बिहार में सांप्रदायिक तनाव, थाना प्रभारी समेत 3 की मौत
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बिहार के वैशाली जिले में लालगंज के अगरपुर मुहल्ले में मंगलवार को सड़क हादसे में दो लोगों की मौत से शुरू हुए विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया है। बुधवार को दो समुदायों के बीच जारी झड़प में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए, इनमें से एक थाना प्रभारी समेत दो की मौत हो गई।
हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस की ओर से फायरिंग की गई है, इसमें पांच वर्षीय बच्चे समेत आठ लोगों के जख्मी होने की सूचना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कमार ने बुधवार को अपनी रांची यात्रा रद्द कर अधिकारियों के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पटना से वरिष्ठ अधिकारी और बिहार अल्पसंख्यक पुलिस (बीएमपी) समेत अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स लालगंज के लिए रवाना हो गई हैं। लालगंज को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सड़क हादसे में मरे दोनों मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया गया है।
दो दर्जन से ज्यादा घरों को लगा दी आग
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब मंगलवार को लालगंज थाना क्षेत्र के अगरपुर जीए स्कूल के पास एक अनियंत्रित पिकअप राजेद्र शर्मा के घर में घुस गई। इसमें 65 वर्षीय राजेंद्र चौधरी और उसकी छह माह की पोती की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। चालक दूसरे समुदाय का था इससे घटना ने सांप्रदायिक रूप ले लिया।
इसके बाद वैन चालक के घर पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस दौरान दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार सुबह तक करीब दो दर्जन से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया। बुधवार की सुबह कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिससे दो बच्चे घायल हो गए।
पुलिस फायरिंग के बाद सैकड़ों की संख्या में जमा उपद्रवियों ने पुलिस पर जबर्दस्त पथराव किया। जिसमेें तीन पुलिस कर्मी समेत कई घायल हो गए, बाद में घायलों में से एक थाना इंचार्ज समेत दो लोगों की मौत हो गई।