दुनिया में अपनी जिंदगी से कई लोग परेशान हैं, जिसकी कई गंभीर वजहें भी हैं। अक्सर हम इतने परेशान हो जाते हैं कि बहुतों के मन में ख्याल आता होगा की धरती पर आए ही क्यों, या हम पैदा ही क्यों हुए? लेकिन शायद ही कभी किसी ने ऐसा सवाल अपने मां-बाप से किया होगा की हमें पैदा क्यों किया?एक ऐसा इंसान भी है जो मां-बाप के पैदा करने से इतना दुखी हो गया कि उन्हीं पर केस करने जा रहा है।
'मैं अपने माता-पिता से बेहद प्यार करता हूं और मेरे उनसे काफी अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन उन्होंने मुझे अपने स्वार्थ और खुशी के लिए पैदा किया है।' एेसा कहना है राफेल सैमुअल का कि उनकी इजाजत के बिना उसे पैदा करने के लिए वो अपने माता-पिता पर केस करेगा।
राफेल के अनुसार, उनकी जिंदगी बेहतरीन रही है लेकिन मुझे ये समझ नहीं आता कि मैं एक और जिंदगी को स्कूल, करियर के झमेले में क्यों फंसाऊं? खासकर तब जब उसने ऐसी जिंन्दगी की कामना ही नहीं की है।'
राफेल एन्टीनटालिज्म के समर्थक हैं। इस फिलॉसफी को मानने वाले जन्म के ही खिलाफ होते हैं। ये लोग मानते हैं कि बच्चे पैदा करने का मतलब होता है किसी की इच्छा के विरुद्ध उस पर जिंदगी थोपना। राफेल का ये भी कहना है, लोगों को ये पता होना चाहिए कि उनके पास बच्चे पैदा न करने का और अपने माता-पिता से उन्हें पैदा करने का कारण पूछने का अधिकार होना चाहिए।
एक आंदोलन भी है जो लोगों को बच्चों के बग़ैर जीने के लिए प्रेरित करता है। नाम है, 'वॉलेन्टरी ह्यूमन एक्सटींगशन मुवमेंट' (वीएचईएम)। इस संस्था की लीडर, प्रतिमा निक के अनुसार, हम अपने विचार किसी पर थोपना नहीं चाहते। लोगों को ये समझना होगा कि इस समय में बच्चे न पैदा करना क्यों जरूरी है। बच्चे पैदा करने के सामाजिक दबाव और प्राकृतिक संसाधनों के दुष्प्रयोग को रोकने के अलावा प्रतिमा ने इस आंदोलन से जुड़ने की एक और वजह बताई,कई बच्चे ऐसे हैं जिन्हें माता-पिता और घर की जरूरत है।