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Bihar Mob Lynching : मांझी के मुबारकपुर में पीटे गए एक और युवक की पटना में मौत; सारण में नेट 10 तक बंद

Wed, 08 Feb 2023 11:30 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/छपरा Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Wed, 08 Feb 2023 11:30 PM IST
सार

Bihar : सारण में 6 फरवरी से सोशल मीडिया पर लगा पूर्ण प्रतिबंध बढ़ाकर 10 फरवरी की रात 11 बजे तक के लिए कर दिया गया है। मांझी के मुबारकपुर में एक की मौत के बाद शेष बचे दो घायलों में एक युवक राहुल कुमार सिंह की पटना में मौत हो गई है।

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social site ban extended in saran after Mob Lynching murder, second injured is declared brain dead
सारण जिले में इंटरनेट की सोशल मीडिया साइट्स पर लगा प्रतिबंध बढ़ाया गया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सारण के मांझी में मुबारकपुर के मुखिया-पति पर फायरिंग का आरोप लगाकर जिन तीन युवकों को उसके मुर्गा फार्म के कमरे में बंद कर बेसुध होने तक पीटने का मामला अभी ठंडा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। उनमें से एक युवक अमितेश कुमार सिंह की मौत के बाद जातिगत तनाव के बाद मुखिया-पति के टोले में आगजनी-तोड़फोड़ हुई तो सारण में 6 फरवरी से सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। बुधवार शाम इस प्रतिबंध को बढ़ाकर 10 फरवरी की रात 11 बजे तक के लिए कर दिया गया है। पुलिस-प्रशासन सोशल मीडिया बैन से तनाव में राहत की बात कह रहा, जबकि तनाव की आशंका घटने वाली दिख नहीं रही। वजह यह है कि शेष दो घायलों में एक युवक राहुल कुमार सिंह को बुधवार शाम पटना में डॉक्टरों ने ब्रेन डेड बताया और रात करीब 11 बजे मृत घोषित होते ही आननफानन में पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर PMCH भागी। 'अमर उजाला' के पास शाम 8 बजे ही यह जानकारी थी कि पाटलिपुत्र स्थित निजी अस्पताल के बाहर जमा भीड़ घटने के बाद उसे मृत घोषित किया जाएगा। इस बीच, राहत की बात इतनी है कि बुरी तरह घायल होकर भी आलोक कुमार सिंह उर्फ विक्की हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गया है। पिटाई का वीडियो वायरल होने के कारण घटना में शक की गुंजाइश नहीं, लेकिन अब इस चश्मदीद के कारण हत्यारों को सजा तक पहुंचाना आसान होगा।

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social site ban extended in saran after Mob Lynching murder, second injured is declared brain dead
मुबारकपुर में पुलिस कुर्की की कार्रवाई में जुट गई है। - फोटो : अमर उजाला

इश्तेहार चस्पा, मगर विजय यादव पहुंच से बाहर
मुबारकपुर में मुर्गा फार्म के कमरे में बंद कर पीटते हुए हत्याओं (अब दो मौतें हो गईं) का मुख्य आरोपी मुखिया पति विजय यादव उर्फ विजय राय अबतक पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस ने आरोपियों के घर इश्तेहार चस्पा कर दिया गया है। प्रशासन ने मंगलवार की आधी रात डंका बजाते हुए इश्तेहार लगा दिया, लेकिन बुधवार रात तक उसका कोई असर जमीन पर नहीं दिखा है। एक दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी की बात की जा रही है, लेकिन मुख्य आरोपी के गिरफ्तार हुए बगैर स्थिति नियंत्रित होना लोग मुश्किल बता रहे हैं। मुखिया-पति के सरेंडर नहीं करने पर कुर्की की प्रक्रिया चल रही है। अगर मुखिया के पूरे घर की कुर्की होती है, तो शायद हंगामा घटे। ऐसा इसलिए कि लोग इस केस में महिला मुखिया पर भी कार्रवाई चाह रहे थे। लेकिन, अब दूसरी मौत के साथ पुलिस के लिए भी मुश्किल बढ़ गई है। इस मामले में कोई अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। मृतक के घर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में पुलिस लगातार कैंप कर रही है। बाहरी आवाजाही पर रोक है। धारा 144 के तहत लोगों के जुटने की कोई स्थिति नहीं बनने दी जा रही है। मुबारकपुर में तनाव के कारण चार किलोमीटर के दायर में धारा 144 लागू है। 23 सोशल मीडिया पर पोस्ट, शेयर, मैसेज या अपलोड पर पूरे सारण जिले में पाबंदी है। 

युवक की मौत के बाद जातीय तनाव-हिंसा
तनाव की शुरुआत 2 फरवरी को तब हुई थी, जब तीन युवकों को मुखिया पर फायरिंग का आरोप लगाकर बुरी तरह पीटा गया था। पीटे गए तीनों राजपूत जाति के थे और पीटने वाले यादव। शुक्रवार को अमितेश कुमार सिंह की मौत के बाद जब लाश उसके घर पहुंची तो महिलाओं ने यादवों के हाथों राजपूतों की पिटाई पर ताने कसे थे, जिसका वीडियो जातिगत समूहों में वायरल हो गया था। इसके बाद रविवार को सैकड़ों लोगों ने हत्याकांड के आरोपी मुखिया पति विजय यादव के घर पर और पूरे इलाके में जमकर तांडव किया था। मॉब लिंचिंग कर मारे गए अमितेश कुमार सिंह की ओर से जुटे राजपूत पक्ष के लोगों ने रविवार को मुबारकपुर के सिधवरिया टोला में कच्चे घरों को आग लगा दी थी। पक्के मकानों में भी शीशे तोड़ डाले गए थे। खलिहान-दालान में रखे अनाज जला दिए गए थे। खौफ के कारण इस टोले के पुरुष गांव छोड़कर फरार थे। इसी क्रम में आरोपी मुखियापति विजय यादव उर्फ विजय राय भी फरार हो गया। पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

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