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Bihar: 'मतदाता सूची पुनरीक्षण लोकतंत्र पर हमला', राजद का आरोप- बिहार को निशाना बना रही केंद्र सरकार

Sat, 28 Jun 2025 06:47 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,गोपालगंज Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sat, 28 Jun 2025 06:47 PM IST
सार

राजद ने चुनाव आयोग द्वारा बिहार में कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया है। पार्टी जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा और जदयू मिलकर गरीब, वंचित और शोषित वर्गों को मताधिकार से वंचित करने की योजना बना रहे हैं।
 

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Voter list revision is an attack on democracy RJD alleges Central government is targeting Bihar
राजद जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजद ने चुनाव आयोग द्वारा बिहार में कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया है। पार्टी जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा और जदयू मिलकर गरीब, वंचित और शोषित वर्गों को मताधिकार से वंचित करने की योजना बना रहे हैं।
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चुनाव आयोग द्वारा बिहार में चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने गंभीर आपत्ति जताई है। राजद जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने इसे केंद्र सरकार के इशारे पर लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके माध्यम से भाजपा और जदयू गरीब, वंचित और शोषित वर्गों से वोट देने का अधिकार छीनना चाहते हैं।
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यह बातें शुक्रवार को राजद के वरीय नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक में कही गईं। बैठक में राजद विधायक प्रेमशंकर यादव, राजेश सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक रेयाजुल हक राजू, पूर्व प्रत्याशी मोहन प्रसाद गुप्ता, प्रधान महासचिव इम्तेयाज अली भुट्टो, उपाध्यक्ष सुरेश चौधरी और पिंटू पांडेय समेत कई नेता मौजूद रहे।
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केवल बिहार में ही क्यों?

राजद नेताओं ने सवाल उठाया कि अगर मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की इतनी आवश्यकता है, तो यह केवल बिहार में ही क्यों किया जा रहा है? क्या देश के अन्य राज्यों को इसकी जरूरत नहीं है? नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया बिहार को निशाना बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने दावा किया कि यहां 8 करोड़ से अधिक मतदाता हैं और करीब 60 प्रतिशत लोगों को अब अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ेगी।

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25 दिन में प्रक्रिया पूरी करने पर उठाए सवाल

राजद नेताओं ने यह भी कहा कि वर्ष 2003 में जब चुनाव आयोग ने देशभर में ऐसा पुनरीक्षण कराया था, तब उसे पूरा करने में पूरे दो वर्ष लगे थे। लेकिन इस बार बिहार में यह कार्य मात्र 25 दिनों में पूरा करने की बात कही जा रही है, जो संदेह पैदा करता है।

संविधान के खिलाफ बताया अभियान

राजद नेताओं ने संघ के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबाले द्वारा संविधान बदलने संबंधी कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया संविधान के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। राजद ने ऐलान किया कि उनके एक-एक कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर इस पुनरीक्षण अभियान की सतत निगरानी करेंगे। पार्टी ने चेतावनी दी कि केंद्र और राज्य सरकार की किसी भी तरह की गड़बड़ी या हेराफेरी को सफल नहीं होने दिया जाएगा। राजद ने इस अभियान को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और इसे तत्काल रोकने की मांग की।
 
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