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Bihar: एम्बुलेंस कर्मियों की हड़ताल से बढ़ी मरीजों की परेशानी; पटना रेफर मरीजों को चुकाने पड़ रहे ज्यादा पैसे
Sat, 15 Jul 2023 01:06 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 15 Jul 2023 01:06 PM IST
सार
डीएमसीएच से पटना रेफर किए जाने वाले मरीज के एक परिजन ने बताया कि उनके मरीज को पटना रेफर कर दिया गया है। निजी एम्बुलेंस वाले कोई 5,500 तो कोई 6,500 रुपये की मांग कर रहा है।
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प्रदर्शन करते एम्बुलेंस कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के दरभंगा जिले में सरकारी 102 एम्बुलेंस कर्मियों की हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। एम्बुलेंस नहीं मिलने की वजह से परिजन ज्यादा महंगे निजी वाहनों से या टेम्पो पर लादकर मरीजों को लेकर डीएमसीएच पहुंच रहे हैं। जिन मरीजों को पटना रेफर किया जा रहा है। उन्हें ज्यादा पैसे चुकाकर निजी एम्बुलेंस या अन्य वाहनों से ले जाना पड़ रहा है।
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एम्बुलेंस कर्मियों की हड़ताल के कारण आज शनिवार को तीसरे दिन व्यापक असर डीएमसीएच सहित जिले के सरकारी अस्पतालों में दिख रहा है। डीएमसीएच की सभी 10 एम्बुलेंस के ठप रहने के कारण मरीजों को इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक विभाग ट्रांसफर करने के लिए अस्पताल प्रशासन दो निजी एम्बुलेंस को किराए पर लिया है। सबसे ज्यादा मरीज एम्बुलेंस के सहारे डीएमसीएच के इमरजेंसी विभाग और गायनिक विभाग आया करते हैं। वहां आने वाले मरीज मजबूरी में निजी वाहनों या टेम्पो के जरिए आवाजाही कर रहे हैं।
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डीएमसीएच से पटना रेफर किए जाने वाले मरीज के एक परिजन ने बताया कि उनके मरीज को पटना रेफर कर दिया गया है। निजी एम्बुलेंस वाले कोई 5,500 तो कोई 6,500 रुपये की मांग कर रहा है।
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बेनीपुर से डीएमसीएच इमरजेंसी विभाग में रामचन्द्र झा ने बताया कि वे बीमार बेटे को 1,200 रुपये भाड़ा टेम्पो वाले को देकर आए हैं। उन्होंने कहा कि टेम्पो में मरीज को ठीक तरीके से लिटाना नहीं बनता है। अभी 102 एम्बुलेंस हड़ताल है, मजबूरी में इस पर इलाज कराने आए हैं।
कर्मचारी संगठन के विमलेश कुमार ने बताया कि हम लोगों का वेतन कई महीनों से बंद है। इससे हम लोगों की परेशानी बढ़ गई। उन्होंने 102 एम्बुलेंस संचालित करने वाली एजेंसी पर भी मनमानी का आरोप लगाया है। जब तक हम लोगों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।