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Women Reservation Bill: संसद और महिलाओं को लेकर तेजस्वी यादव ने क्या कहा? मनुस्मृति के बहाने सत्ता पर निशाना
Sat, 18 Apr 2026 02:00 PM IST
Aditya Anand
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Aditya Anand
Updated Sat, 18 Apr 2026 02:00 PM IST
सार
महिला आरक्षण बिल के लोकसभा से पारित नहीं होने के बाद से एनडीए और इंडिया गठबंधन आमने-सामने हैं। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सम्राट चौधरी को भी नसीहत दी है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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तेजस्वी यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल के खिलाफ कोई नहीं है। देश की कोई भी पार्टी या सांसद इस बिल का विरोध नहीं कर रहा है। हमारी मांग सिर्फ इतनी थी कि महिलाओं के आरक्षण में जातिगत आधार पर भी विचार किया जाए, क्योंकि इस बिल के तहत ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
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तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण बिल को 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि 2027 की जनगणना को आधार क्यों नहीं बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि जाति आधारित जनगणना होती है, तो अति पिछड़ों, दलितों समेत सभी वर्गों की वास्तविक संख्या सामने आएगी। इसी वजह से सरकार महिलाओं के मुद्दे को आगे रखकर आरएसएस के एजेंडे को लागू करना चाहती है।
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भाजपा को पता था कि उनके पास बहुमत नहीं
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी यह बिल जल्दबाजी में लाया गया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि यह लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते, बल्कि साजिश की राजनीति करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जनता ने उनकी साजिश को नाकाम कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए सरकार संविधान बदलने की कोशिश कर सकती है, लेकिन “हम लोगों के रहते हुए बाबा साहेब का संविधान कोई बदल नहीं सकता।”
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काम ज्यादा करें और बयानबाजी कम करें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शराबबंदी जारी रखने के एलान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को हटाकर “सेलेक्टेड” मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने सम्राट चौधरी को नसीहत देते हुए कहा कि वे काम ज्यादा करें और बयानबाजी कम करें। तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बिहार नीति आयोग की रिपोर्ट में राज्य पिछड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार टॉप-10 राज्यों में कब शामिल होगा। क्या राज्य सरकार का खजाना खाली है? मुख्यमंत्री का रोडमैप क्या है और वे विकास के लिए क्या कदम उठाएंगे?
'अब बिहार गुजरात से चलाया जा रहा है'
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है, लेकिन मुख्यमंत्री इन मुद्दों पर बात नहीं कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के हाथ में कोई वास्तविक शक्ति नहीं है और वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के निर्देशों पर काम करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब बिहार गुजरात से चलाया जा रहा है।