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जीतनराम मांझी की 'हम' से ज्यादा वोट तो मिले 'नोटा' को
Updated Mon, 09 Nov 2015 03:39 PM IST
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बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे दिलचस्प आंकड़ा नोटा का रहा। बीजेपी जीतनराम मांझी को अति पिछड़ों का वोट बैंक समझ रही थी लेकिन उनकी पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले हैं।
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विधानसभा चुनाव में 2.5 फीसदी मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। यानी उन्हें कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं आया। नोटा को कुल मिलाकर चुनाव में 9,47,185 वोट मिले।
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जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को 2.3 फीसदी यानी 8,64,856 वोट ही मिल पाए। उपेन्द्र कुशवाहा कि भारतीय लोक समता पार्टी को नोटा से बस कुछ ही ज़्यादा वोट मिले।
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उसे 2.6 फीसदी यानि 9,76,787 वोट मिले। नोटा से ज्यादा वोट बिहार में केवल 7 पार्टियों को मिला। जबकि 15 छोटी बड़ी पार्टियों को उससे कम वोट मिले।
इनमें हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा, बसपा, सीपीआई, सपा, एनसीपी, झामुमो, सीपीएम और एआईएमआईएम जैसी पार्टियां शामिल हैं।
बिहार विधानसभा चुनावों में बीजेपी को सबसे ज्यादा 24.4 फीसदी वोट मिले। जबकि आरजेडी 18.4 फीसदी वोट लेकर दूसरे नंबर पर रही।