ट्रेन चलाने पर बातचीत हो रही है। वहीं कई प्रदेशों के लिए बस सर्विस पर भी बातचीत चल रही है। 

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1501 श्रमिकों को मोहाली से लेकर बिहार के लिए रवाना हुई 8वीं ट्रेन

मोहाली में 60 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों ने अपने घरों को जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन इन लोगों की स्क्रीनिंग कर उनके राज्यों में भेजने की चुनौती का सामना कर रहा है। क्योंकि इस दौरान सभी को कोरोना महामारी से बचाने के नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी है और इन लोगों के लिए रास्ते में खाने-पीने का बंदोबस्त भी करना है। 

मोहाली जिला प्रशासन ने पिछले एक हफ्ते में करीब 15 हजार लोगों को सफलतापूर्वक उनके राज्यों में भेजा है। डिप्टी कमिश्नर गिरीश दियालन ने कहा कि प्रशासन ने पूरी प्लानिंग से काम किया है। पहले चरण में सबसे ज्यादा हरदोई जाने वाले लोग थे। ऐसे में वहां के लिए ट्रेन रवाना की गई थी। इसके अलावा अब जरूरी स्थानों पर विशेष रेलगाड़ियों के माध्यम से लोगों को भेजा जा रहा है।  

उन्होंने बताया कि अब विभिन्न स्थानों पर रुकने वाली ट्रेन को भी रवाना किया जा रहा है। इसके मद्देनजर 8वीं ट्रेन गुरुवार को दोपहर करीब 1 बजे बिहार के लिए रवाना हुई। जिसमें 1501 प्रवासी मजूदूरों को वापस उनके गृह राज्य भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन के कोच बढ़ाए गए हैं। क्योंकि बिहार में पहुंचकर यह ट्रेन कटिहार, पटना, चंपारण और बरौनी में लोगों को उतारेगी। 

वहीं जिन लोगों ने वापस जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ था, उनमें से कुल 30 फीसदी लोग जाने से मना कर रहे हैं। मोहाली प्रशासन की तरफ से अब रोपड़ और नवांशहर से आने लोगों की बोर्डिंग की सुविधा बढ़ाने का फैसला किया है। इसी तरह मोहाली से बाहर जिस शहर में कम लोग जाना चाहते हैं और वें जिला प्रशासन के शेड्यूल में नहीं हैं, उन्हें पड़ोसी जिलों से जाने वाली ट्रेन के जरिये रवाना किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 225 प्रवासियों को बुधवार सरहिंद भेजा गया है। वहां से उन्हें मणिपुर और आंध्र प्रदेश के लिए रवाना किया है, जबकि 9 लोग मध्य प्रदेश जाएंगे। 

प्राइवेट वाहनों से जाने वालों की स्क्रीनिंग की जाएगी

100th train carrying migrants departs from Ludhiana railway station
जालंधर में बिहार जाते प्रवासी मजदूर। - फोटो : अमर उजाला

इसके अलावा प्राइवेट वाहनों से वापस जाने की मांग कर रहे लोगों को स्क्रीनिंग के बाद भेजने की अनुमति दी जा रही है। एक बार कलेक्शन सेंटर और एक बार रेलवे स्टेशन पर सभी प्रवासियों की दो बार जांच की जा रही है। उन्हें कलेक्शन सेंटर से रेलवे स्टेशन तक बसों में मुफ्त भेजा जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से उन्हें पैक खाना, पानी की बोतल और बिस्कुट के पैकेट मुहैया करवाए जा रहे हैं।

बिहार जाने के लिए जालंधर से पैदल ही निकले मजदूर
पंजाब में श्रमिकों के हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। जालंधर में कपूरथला, होशियारपुर, ब्यास और पंजाब के दूसरे इलाकों से प्रवासी मजदूर पहुंच रहे हैं। सभी प्रवासियों का एक ही मकसद है कि किसी भी तरह उनको अपने राज्य भेज दें, ताकि वे अपने-अपने घर जा सकें। सरकार के प्रयास से श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनें तो चली मगर उसके बाद भी जालंधर में फंसे अभी तक हजारों की संख्या में श्रमिक अपने राज्य वापस नहीं जा पाए। 

कई दिनों से सड़कों पर ही रह रहे श्रमिकों का विश्वास अब सरकार से उठ चुका हैं। इसलिए अब दो दर्जन के करीब श्रमिक अपने परिवार समेत जालंधर से पैदल ही बिहार के लिए रवाना हो गए। इस महामारी के दौरान तमाम प्रवासियों को अभी तक सहूलतें नहीं मिल पा रही हैं। यहीं वजह ही कि वे अपने राज्य ही वापस जाना चाहते हैं।

प्रवासियों अनुसार लॉकडाउन के बाद से ही यहां पर उनका कामकाज बंद है, उसके बाद कोई भी उनकी मदद नहीं कर रहा। मालिकों ने भी कोई मदद नहीं की और सरकार ने भी कोई सहयोग नहीं किया। बिहार के लिए पैदल निकले मजदूरों ने बताया कि जाने के लिए सरकार की हिदायतों के अनुसार 6 मई को ऑनलाउन रजिस्ट्रेशन करवाया था। लेकिन श्रमिक एक्सप्रेस में जाने के लिए उनका अभी तक नंबर ही नहीं आया। 

