Bihar: पीएम की सीवान रैली पर विधायक बच्चा पांडेय का हमला, कहा- जुमलों की रैली थी, सिवान को कुछ नया नहीं मिला
Bihar: रैली में खर्च को लेकर भी विधायक ने आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि इस कार्यक्रम पर खर्च की गई राशि गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के हित में लगाई जाती, तो उसका ज्यादा सकारात्मक प्रभाव होता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीवान में आयोजित जनसभा को लेकर बड़हरिया के राजद विधायक बच्चा पांडेय ने शनिवार को परिसदन में प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रैली केवल जुमलों की रैली थी और इसमें सीवान को कोई नई सौगात नहीं मिली।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं पहले से स्वीकृत योजनाएं थीं, जिनकी अब दोबारा घोषणा कर जनता को गुमराह किया गया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा लगभग 20 वर्षों से बिहार की सत्ता में हिस्सेदार रही है और केंद्र में 11 वर्षों से एनडीए की सरकार है, इसके बावजूद बिहार को अब तक विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया।
बिहार की जनता से बार-बार किए जाते हैं झूठे वादे
बच्चा पांडेय ने सवाल उठाया कि बिहार की जनता से बार-बार झूठे वादे क्यों किए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि हर बार घोषणाओं के जरिए जनता को सपना दिखाया जाता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग है। विधायक ने जनसभा की भीड़ को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि सभा में मौजूद भीड़ का बड़ा हिस्सा सरकारी मशीनरी की मदद से लाया गया था। वहीं, शेष भीड़ उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से लाई गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई महिलाओं को यह तक जानकारी नहीं थी कि वे प्रधानमंत्री की चुनावी सभा में जा रही हैं। उन्हें बताया गया था कि वे किसी विदेशी मेहमान से मिलने जा रही हैं।
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रैली पर खर्च की गई राशि से गरीबों को मिल सकता था लाभ
रैली में खर्च को लेकर भी विधायक ने आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि इस कार्यक्रम पर खर्च की गई राशि गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के हित में लगाई जाती, तो उसका ज्यादा सकारात्मक प्रभाव होता। विधायक ने कार्यक्रम को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब यह कार्यक्रम सरकारी था और उनके विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया गया था, तब भी उन्हें आमंत्रण नहीं भेजा गया। उन्होंने पूछा कि क्या अब यह नया नियम बन गया है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सरकारी कार्यक्रमों से दूर रखा जाएगा?
बिहार में उद्योगों की अनदेखी का आरोप
अंत में, उन्होंने प्रधानमंत्री पर उद्योगों की स्थापना को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जब बिहार में कल-कारखानों की मांग की जाती है, तो प्रधानमंत्री भड़क जाते हैं। उद्योग केवल गुजरात में लगाए जाते हैं, जबकि बिहार को बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है। यह राज्य के लोगों का अपमान है और बिहार के साथ निरंतर सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।