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BPSC 70th Result: सारण के शशांक बने राज्य के सेकेंड टॉपर, अंकिता बनीं SDO; जिले के दो होनहारों ने बढ़ाया मान

Sun, 21 Jun 2026 09:04 AM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण Published by: सारण ब्यूरो Updated Sun, 21 Jun 2026 09:04 AM IST
सार

बीपीएससी 70वीं परीक्षा में सारण के शशांक गौरव ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया, जबकि छपरा की अंकिता कुमारी SDO बनी हैं। शशांक ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया, वहीं अंकिता ने चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणा पेश की।

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BPSC 70th Result Saran Shines as Shashank Secures Rank second Ankita Appointed as SDO
बीपीएससी में सारण के शशांक गौरव और अंकिता ने बढ़ाया जिले का मान - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में सारण जिले के दो होनहार युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। बनियापुर प्रखंड के पंचमहला गांव निवासी शशांक गौरव ने राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जबकि छपरा शहर की अंकिता कुमारी का चयन अनुमंडल पदाधिकारी पद के लिए हुआ है।
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दोनों की उपलब्धियों से पूरे जिले में खुशी का माहौल है। लोग इसे सारण की प्रतिभा, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिणाम बता रहे हैं।

राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर चमके शशांक
सहाजितपुर पंचायत के पंचमहला गांव निवासी शशांक गौरव, सुभाष ओझा के पुत्र हैं। वर्तमान में उनका परिवार छपरा शहर के भगवान बाजार थाना क्षेत्र स्थित बैंक कॉलोनी में रहता है। बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल कर शशांक ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
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अपनी सफलता पर शशांक ने इसका श्रेय अपने पिता, गुरुजनों और विशेष रूप से अपने बड़े भाई शशांक सौरव को दिया है, जो पेशे से मरीन इंजीनियर हैं। उन्होंने कहा कि परिवार का नैतिक समर्थन, प्रेरणा और निरंतर मार्गदर्शन ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा। शशांक ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी परिवार ने उनका मनोबल बढ़ाया, जिसके कारण वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सके। उनकी सफलता ने ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं में नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगाया है।
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हालांकि, शशांक गौरव पहली बार नहीं है जब शशांक गौरव ने अपने परिवार या जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि इससे पहले भी शशांक ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में पूरे देश में 57वीं रैंक हासिल किया था।  यह न सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।

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चौथे प्रयास में अंकिता बनीं एसडीओ
वहीं छपरा शहर के मौना मोहल्ला निवासी अंकिता कुमारी ने चौथे प्रयास में BPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर SDO पद प्राप्त किया है। अंकिता एक शिक्षित परिवार से संबंध रखती हैं। उनके दादा रसिक बिहारी सिंह प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पिता अनिल कुमार सिंह भवन निर्माण विभाग में सहायक अभियंता हैं। अंकिता शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, छपरा से मैट्रिक और राजेंद्र कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद पटना वीमेंस कॉलेज से स्नातक में गोल्ड मेडल तथा पटना विश्वविद्यालय से परास्नातक में सिल्वर मेडल हासिल किया।

तीन बार यूजीसी-नेट पास
अंकिता ने लगातार तीन बार यूजीसी-नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की। शैक्षणिक क्षेत्र में लगातार सफलता के बावजूद उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाने का था। उन्होंने निरंतर प्रयास जारी रखा और चौथे प्रयास में BPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपना लक्ष्य हासिल किया। अपनी उपलब्धि का श्रेय अंकिता ने अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, मामा-मामी और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों के सहयोग ने हर चुनौती का सामना करने की शक्ति दी।


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युवाओं के लिए प्रेरणा बने दोनों प्रतिभाशाली चेहरे
शशांक गौरव और अंकिता कुमारी की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और लगातार मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। दोनों की उपलब्धि आज हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती सारण ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। जिले के लोगों ने दोनों सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

 

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