Renewable Energy: भारत को हरित ऊर्जा में मिली बड़ी सफलता,समय से पहले हासिल किया 50% गैर-जीवाश्म ईंधन लक्ष्य
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि भारत ने कुल 484.8 गीगावाट स्थापित क्षमता में से 242.8 गीगावाट यानी गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि भारत ने अपने निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2030 से पूरे पांच साल पहले हासिल कर ली है।
विस्तार
भारत ने अपनी कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर लिया है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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484.8 गीगावाट में से 242.8 गीगावाट का लक्ष्य किया हासिल
उन्होंने बताया कि देश ने कुल 484.8 गीगावाट की स्थापित क्षमता में से 242.8 गीगावाट अब गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त की है। यह उपलब्धि भारत ने अपने निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2030 से पूरे पांच साल पहले हासिल कर ली है।
भारत का 2030 का लक्ष्य
देश में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
जोशी ने कहा स्वच्छ भारत की दिशा में बड़ा कदम
जोशी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में एक बड़ी जलवायु प्रतिबद्धता पूरी हुई है। भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता अब 484.8 गीगावाट है, जिसमें 242.8 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है, जो हमारी हरित प्रगति का एक शक्तिशाली प्रमाण है। यह केवल एक मील का पत्थर नहीं है। यह 2047 तक हरित, स्वच्छ भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।
In a world seeking climate solutions, India is showing the way.
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) July 14, 2025
Achieving 50% non-fossil fuel capacity five years ahead of the 2030 target is a proud moment for every Indian.
Hon'ble PM Shri @narendramodi ji’s leadership continues to drive Bharat’s green transformation — paving… pic.twitter.com/ydzWErWQNC
उन्होंने कहा कि 2030 के लक्ष्य से पांच वर्ष पहले ही 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। पीएम मोदी का नेतृत्व भारत के हरित परिवर्तन को आगे बढ़ा रहा है और आत्मनिर्भर और टिकाऊ भविष्य का मार्ग दिखा रहा है।