{"_id":"68eb1a88156b451fe60ee4eb","slug":"student-leader-khushboo-pathak-will-contest-the-elections-patna-news-c-1-1-noi1443-3510207-2025-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : छात्र नेता खुशबू पाठक लड़ेंगी चुनाव, 70वीं बीपीएससी आंदोलन के दौरान रही थीं 9 दिन जेल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : छात्र नेता खुशबू पाठक लड़ेंगी चुनाव, 70वीं बीपीएससी आंदोलन के दौरान रही थीं 9 दिन जेल में
Sun, 12 Oct 2025 09:02 AM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sun, 12 Oct 2025 09:02 AM IST
सार
भोजपुर की छात्र नेता खुशबू पाठक, जिन्होंने 70वीं बीपीएससी शिक्षक भर्ती पेपर लीक कांड के विरोध में सड़कों से लेकर बेऊर जेल तक 9 दिन संघर्ष किया, अब बड़हरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी। उनका उद्देश्य है युवाओं, छात्रों और महिलाओं की आवाज विधानसभा तक पहुंचाना।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करती छात्र नेता खुशबू पाठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भोजपुर जिले में प्रथम चरण के चुनाव होने हैं और कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में सक्रिय हो गए हैं। इसी बीच, भोजपुर की छात्र नेता खुशबू पाठक, जिन्होंने 70वीं बीपीएससी शिक्षक भर्ती पेपर लीक कांड के खिलाफ सड़कों से लेकर जेल तक संघर्ष किया, अब राजनीतिक मैदान में उतरने जा रही हैं।
9 दिन बेऊर जेल में बिताने वाली छात्रा अब बड़हरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर छात्रों, युवाओं और महिलाओं की आवाज विधानसभा तक पहुंचाने का संकल्प लेकर सामने आई हैं। खुशबू पाठक ने घोषणा की है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में बड़हरा से प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरेंगी। उनका कहना है कि वे युवाओं, छात्रों और महिलाओं की आवाज बनकर राजनीति में नई दिशा देना चाहती हैं।
पढे़ं: आरसीपी की बेटी लता को जनसुराज ने दिया टिकट, सुप्रीम कोर्ट में लीगल एडवाइजर हैं PK की प्रत्याशी
विज्ञापन
खुशबू पाठक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन करती रही हैं। वे 70वीं बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण के विरोध में हुए आंदोलन की प्रमुख चेहरों में से एक रही हैं। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्होंने पटना के बेऊर जेल में 9 दिन बिताए।
खुशबू का कहना है कि उनका चुनावी एजेंडा स्पष्ट है, प्रतियोगी परीक्षाओं को समय पर कराना, नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, अभ्यर्थियों को कट ऑफ मार्क्स की बुकलेट उपलब्ध कराना और युवाओं तथा महिलाओं के हितों की रक्षा करना। खुशबू ने कहा कि युवाओं को सिर्फ सड़कों पर आंदोलन करने के बजाय राजनीति में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक युवा आगे नहीं आएंगे, तब तक व्यवस्था में बदलाव संभव नहीं है। बड़हरा प्रखंड के पीपरपांती गांव की रहने वाली खुशबू पाठक ने बताया कि वे राजनीति को समाज सेवा का माध्यम मानती हैं और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को विधानसभा के मंच तक ले जाने का संकल्प लेकर चुनावी मैदान में उतर रही हैं।
विज्ञापन
9 दिन बेऊर जेल में बिताने वाली छात्रा अब बड़हरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर छात्रों, युवाओं और महिलाओं की आवाज विधानसभा तक पहुंचाने का संकल्प लेकर सामने आई हैं। खुशबू पाठक ने घोषणा की है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में बड़हरा से प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरेंगी। उनका कहना है कि वे युवाओं, छात्रों और महिलाओं की आवाज बनकर राजनीति में नई दिशा देना चाहती हैं।
विज्ञापन
पढे़ं: आरसीपी की बेटी लता को जनसुराज ने दिया टिकट, सुप्रीम कोर्ट में लीगल एडवाइजर हैं PK की प्रत्याशी
विज्ञापन
खुशबू पाठक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन करती रही हैं। वे 70वीं बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण के विरोध में हुए आंदोलन की प्रमुख चेहरों में से एक रही हैं। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्होंने पटना के बेऊर जेल में 9 दिन बिताए।
खुशबू का कहना है कि उनका चुनावी एजेंडा स्पष्ट है, प्रतियोगी परीक्षाओं को समय पर कराना, नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, अभ्यर्थियों को कट ऑफ मार्क्स की बुकलेट उपलब्ध कराना और युवाओं तथा महिलाओं के हितों की रक्षा करना। खुशबू ने कहा कि युवाओं को सिर्फ सड़कों पर आंदोलन करने के बजाय राजनीति में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक युवा आगे नहीं आएंगे, तब तक व्यवस्था में बदलाव संभव नहीं है। बड़हरा प्रखंड के पीपरपांती गांव की रहने वाली खुशबू पाठक ने बताया कि वे राजनीति को समाज सेवा का माध्यम मानती हैं और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को विधानसभा के मंच तक ले जाने का संकल्प लेकर चुनावी मैदान में उतर रही हैं।