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Bihar Police: एमटीएम परीक्षा फर्जीवाड़ा केस में पुलिस ने दो मास्टरमाइंड को लिया रिमांड पर, खुल सकते हैं कई राज

Fri, 04 Apr 2025 09:43 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया Published by: पूर्णिया ब्यूरो Updated Fri, 04 Apr 2025 09:43 PM IST
सार

बिहार पुलिस की टीम ने पिछले साल 14 नवंबर को पूर्णिया में परीक्षा केंद्र पर छापेमारी की थी। उस वक्त पुलिस ने 35 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में जो खुलासा हुए वह चौंकाने वाले थे। अब पुलिस ने एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की है।

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Bihar Purnia Police has taken the mastermind of SSC MTS exam fraud on remand, many secrets may be revealed
पूर्णिया डिजिटल परीक्षा केंद्र

विस्तार

पूर्णिया के चर्चित एमटीएस परीक्षा फर्जीवाड़ा केस में बड़ी कार्रवाई हुई है। साइबर क्राइम की टीम ने दोनों मास्टरमाइंड, रौशन कुमार मंडल और रौशन मुखिया, को रिमांड पर लिया है। पुलिस 24 घंटे तक दोनों से पूछताछ करेगी। इससे पहले, 25 मार्च को फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड और पूर्णिया में फर्जी ऑनलाइन एग्जाम सेंटर चलाने वाले जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष, रौशन कुमार मंडल उर्फ रौशन ने सरेंडर किया था। जबकि 20 मार्च को पुलिस ने छापेमारी कर पटना के गर्दनीबाग स्थित स्वामी अय्यप्पन ऑनलाइन एग्जाम सेंटर से नालंदा के रहने वाले रौशन मुखिया को गिरफ्तार किया था।

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पुलिस ने 35 लोगों को गिरफ्तार किया था
मामला सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग के हसदा रोड जीरो माइल स्थित "पूर्णिया डिजिटल" नाम के ऑनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर से जुड़ा है। जहां बीते 14 नवंबर को SSC एमटीएस की परीक्षा के दौरान एक्जाम सेंटर पर रेड कर पुलिस ने 35 लोगों को गिरफ्तार किया था। सेंटर पर चल रहे फर्जीवाड़े के मामले में वैशाली, नालंदा और कटिहार के सेंटर संचालक, फ्लाईंग ऑब्जर्वर, 12 फर्जी कैंडिडेट, 14 ओरिजनल कैंडिडेट, 7 स्टाफ और दो दलालों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया था।
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35 आरोपियों को 48 घंटे के रिमांड पर लिया था
इधर, एसएसी एमटीएस की परीक्षा में फर्जीवाड़े से जुड़े कई तार को आपस में जोड़ने के लिए साइबर टीम ने इस केस से जुड़े 35 आरोपियों से पहले ही पूछताछ किया है। इन्हें 48 घंटे के लिए रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी। अब भी इस मामले में कई ऐसी कड़ियां हैं जो अब तक अनसुलझी हैं। ऐसे में पूर्णिया पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने को लेकर फर्जीवाड़े के आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
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हर कैंडिडेट से 10 लाख की डील फिक्स हुई थी
अब तक इस मामले में परत दर परत कई कड़ियां खुलकर सामने आई हैं। सेंटर संचालक वैशाली के रहने वाले विवेक, कटिहार के रहने वाले रौशन, और नालंदा के रहने वाले राहुल राज की SSC की ओर से बहाल सेंटर के फ्लाईंग ऑब्जर्वर इजहार आलम से सेटिंग थी। इसी की मदद से उन्हें 3 लाख रुपए में यह सेंटर मिला था। हर कैंडिडेट से 10 लाख की डील फिक्स हुई थी। सेंटर पर चल रहे इस फर्जीवाड़े का भांडा सेंटर पर बहाल कोऑर्डिनेटर की मदद से खुला। हालांकि फर्जी दस्तावेज से जुड़े एक मामले में बाद में सेंटर के कोऑर्डिनेटर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
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