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सरकार का बड़ा फैसला, पक्के होंगे कर्मचारी

Mon, 16 Jun 2014 04:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 16 Jun 2014 04:08 PM IST
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10-year-old employee of haryana will be consolidate in 2018

हरियाणा सरकार ने अपनी रेगुलराइजेशन पॉलिसी में संशोधन करते हुए कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जो कर्मचारी 2018 तक 10 साल की सेवा पूरी करेंगे, उन्हें रेगुलर किया जाएगा।

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बैठक में एकमुश्त उपाय के तौर पर यह फैसला लिया गया कि किसी स्वीकृत पद के समक्ष नियुक्त किसी भी कर्मचारी, जिसने सेवा के दस वर्ष पूरे कर लिए हैं या 31 दिसंबर, 2018 की निर्दिष्ट तिथि को पूरे हो जाएंगे, उनको नियमित किया जाएगा।
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चाहें कर्मचारी की मूल नियुक्ति विज्ञापन तथा साक्षात्कार की प्रक्रिया के माध्यम से न की गई हो। बशर्ते उसका सेवा का रिकार्ड संतोषजनक होना चाहिए।

गेस्ट टीचरों को भी फैसले का लाभ

10-year-old employee of haryana will be consolidate in 2018

सरकार के इस फैसले का लाभ विभिन्न सरकारी कार्यालयों और बोर्ड और निगमों में कार्यरत कर्मचारियों को तो मिलेगा ही, साथ ही लंबे समय से संघर्ष कर रहे गेस्ट टीचरों को भी इसका लाभ मिलेगा।

गेस्ट टीचरों को ध्यान में रखते हुए भी सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके अलावा बैठक में यादव कल्याण सभा, जांगिड़ ब्राह्मण प्रादेशिक  सभा, अग्रवाल सभा तथा पंजाबी सभा को रेवाड़ी में उनकी धर्मशालाओं के निर्माण के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इन चारों सभाओं को 65 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के मार्केट रेट के 10 प्रतिशत पर भूमि आवंटित करने का फैसला लिया गया है। बैठक में लोक निर्माण बीएंड आर से संबंधित भूमि में से सैनी सभा को भी उसी रेट पर एक हजार वर्ग गज भूमि देने का फैसला लिया गया।

सर्व कर्मचारी संघ ने उठाए सवाल

10-year-old employee of haryana will be consolidate in 2018

सर्व कर्मचारी संघ ने हुड्डा सरकार की रेगुलराइजेशन पॉलिसी पर सवाल खड़ा किया है। संघ के नेताओं ने कहा कि पॉलिसी की कटऑफ डेट 31 दिसंबर, 2018 के बजाय रविवार की होनी चाहिए। समय अवधि 10 से कम करके दो वर्ष की जानी चाहिए।

यह मामला भविष्य पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि यह निर्णय लागू होगा या नहीं कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता। संघ के प्रधान धर्मबीर फौगाट और महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि जब तक स्वीकृत पदों के विरुद्ध नियुक्ति की शर्त रेगुलराइजेशन की नीति में लगाई जाती रहेंगी, तब तक कर्मचारी पक्के नहीं होंगे।

उन्होंने सवाल खड़ा किया कि विभाग यह बताए कि जो कर्मचारी स्वीकृत पदों के विरुद्ध नहीं लगाए गए, उन्हें वेतन किस प्रकार से दिया जा रहा है। संघ ने कहा कि रेगुलराइजेशन की नीति में सरकार ने क्या संशोधन किया है, यह भी स्पष्ट नहीं है।

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