कई दिनों से सड़कों पर ही दिन-रात गुजारते रहे। धीरे-धीरे जो राशन था वो खत्म होता गया फिर सभी ने सोचा की भूखे मरने से अच्छा है कि जब तक शरीर चलेगा पैदल ही चलेंगे। इसलिए करीब दो दर्जन मजदूर अपने परिवारों के साथ पैदल ही जालंधर से बिहार रवाना हो गए। 

ट्रेन में जगह नहीं तो साइकिल से जाने की दे दो मंजूरी

प्रवासियों की अपील है कि सरकार जालंधर से भी जनसेवा, जन नायक के रूट वाली गाड़ियां चलाएं। कुछ मजदूर तो कह रहे हैं कि वे साइकिल से गांव जा सकते हैं। खासकर जिन श्रमिकों को हरियाणा और यूपी से वापस जालंधर भेजा गया था उन्हें अब सरकार की सख्ती पर गुस्सा आ रहा हैं।

बठिंडा: श्रमिक एक्सप्रेस बठिंडा से बिहार रवाना 
लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर गुरुवार को श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन 1521 मजदूरों को लेकर बिहार के लिए रवाना हुई। यह तीसरी श्रमिक ट्रेन है जो शुक्रवार को बिहार के बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। इससे पहले दो श्रमिक गाड़ियों के जरिये 2500 के करीब प्रवासी मजदूरों को बिहार एवं झारखंड भेजा जा चुका है।

होशियारपुर: देर रात दुबई से पहुंचे जिले के 23 लोग
वंदे भारत के तहत विदेश से भारतीयों का आना शुरू हो गया है। बीती रात दुबई से अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे जिले के 23 व्यक्ति देर रात होशियारपुर पहुंचे। इन व्यक्तियों को रयात-बाहरा इंस्टीट्यूट होशियारपुर में 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर लिया गया है। डीसी अपनीत रियात ने बताया कि अलग-अलग देशों में रह रहे जिले से संबंधित व्यक्ति आने वाले समय में भी होशियारपुर आएंगे व प्रशासन की ओर से जहां इनको एकांतवास पर रखा जाएगा। रियात ने बताया कि उत्तराखंड जाने के लिए 374 व्यक्तियों ने पंजीकरण करवाया है। जिन्हें आज रात बसों से हरिद्वार (उत्तराखंड) रवाना किया जाएगा। 15 मई को पंजीकृत लोगों को झारखंड रवाना किया जाएगा। 

फिरोजपुर से 1188 मजदूर यूपी भेजे गए

फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन से स्पेशल श्रमिक ट्रेन पर 1188 मजदूर सवार होकर उत्तर प्रदेश के कानपुर के लिए रवाना हुए। ये सभी लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हो गए थे और फिरोजपुर में इन्हें कोई कामकाज नहीं मिलने के कारण ये सभी अपने घर लौट गए हैं। फिरोजपुर में रह रहे यूपी व बिहार के लगभग चार हजार से अधिक मजदूर हैं, जिन्होंने अपने घर जाने के लिए जिला प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन करवाया है। 

गुरुवार को फिरोजपुर से पहली ट्रेन चली जो 1188 मजदूरों को लेकर कानपुर रवाना हुई है। डीसी कुलवंत सिंह ने कहा कि उक्त ट्रेन पर सिर्फ वही यात्री गए हैं, जिन्होंने अपने आप को पंजाब सरकार के पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाया था। उक्त सभी मजदूरों को मोबाइल फोन पर संदेश देकर ट्रेन के चलने की सूचना दी गई। इनके खानपान का पूरा बंदोबस्त किया गया है।

फतेहगढ़ साहिब: 1204 प्रवासी मजदूर बस्ती के लिए रवाना
प्रवासी मजदूरों को अपने राज्यों तक पहुंचाने के लिए बुधवार को सरहिंद रेलवे स्टेशन से दो गाड़ियां रवाना कीं गईं। बुधवार देर रात 9 बजे यूपी के जिला बस्ती के लिए श्रमिक एक्सप्रेस में 1204 प्रवासी मजदूरों को भेजा किया गया। इस अवसर पर प्रशासन ने मजदूरों को बंद बोतल मिनरल पानी, डिब्बा बंद शुद्ध खाना प्रदान किया। 

डीसी अमृत कौर गिल ने बताया कि तय प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन के बाद मेडिकल स्क्रीनिंग पूरी होने पर इस विशेष रेलगाड़ी के द्वारा प्रवासियों को उनके राज्यों को भेजा गया है। कोरोना से बचाव संबंधी सामाजिक दूरी समेत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी हिदायतों का पालना भी किया गया है। इस मौके यात्रियों ने कहा कि पंजाब सरकार ने उनके वापसी के लिए जो प्रयास किया है, वह उसके लिए पंजाब सरकार के धन्यवादी हैं। 

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