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Bihar: डिप्टी सीएम ने दी सख्त चेतावनी, कहा- अधिकारियों को धमकाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई; जाएंगे जेल
Sat, 28 Mar 2026 07:22 PM IST
Krishan Ballabh Narayan
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Krishan Ballabh Narayan
Updated Sat, 28 Mar 2026 07:22 PM IST
सार
Bihar : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि काम पर लौटे अधिकारियों को धमकाने या बाधा पहुंचाने वाले किसी भी संघ, नेता या पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राजस्व सेवा के अधिकारियों से की अपील।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उप मुख्यमंत्री सह मंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने वैसे लोगों को सख्त चेतावनी दी है, जो उनके अधिकारियों को खुलेआम धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विधि-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काम पर लौटे ईमानदार अधिकारियों को धमकाना न केवल कायरता है, बल्कि यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य भी है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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धमकी देने वाले जाएंगे जेल
उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार स्पष्ट कर देना चाहती है कि जो लोग डर और दबाव के जरिए राजस्व व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जेल भेजना सुनिश्चित किया जाएगा। जो अधिकारी सरकार के साथ आए हैं उनको सुरक्षा और सम्मान देने की हम सबकी जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जो इस्तीफा देकर चुनाव लड़े हैं, वे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके भी कार्यों की जांच कराई जाएगी। सरकार पूरी नजर बनाए हुए है। गंभीर आरोप वाले किसी भी हाल में नहीं बचेंगे।
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सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर दी जा रही धमकी
विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल का कहना है कि विभाग को शिकायत मिली है कि हड़ताल पर गए कुछ अधिकारी, काम कर रहे अपने सहयोगियों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमका रहे हैं और सोशल मीडिया पर ‘नेमिंग एंड शेमिंग’ कर मानसिक दबाव बना रहे हैं। विभाग का मानना है कि यह काम सरकारी कार्य में बाधा डालना है। इसलिए वैसे लोग सचेत हो जाएँ। विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि काम पर लौटे अधिकारियों को धमकाने या बाधा पहुंचाने वाले किसी भी संघ नेता या पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।
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इन धाराओं में होगी कार्रवाई
प्रधान सचिव ने निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 132, 351, 352, 126, 127, 349, 350 और 195 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बढ़ते दवाब के आगे झुके अधिकारी
सरकारी सख्ती के बाद हड़ताल कर रहे अधिकारियों के बीच दबाव बढ़ने लगा है। विभागीय का कहना है कि अब तक 24 अधिकारी काम पर लौट चुके हैं। पहले ही गैर-हड़ताली अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर कामकाज जारी रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजें।
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धमकी देने वाले जाएंगे जेल
उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार स्पष्ट कर देना चाहती है कि जो लोग डर और दबाव के जरिए राजस्व व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जेल भेजना सुनिश्चित किया जाएगा। जो अधिकारी सरकार के साथ आए हैं उनको सुरक्षा और सम्मान देने की हम सबकी जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जो इस्तीफा देकर चुनाव लड़े हैं, वे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके भी कार्यों की जांच कराई जाएगी। सरकार पूरी नजर बनाए हुए है। गंभीर आरोप वाले किसी भी हाल में नहीं बचेंगे।
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सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर दी जा रही धमकी
विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल का कहना है कि विभाग को शिकायत मिली है कि हड़ताल पर गए कुछ अधिकारी, काम कर रहे अपने सहयोगियों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमका रहे हैं और सोशल मीडिया पर ‘नेमिंग एंड शेमिंग’ कर मानसिक दबाव बना रहे हैं। विभाग का मानना है कि यह काम सरकारी कार्य में बाधा डालना है। इसलिए वैसे लोग सचेत हो जाएँ। विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि काम पर लौटे अधिकारियों को धमकाने या बाधा पहुंचाने वाले किसी भी संघ नेता या पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।
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इन धाराओं में होगी कार्रवाई
प्रधान सचिव ने निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 132, 351, 352, 126, 127, 349, 350 और 195 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बढ़ते दवाब के आगे झुके अधिकारी
सरकारी सख्ती के बाद हड़ताल कर रहे अधिकारियों के बीच दबाव बढ़ने लगा है। विभागीय का कहना है कि अब तक 24 अधिकारी काम पर लौट चुके हैं। पहले ही गैर-हड़ताली अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर कामकाज जारी रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजें।