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यहां 100 किसान और उनके परिवार नहीं देंगे वोट
ब्यूरो/अमर उजाला, (नडाला) कपूरथला
Updated Sat, 26 Apr 2014 02:40 PM IST
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मंड क्षेत्र में किसानों की कृषि योग्य जमीन को दरिया ब्यास की ओर से लगाई गई ढाह को रोकने के लिए सरकार की तरफ से कोई ठोस प्रयत्न न करने के विरोध में रायपुर अराईया और चक्कोकी गांव के लगभग 100 किसान परिवारों ने लोकसभा चुनाव का मुकम्मल बहिष्कार करने का फैसला किया है।
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2007 में दरिया ब्यास ने कपूरथला के मंड क्षेत्र की तरफ ढाह लगानी शुरू कर दी थी। इससे मंड क्षेत्र में 12 गांवों की करीब 15 हजार एकड़ उपजाऊ जमीन दरिया में समा गई है। इसके अलावा किसानों के 4 डेरे, दो ट्रांसफार्मर और चार मोटर दरिया के पानी में समा चुकी हैं।
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अमरीक सिंह किसान की मोटर और मकान पानी में समाने के लिए तैयार हैं। दरिया ब्यास के इस कहर से चरणजीत सिंह, सुलक्खन सिंह, सर्बजीत सिंह, इंद्रजीत कौर, रणजीत सिंह और रणजोध सिंह की जमीन पानी में बह चुकी है। अमरीक सिंह, सुरिंदर कौर, बलजीत सिंह और बलजिंदर सिंह की आधी से ज्यादा जमीन दरिया ब्यास में समा चुकी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि 2007 में अकाली भाजपा सरकार बनने से कुछ समय के मंत्री जनमेजा सिंह सेखों, बीबी जागीर कौर और डीसी कपूरथला मौका देखने आए। किसानों ने गुहार लगाई, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला।
गांव चक्कोकी के किसान जतिंदर सिंह ने करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर मिट्टी और रेत की बोरियां भरकर लगाई, लेकिन दरिया के आगे किसी का कोई जोर नहीं चला। पीड़ित किसान जतिंदर सिंह, अमरीक सिंह, सर्बजीत सिंह और नवजोत सिंह ने बताया कि इतना समय बीत जाने के बाद भी किसी राजनीतिक पार्टी ने उसका साथ नहीं दिया।
अगर ग्रामीणों की जमीन और मकान दरिया में समा गए तो वह राजनीति से अपना पेट नहीं भर सकते। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द ही उनकी समस्या की तरफ ध्यान दिया जाए वरना वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे।