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राबड़ी बोलीं, नीतीश कुमार के दोबारा गठबंधन से जुड़ने पर कोई एतराज नहीं
Wed, 05 Jun 2019 04:59 AM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 05 Jun 2019 04:59 AM IST
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राबड़ी देवी (फाइल फोटो)
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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक वरिष्ठ नेता ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोबारा महागठबंधन से जुड़ने के लिए कहा था। अब राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी कहा है कि यदि नीतीश कुमार दोबारा गठबंधन से जुड़ते हैं तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।
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सोमवार की रात राबड़ी देवी ने कहा, 'यदि नीतीश कुमार दोबारा महागठबंधन में शामिल होते हैं, तो हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।' हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई भी निर्णय राजद के के वरिष्ठ नेता करेंगे।
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राबड़ी से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी कहा था कि जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के मुखिया नीतीश कुमार को भगवा पार्टी से लड़ने के लिए गैर-भाजपाई पार्टियों से हाथ मिलाना चाहिए। उन्होंने सोमवार को कहा था, 'वह (नीतीश कुमार) पाला बदलेंगे लेकिन कोई ये नहीं बता सकता कि वह ऐसा कब करेंगे या वह क्या कहेंगे। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। यह हैरान करने वाला नहीं है... मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि सभी को भाजपा के खिलाफ साथ आना चाहिए।'
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रघुवंश का यह बयान नीतीश द्वारा जदयू के आठ विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने के बाद आया था। इस कैबिनेट विस्तार में भारतीय जनता पार्टी के एक भी विधायक को शामिल नहीं किया गया था। इसे दोनों पार्टियों में आ रही दरार के रूप में देखा जा रहा है। राज्य में कैबिनेट विस्तार से दो दिन पहले नीतीश कुमार ने निर्णय लिया था कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से नहीं जुड़ेगी क्योंकि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में मात्र एक सीट दी जा रही थी।
दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार में जदयू कोटे से एक सांसद को मंत्री बनाया जाना था। मगर नीतीश कुमार ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था। इसके कुछ दिन बाद जदयू ने राज्य में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। जिससे गठबंधन सहयोगियों भाजपा और एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी) को दूर रखा गया। इसी कारण जदयू और भाजपा के बीच सब ठीक न होने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि जदयू ने इस तरह की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए सब ठीक होने की बात कही है।
बिहार में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा और जदयू ने मिलकर चुनाव लड़ा था। जिसके कारण राजद को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान इसका उलट हुआ था। तब जदयू, राजद और कांग्रेस महागठबंधन ने चुनाव लड़ा था और भाजपा को हार मिली थी। हालांकि 2017 में नीतीश कुमार ने राजद का हाथ छोड़ते हुए सरकार बनाने के लिए भाजपा का दामन थाम लिया था।