Upendra Kushwaha News : जिस मंच से सीएम नीतीश पर हमलावर रहे कुशवाहा, वहीं पत्नी ने शराबबंदी पर मांगा समर्थन
एक ओर जहां रालोजद पार्टी के कार्यकर्ता और नेता शराबबंदी पर समीक्षा की बात कर रहे हैं तो वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता ने शराबबंदी पर लोगों से समर्थन करने की अपील की। इस दौरान उपेंद्र कुशवाहा नई सरकार पर जमकर बरसे।
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एक ओर जहां रालोजद पार्टी के कार्यकर्ता और नेता शराबबंदी पर समीक्षा की बात कर रहे हैं तो वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता ने शराबबंदी पर लोगों से समर्थन करने की अपील की। हलांकि इस दौरान नालंदा में उपेंद्र कुशवाहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद पर जमकर बरसे। दरअसल राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में रालोजद का तीन दिवसीय राजनीतिक शिविर का आयोजन था जिसमें उपेन्द्र कुशवाहा नीतीश सरकार पर लगातार हमलावर होते रहे।
नीतीश कुमार नहीं बन सकते प्रधानमंत्री
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार अपने कर्मों की वजह से पीएम नहीं बन सकते हैं। उन्होंने सभी अवसरों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश जी को जो लगता है वही बात सही है। अगर उनके मन के विपरीत कोई बात कीजिएगा तो आप विरोधी हो जाईयेगा। उनको लगता है कि वे एक मात्र हरिश्चंद्र हैं और बाकी सब चोर हैं।
तेजस्वी को कंधा पर लेकर घूम रहे हैं नीतीश कुमार
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इन दिनों नीतीश कुमार तेजस्वी को कंधे पर बैठाकर राज्य-राज्य घूम रहे हैं। लालू जी आकर आशीर्वाद देते हैं और कहते हैं कि कोई चिंता मत करना हम हैं। अगर आशीर्वाद लेना देना ही था तो 18 साल पहले ही आप दोनों फरिया लेतें, बीच में बिहार की जनता को क्यों लाया गया। नीतीश कुमार ने सारा अवसर खो दिया है। और एक से एक उल्टा पलटी निर्णय ले रहे हैं।
राजद की भैंस डूबेगी ही, वह भी डूब जायेंगे
उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार के नई सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि एक समय में राजद के लोगों ने उन्हें क्या क्या कह कर नहीं संबोधित किया था। राजद के लोगों ने नीतीश कुमार के लिए शिखंडी, भिखमंगा, पलटू राम जैसे कई शब्दों का प्रयोग किया था और आज नीतीश कुमार राजद के भैंस पर सवारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजद की भैंस तो डूबेगी ही, वह भी डूब जाएंगे।
नौकरी देने के वादा पर तेजस्वी ने ठगा
उपेंद्र कुशवाहा ने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर हमलावर होते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि सरकार में आते ही पहली कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख युवाओं को नौकरी देंगे। लेकिन अब तक 100 से भी अधिक कैबिनेट की बैठक हो गई है लेकिन वह 10 लाख नौकरियां अब तक गायब हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा युवाओं को ठगने का काम किया गया है।
राजनीतिक फायदे के लिए आनंद मोहन को रिहा कराया
उपेंद्र कुशवाहा ने इसी बहाने तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए नीतीश कुमार पर हमलावर होते हुए कहा किराघोपुर विधानसभा क्षेत्र के राजपूत समाज के वोटरों को खुश करने के लिए आनंद मोहन को जेल से बाहर निकाला गया है। इसलिए राजपूत समाज के लोगों को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। तेजस्वी यादव के आदेश पर नीतीश कुमार ने यह निर्णय लिया है। अगर इतिहास के सुनहरे पन्नों में लिखा जाएगा कि उल्टा पुल्टा निर्णय लेने वाले सीएम कौन हैं तो वह नीतीश कुमार के नाम से जाना जाएगा।
अपने बातों से फिर पलटे नीतीश कुमार
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार फिर से अपने बातों से पलट गये। विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गला चीर चीर कर कह रहे थे कि जो दारू पिएगा वह मरेगा। अब उन्होंने अपने फैसले को फिर से पलटा है और मृतक के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा दे रहे हैं। जब जब नीतीश कुमार को लगता है कि उनके फैसले से वोट बैंक खिसक रहा है तो वह अपने फैसले को पलट देने का काम करते हैं।
शराबबंदी पर पार्टी में अलग-अलग राय
पार्टी के नेता जहां शराबबंदी पर समीक्षा की बात कर रहे हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता लोगों से शराबबंदी का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपलोग गांव गांव जाईये और लोगों को शराब न पीने के लिए जागरूक कीजिये।
बिहार में शिक्षा सुधार पर कसा तंज
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वे शिक्षा सुधार यात्रा पर निकले थे और कब से कह रहे थे कि शिक्षकों की बहाली की जो प्रक्रिया है। उस बहाली के प्रक्रिया के तहत जो शिक्षक आएंगे स्कूल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, शिक्षा की गुणवत्ता समाप्त हो जाएगी और सच में वही हो रहा था। हम लोगों ने इसके लिए 25 सूत्री मांग रखी थी और कहा था कि जो शिक्षक बहाली की प्रक्रिया है उसे बदला जाए, दूसरा आयोग बनाकर उससे शिक्षकों की बहाली की जाए। अब नीतीश कुमार ने बीपीएससी के जरिए शिक्षक को बहाल करने का निर्णय लिया है। इसमें भी ठगने का काम किया जा रहा है। जो राज्य कर्मी का दर्जा देने के बात सरकार कह रही है वह भी काफी कम वेतन में बहाल करने की प्रक्रिया चल रही है। 18 सालों में जिस गुणवत्ता की शिक्षा बच्चों को मिली है, जिससे उनका जो भविष्य बर्बाद हुआ है इसकी भरपाई कैसे होगी।