Sushant Singh Rajput Case: सीबीआई ने अपने हाथ में लिया मामला, रिया चक्रवर्ती सहित 6 के खिलाफ एफआईआर
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अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में फिर से प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने बिहार पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली है। जांच एजेंसी ने दिवंगत अभिनेता की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और उसके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर आपराधिक षड्यंत्र और आत्महत्या के लिए उकसाने की खातिर पटना पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को फिर से दर्ज किया है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने दी।
सीबीआई ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिया चक्रवर्ती, इंद्रजीत चक्रवर्ती, संध्या चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा, श्रुति मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस अधीक्षक नूपुर प्रसाद के नेतृत्व में विशेष जांच दल इसकी जांच करेगा और इसकी निगरानी डीआईजी गगनदीप गंभीर और संयुक्त निदेशक मनोज शशिधर करेंगे। दोनों गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं।
सूत्रों ने बताया कि रोजाना आधार पर एजेंसी में शीर्ष स्तर पर मामले की निगरानी होगी। पटना पुलिस ने भादंसं की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी, जो कथित आपराधिक षड्यंत्र, ठगी और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी हुई थी। बिहार सरकार की अनुशंसा पर इसे सीबीआई को सौंपा गया है जिसे केंद्र सरकार ने एजेंसी के पास भेजा है।
मुंबई से वापस लौटे बिहार पुलिस के चार अधिकारी
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच करने के लिए मुंबई गए जांच अधिकारी सहित बिहार पुलिस के चार अधिकारी वापस राज्य लौट आए हैं। वहीं आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी अब भी मुंबई में क्वारंटीन में हैं। लौटने के बाद सभी ने आईजीपी के दफ्तर में रिपोर्ट किया।
Patna: Four officers of Bihar Police including the Investigating Officer, who were in Mumbai to probe Sushant Singh Rajput death case, return to the state.
— ANI (@ANI) August 6, 2020
Patna (Central) Superintendent of Police (SP) Vinay Tiwari continues to be quarantined in #Mumbai. pic.twitter.com/UzwrDG3Y1k
वहां काम करना था मुश्किल
वापस लौटे अधिकारियों का कहा है कि वहां काम करना मुश्किल था। वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सपोर्ट मिला जिससे कि हम काम कर पाए। हमें जांच में जो जानकारी मिली है वो सीबीआई जांच के लिए अहम साबित होगी। मुंबई गई इस टीम में पुलिस अधिकारी कैसर, मनोरंजन भारती, निशांत और दुर्गेश शामिल थे। उन्होंने कहा कि अब जांच सीबीआई के पास है इसलिए जांच के बारे में ज्यादा बताना संभव नहीं है। हमसे जितना हो सकता था हमने उतने की जांच की है। सीनियर का आदेश मिलने के बाद हम पटना लौट आए।
ईडी के दफ्तर पहुंचे सैमुअल मिरांडा
सुशांत सिंह मौत मामले में रिया चक्रवर्ती के सहयोगी सैमुअल मिरांडा गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर पहुंचे। ईडी ने कल भी उनसे पूछताछ की थी।
डीजीपी बोले- पुलिस अधिकारी को क्वारंटीन करने का कदम अव्यवहारिक
बिहार के डीजीपी ने कहा, 'मुंबई पुलिस का बिहार पुलिस अधिकारी को क्वारंटीन करने का कदम अव्यवहारिक है। यहां तक कि, उच्चतम न्यायालय ने भी मामले में अपनी टिप्पणी की। फिर भी, उनकी (मुंबई पुलिस) तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। तिवारी को अभी भी छोड़ा नहीं जा रहा है।'
ऑनलाइन कार्यवाही कर सकते हैं बिहार के आईपीएस अधिकारी
बीएमसी के अपर नगर आयुक्त ने मुंबई में बिहार के आईपीएस अधिकारी को चार अगस्त को क्वारंटीन किए जाने के कदम पर आईजीपी पटना (सेंट्रल) को पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में लिखा है कि 'वे महाराष्ट्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे कि जूम/ गूगल मीट/ जियो मीट या ऐसे अन्य प्लेटफॉर्म पर कार्यवाही कर सकते हैं।'
विनय तिवारी को क्वारंटीन से नहीं मिली छूट
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, 'विनय तिवारी को क्वारंटीन से छूट नहीं मिली है, यह हाउस अरेस्ट की तरह है। कल महाधिवक्ता से परामर्श के बाद हम तय करेंगे कि क्या कार्रवाई की जाए। अदालत जाना भी एक विकल्प है।'
दिशा सालियान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को एक याचिका दायर की गई। इसमें सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत की जांच भी सीबीआई से कराने का निर्देश देने की मांग की गई है।
सुशांत और दिशा की मौत का है आपस में सबंध
वकील विनीत ढांडा ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करके सुशांत और दिशा के मामलों के एक-दूसरे से जुड़े होने का हवाला दिया गया है। याचिका में मुंबई पुलिस को सालियन की मौत की जांच रिपोर्ट का रिकॉर्ड रखने का निर्देश देने की मांग भी की है। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा गया है कि उनकी केस फाइल गायब है या डिलीट कर दी गई है। ढांडा ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस केस की रिपोर्ट मांगी जाए। यदि जांच ठीक न लगे तो इस मामले को भी सीबीआई को सौंपा जाए।