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बिहार बाढ़: गंडक के बढ़ते जलस्तर से सारण में बाढ़, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की चार टीमें तैनात; राहत केंद्र सक्रिय

Thu, 01 Oct 2026 05:55 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Thu, 01 Oct 2026 05:55 PM IST
सार

गंडक नदी में जलप्लावन से सारण के सात प्रखंडों की 25 पंचायतों के 102 गांव प्रभावित हैं। करीब 1.70 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। 15,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की चार टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।

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A population of 1.70 lakh across 102 villages in 7 blocks of Saran district has been affected.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटे जिलाधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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गंडक नदी में जलप्लावन के कारण सारण जिले के सात प्रखंडों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से जारी अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर, परसा, दरियापुर एवं सोनपुर प्रखंडों की करीब 25 पंचायतों के 102 गांव प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में करीब 1 लाख 70 हजार 25 लोग और 36 हजार 250 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जलस्तर और परिस्थितियों को देखते हुए अब तक 15 हजार 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निष्क्रमित कराया गया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों का परिचालन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से जरूरत के अनुसार अतिरिक्त नावों की उपलब्धता और उनके परिचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल चार टीमें तैनात हैं।

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20 चिकित्सा शिविरों में मिल रही स्वास्थ्य सुविधा

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सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। कुल 20 चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने की तैयारी है।

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राहत केंद्रों और सामुदायिक रसोई से भोजन की व्यवस्था
प्रभावित परिवारों को राहत केंद्रों और सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जरूरतमंद परिवारों के बीच फूड पैकेट और ड्राई राशन पैकेट का वितरण भी जारी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पॉलीथिन शीट भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिला स्तर पर पॉलीथिन शीट का पर्याप्त भंडार रखा गया है।

पशुओं के लिए भी राहत और चारे की व्यवस्था
बाढ़ से प्रभावित पशुओं की सुरक्षा और उपचार के लिए पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। पशुपालकों को राहत पहुंचाने के लिए पशु चारे की उपलब्धता और वितरण की कार्रवाई भी जारी है।

जिला प्रशासन के अनुसार प्रभावित पंचायतों और गांवों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। जलस्तर, आवागमन और प्रभावित आबादी की जरूरतों को देखते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

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