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हरियाणा के 10 जिलों में करोड़ का घोटाला, ईडी ने दाखिल की रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 21 Sep 2016 02:11 AM IST
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हरियाणा के 10 जिलों में 10 हजार करोड़ के वैट (मूल्य संवर्द्धित कर) घोटाले में मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने इस मामले में हाईकोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इसमें बताया गया कि अब तक 58 एफआईआर दर्ज होने सहित प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत इस मामले की जांच चल रही है।
करोड़ों के वैट घोटाले के तार हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली से जुड़े हैं। हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है। अगली सुनवाई पर ही इस मामले की जांच सीबीआई जांच को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में हुई पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से करोड़ों के वैट घोटाले से संबंधित रिकार्ड सील करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता ने इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है, जिस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई व ईडी से जवाब मांगा था।
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करोड़ों के वैट घोटाले के तार हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली से जुड़े हैं। हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है। अगली सुनवाई पर ही इस मामले की जांच सीबीआई जांच को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में हुई पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से करोड़ों के वैट घोटाले से संबंधित रिकार्ड सील करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता ने इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है, जिस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई व ईडी से जवाब मांगा था।
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मामले की सीबीआई जांच का निर्णय अगली सुनवाई पर
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वकील प्रदीप रापड़िया की ओर से इस मामले में कहा गया है कि एसआईटी लोकायुक्त ने भी अतिरिक्त मुख्य सचिव पर घोटाले की जांच का काम केवल एक जिले तक सीमित रखते हुए जांच में रुकावट पैदा करने के आरोप लगाए गए हैं। सरकार की ओर से इस मामले में कहा गया कि डिफॉल्टर व्यापारियों से 2000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है।
हरियाणा में वर्ष 2004 से करोड़ों के चर्चित वैट घोटाले की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर विशेष रूप से गठित कमेटी ने की थी, जिसमें 10 हजार करोड़ के घोटाले का खुलासा हुआ था। इस मामले में प्रदेश के कई बड़े व्यापारियों, बिल्डरों के भी नाम होने के संकेत मिले थे, लेकिन जांच कमेटी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर दो लोगों ने इस मामले की जांच को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए सीबीआई और ईडी से जांच करवाने और घोटाले में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की थी।
हरियाणा में वर्ष 2004 से करोड़ों के चर्चित वैट घोटाले की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर विशेष रूप से गठित कमेटी ने की थी, जिसमें 10 हजार करोड़ के घोटाले का खुलासा हुआ था। इस मामले में प्रदेश के कई बड़े व्यापारियों, बिल्डरों के भी नाम होने के संकेत मिले थे, लेकिन जांच कमेटी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर दो लोगों ने इस मामले की जांच को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए सीबीआई और ईडी से जांच करवाने और घोटाले में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की थी।