{"_id":"5edb0309fc3704fc047fe553dd891dee","slug":"10-year-imprisonment-to-nine-bangladeshi-dacoits","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ बांग्लादेशी डकैतों को 10 साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ बांग्लादेशी डकैतों को 10 साल की कैद
Updated Thu, 03 Apr 2014 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्थानीय अदालत ने सेक्टर-10 स्थित एक कोठी में डकैती डालने वाले नौ
विज्ञापन
बांग्लादेशियों को 10-10 साल कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा
सुनाई।
इन डकैतों ने 15-16 जुलाई 2010 की रात को परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया था।
दोषियों में नारुल इस्लाम, अबू जफर, वाजिद अली, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद बिलाल, राकीब होलीदर, जमाल होलीदर, कमरूले व अलमिन खान शामिल हैं।
कोर्ट में दाखिल पुलिस केस के मुताबिक सेक्टर-10 में महेंद्र प्रताप, विनोद कुमार व राकेश कुमार तीनों भाई 15-16 जुलाई की रात अलग-अलग फ्लोर पर सोए थे।
आधी रात बाद नौ लोग ग्राउंड फ्लोर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और जो सदस्य जागे, उन्हें गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया।
महेंद्र प्रताप के परिवार को रस्सियों से बांधने के बाद फर्स्ट फ्लोर पर गए और उसके बाद सेकेंड फ्लोर पर। इस तरह करीब एक घंटे तक उत्पात मचाया और करीब 20 लाख रुपये के गहने व नकदी लेकर फरार हो गए।
सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज होने के कई दिनों बाद ऐसी ही डकैती बिजनौर (यूपी) में हुई और आरोपी पकड़े गए। पंचकूला पुलिस वहां से आरोपियों की तस्वीरें लाकर पीड़ित परिवार को दिखाई।
पहचान होने के बाद आरोपियों को बिजनौर से लाया गया। उसके बाद पंचकूला में केस चला और मंगलवार को आरोपियों को दोषी करार देने के बाद बुधवार को सजा सुनाई गई।
इन डकैतों ने 15-16 जुलाई 2010 की रात को परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया था।
दोषियों में नारुल इस्लाम, अबू जफर, वाजिद अली, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद बिलाल, राकीब होलीदर, जमाल होलीदर, कमरूले व अलमिन खान शामिल हैं।
कोर्ट में दाखिल पुलिस केस के मुताबिक सेक्टर-10 में महेंद्र प्रताप, विनोद कुमार व राकेश कुमार तीनों भाई 15-16 जुलाई की रात अलग-अलग फ्लोर पर सोए थे।
आधी रात बाद नौ लोग ग्राउंड फ्लोर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और जो सदस्य जागे, उन्हें गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया।
महेंद्र प्रताप के परिवार को रस्सियों से बांधने के बाद फर्स्ट फ्लोर पर गए और उसके बाद सेकेंड फ्लोर पर। इस तरह करीब एक घंटे तक उत्पात मचाया और करीब 20 लाख रुपये के गहने व नकदी लेकर फरार हो गए।
सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज होने के कई दिनों बाद ऐसी ही डकैती बिजनौर (यूपी) में हुई और आरोपी पकड़े गए। पंचकूला पुलिस वहां से आरोपियों की तस्वीरें लाकर पीड़ित परिवार को दिखाई।
पहचान होने के बाद आरोपियों को बिजनौर से लाया गया। उसके बाद पंचकूला में केस चला और मंगलवार को आरोपियों को दोषी करार देने के बाद बुधवार को सजा सुनाई गई।