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भारत-चीन के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा: हरदीप पुरी से मिले चीन की तेल कंपनी के प्रमुख, हुई क्या बात?
Mon, 14 Sep 2026 08:25 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 14 Sep 2026 08:25 PM IST
सार
भारत और चीन के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर नई दिल्ली में अहम बातचीत हुई। चीन की चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के अध्यक्ष दाई हौलियांग ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। बातचीत में तेल और गैस, नई ऊर्जा तथा हरित और कम कार्बन वाले विकास में साझेदारी के अवसर तलाशने पर जोर दिया गया।
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भारत-चीन ने तेल-गैस और नई ऊर्जा पर की बात
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत और चीन ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की है। चीन की प्रमुख तेल कंपनी चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (सीएनपीसी) के अध्यक्ष दाई हौलियांग ने सोमवार को नई दिल्ली में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की।
चीन के सरकारी मीडिया ने सीएनपीसी के हवाले से बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
पश्चिम एशिया संकट से कैसे करीब आए भारत-चीन?
यह बैठक पिछले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात के बाद हुई है। यह ऐसे समय में भी हुई है जब पश्चिम एशिया में संकट गहरा रहा है और हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं। गौरतलब है कि भारत और चीन कच्चे तेल के दुनिया के दो प्रमुख आयातक हैं।
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बैठक में दाई ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन और भारत के नेताओं ने कई बार मुलाकात की है। दोनों देशों के नेताओं ने एक-दूसरे को साझेदार और विकास के अवसरों के रूप में देखने को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनाई है। इससे द्विपक्षीय संबंधों को दिशा मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को और बढ़ाने के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।
चीन की तेल कंपनी ने भारत को लेकर दिया क्या बयान?
सरकारी ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, दाई ने कहा, 'सीएनपीसी दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने, संवाद और समन्वय मजबूत करने तथा तेल और गैस, नई ऊर्जा और हरित एवं कम कार्बन वाले विकास में सहयोग के अधिक अवसर तलाशने के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करने को तैयार है।'
दाई ने कहा कि दोनों देश वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था में अपनी आवाज और प्रभाव बढ़ाने के लिए भी मिलकर काम कर सकते हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता और टिकाऊ विकास में योगदान दिया जा सकता है।
भारत के साथ समन्वय मजबूत करने की कवायद
चीन की तेल और गैस कंपनी के प्रमुख ने तेल और गैस, नई ऊर्जा तथा हरित और कम कार्बन वाले विकास में सहयोग के और अवसर तलाशने के लिए भारत के साथ संवाद और समन्वय मजबूत करने की इच्छा भी जताई। बैठक में भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ऊर्जा सहयोग ब्रिक्स के एजेंडे में लगातार अहम होता जा रहा है।
नई दिल्ली में सप्ताहांत में संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं ने संयुक्त घोषणा पत्र अपनाया था। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, घोषणा में ऊर्जा सुरक्षा को सामाजिक और आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सभी देशों के कल्याण की महत्वपूर्ण बुनियाद माना गया। घोषणा में संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा के सुचारु प्रवाह को सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया गया।
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चीन के सरकारी मीडिया ने सीएनपीसी के हवाले से बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
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पश्चिम एशिया संकट से कैसे करीब आए भारत-चीन?
यह बैठक पिछले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात के बाद हुई है। यह ऐसे समय में भी हुई है जब पश्चिम एशिया में संकट गहरा रहा है और हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं। गौरतलब है कि भारत और चीन कच्चे तेल के दुनिया के दो प्रमुख आयातक हैं।
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बैठक में दाई ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन और भारत के नेताओं ने कई बार मुलाकात की है। दोनों देशों के नेताओं ने एक-दूसरे को साझेदार और विकास के अवसरों के रूप में देखने को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनाई है। इससे द्विपक्षीय संबंधों को दिशा मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को और बढ़ाने के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।
चीन की तेल कंपनी ने भारत को लेकर दिया क्या बयान?
सरकारी ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, दाई ने कहा, 'सीएनपीसी दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने, संवाद और समन्वय मजबूत करने तथा तेल और गैस, नई ऊर्जा और हरित एवं कम कार्बन वाले विकास में सहयोग के अधिक अवसर तलाशने के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करने को तैयार है।'
दाई ने कहा कि दोनों देश वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था में अपनी आवाज और प्रभाव बढ़ाने के लिए भी मिलकर काम कर सकते हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता और टिकाऊ विकास में योगदान दिया जा सकता है।
भारत के साथ समन्वय मजबूत करने की कवायद
चीन की तेल और गैस कंपनी के प्रमुख ने तेल और गैस, नई ऊर्जा तथा हरित और कम कार्बन वाले विकास में सहयोग के और अवसर तलाशने के लिए भारत के साथ संवाद और समन्वय मजबूत करने की इच्छा भी जताई। बैठक में भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ऊर्जा सहयोग ब्रिक्स के एजेंडे में लगातार अहम होता जा रहा है।
नई दिल्ली में सप्ताहांत में संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं ने संयुक्त घोषणा पत्र अपनाया था। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, घोषणा में ऊर्जा सुरक्षा को सामाजिक और आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सभी देशों के कल्याण की महत्वपूर्ण बुनियाद माना गया। घोषणा में संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा के सुचारु प्रवाह को सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया गया।