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Bihar: समस्तीपुर में घर का सामान मंगाने के लिए पत्नी ने मांगे रुपये, पति ने जहर खाकर दे दी जान
Wed, 19 Apr 2023 07:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 19 Apr 2023 07:52 PM IST
सार
सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि दो दिनों तक घर में रखने के कारण मरीज का सही से इलाज नहीं हो पाया। अगर घटना के दिन उसे अस्पताल लाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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शोक में डूब परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के समस्तीपुर में पत्नी ने घर खर्च के लिए रुपये मांगे तो आर्थिक तंगी झेल रहे पति ने जहर खाकर जान दे दी। मामला जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के बेला पचरुखी गांव का है। बताया जा रहा है कि उक्त शख्स ने दो दिन पहले जहर खा लिया था। पुलिस में मामला न जाए इसलिए घर वाले ग्रामीण चिकित्सक से उसका घर पर ही इलाज करा रहे थे। बुधवार दोपहर जब उसकी स्थिति बिगड़ी तो परिवार के लोग उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान बेला पचरुखी गांव के नागेंद्र ठाकुर के बेटे संजीव कुमार ठाकुर (35) के रूप में की गई है। इस घटना में अब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले संजीव कुमार का अपनी पत्नी से घरेलू कारणों से विवाद हुआ था। संजीव की पत्नी घरेलू खर्च के लिए पैसा मांग रही थी। लेकिन काम धंधा नहीं होने के कारण वह नहीं दे पा रहा था। गांव में मजदूरी कर वह अपना जीवन यापन करता था। लोगों ने बताया कि संजीव पत्नी का गुस्सा सह नहीं पाया और उसने जहर खा लिया। पुलिस का मामला न फंसे इसलिए परिवार के लोग ग्रामीण चिकित्सक से संजीव का इलाज करा रहे थे।
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मृतक संजीव कुमार का फाइल फोटो
मृतक की बेटी सोनी कुमारी ने बताया कि दो दिनों के इलाज के बाद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बुधवार तीसरे पहर अचानक संजीव की तबीयत बिगड़ गई। उसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर सदर अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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कर्पूरीग्राम थानाध्यक्ष अनिशा सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस को अस्पताल भेजा गया है। समय पर इलाज हुआ होता तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं, सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि दो दिनों तक घर में रखने के कारण मरीज का सही से इलाज नहीं हो पाया। अगर घटना के दिन उसे अस्पताल लाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।