नए साल की शुरुआत में ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के. सिवन ने साल 2020 के अपने लक्ष्यों की घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया कि साल 2020 में गगनयान प्रोजेक्ट के साथ चंद्रयान-3 प्रोजेक्ट पर भी काम हो रहा है। गगनयान अंतरिक्ष में इसरो का पहला मानव मिशन होगा। इसके लिए भारतीय वायु सेना के चार पायलट चुने गए हैं। उनकी ट्रेनिंग जनवरी के तीसरे सप्ताह से रूस में शुरू होगी।
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इसरो ने गगनयान की घोषणा भले ही अब की हो लेकिन अंतरिक्ष में मानव मिशन की योजना पर काम साल 2007 से ही शुरू हो गया था। हालांकि तब बजट की कमी के चलते यह प्रयोग आगे नहीं बढ़ सका। उस वक्त इसरो के शक्तिशाली जीएसएलवी रॉकेट इंसानों को ले जाने वाले मॉड्यूल में सक्षम नहीं थे। इसरो के पास ऐसे रॉकेट या क्रायोजेनिक इंजन नहीं थे जो भारी क्रू मॉड्यूल का वजन उठा सकें। तब इस दिशा में प्रयोग शुरू हुए और साल 2014 में जीएसएलवी मार्क 2 रॉकेट बनने के बाद इसका समाधान हुआ।
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इसरो के प्रयोग क्रायोजेनिक इंजन बनाने में भी सफल रहे। इसरो ने एक बार फिर जीएसएलवी मार्क 3 के जरिए गगनयान मिशन की तैयारी की है। जीएसएलवी मार्क 3 वो रॉकेट है जो चंद्रयान 2 को लॉन्च करने में इस्तेमाल हुआ। इसरो ने चंद्रयान 2 के साथ मार्क 3 रॉकेट को तीन बार सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इसी की वजह से अंतरिक्ष में मानवमिशन का इसरो का सपना एक बार फिर 2017 में शुरू हुआ।
15 अगस्त 2018 को लाल किले से अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि भारत जल्द ही अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने का प्रोग्राम लॉन्च करेगा। इसके लिए 10 अरब करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसरो ने तब बेंगलुरु में इसरो मुख्यालय में मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र स्थापित की। गगनयान का पहला मिशन दो या तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजना था और फिर उन्हें सुरक्षित रूप से वापस लाना था।
इसरो के चेयरमैन सिवन ने घोषणा की है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर 2021 तक यह प्रयोग पूरा हो जाएगा। 2019 में अंतरिक्ष यात्रियों के चयन के अलावा, अंतरिक्ष यात्री की टीम ने क्रू मॉड्यूल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है जो उन्हें लेकर अंतरिक्ष में जाएगा और फिर धरती पर वापस लेकर आएगा। परीक्षण के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को किसी भी दुर्घटना से बचाने के लिए रॉकेट से उन्हें अलग करने के लिए अबॉर्ट टेस्ट भी सफलतापूर्वक किया गया गया।