कर्नाटक: 'चोर दरवाजे' से सरकार बनाने में कौन आगे, तेजस्वी का भाजपा पर तंज
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कर्नाटक चुनाव के नतीजों के बीच कांग्रेस-जेडीएस ने नया रोमांच पैदा कर दिया है। और इस बीच मौका मिल गया है विपक्ष की दूसरी पार्टियों को की वो गोलबंद होकर बीजेपी को घेर सकें। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के साथ आने की खबर से बीजेपी भी तिलमिला गई है। सूबे में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद उसे कुर्सी खिसकने का डर सता रहा है। कांग्रेस-जेडीएस पर निशाना साधते हुए बीजेपी ने कहा कि पीछे के दरवाजे से कांग्रेस सत्ता की चाबी पाना चाहती है।
क्या बिहार में बीजेपी को बहुमत मिला था?
क्या बिहारियों ने बीजेपी को बहुत बुरी तरह नहीं हराया था?
नीतीश जी की मदद से बिहार में बहुमत का चीरहरण और लोकतंत्र का जनाजा निकाल चोर दरवाज़े से सरकार में बैठ मलाई चाट रहे भाजपाई कर्नाटक के मामले में उच्चकोटि का प्रवचन किसे बाँट रहे है?— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 15, 2018विज्ञापन
उधर तेजस्वी के बाद तेज प्रताप ने भी ट्वीट कर भाजपा को कटघरे में लिया है। उन्होंने सवाल पूछते हुए लिखा कि बिहार, गोवा और मणिपुर में लोकतंत्र का अपहरण नहीं हुआ था क्या?
कर्नाटक के मामले में लोकतांत्रिक नैतिकता का ज्ञान वांचने वालों..! बिहार, गोवा और मणिपुर में लोकतंत्र का अपहरण नहीं हुआ था क्या? #KarnatakaVerdict
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) May 15, 2018
तो ऐसे में बीजेपी को पीछे का दरवाजा याद दिलाने वाले भी चुप नहीं रहे। बिहार से तेजस्वी यादव ने एक ट्वीट कर बीजेपी पर हमला बोल दिया। राजद नेता व लालू के बेटे तेजस्वी ने कहा है कि क्या बिहार में बीजेपी को बहुमत मिला था? क्या बिहारियों ने बीजेपी को बहुत बुरी तरह नहीं हराया था? ऐसे नीतीश की मदद से बिहार में बहुमत का चीरहरण और लोकतंत्र का जनाजा निकाल चोर दरवाजे से सरकार में बैठ मलाई चाट रहे भाजपाई कर्नाटक के मामले में उच्चकोटि का प्रवचन किसे बांट रहे है?
20 राज्यों में अपनी सत्ता चमकाने वाली बीजेपी खुद साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाती देखी गई है। लेकिन कर्नाटक में उसके खिलाफ बन रहे समीकरण पर पार्टी कांग्रेस को कोस रही है। बहरहाल अभी सरकार बनाने पर कोई नतीजा साफ नहीं हुआ है, ऐसे में इंतजार करना होगा कि आखिर सियासी ऊंट किस करवट बैठता है। क्या जेडीएस का असल में कांग्रेस से समझौता हो पाता है?