फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar Assembly Election: Nalanda news Jansuraj gives ticket to RCP's daughter

Bihar Election: आरसीपी की बेटी लता को जनसुराज ने दिया टिकट, सुप्रीम कोर्ट में लीगल एडवाइजर हैं PK की प्रत्याशी

Thu, 09 Oct 2025 05:59 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: पटना ब्यूरो Updated Thu, 09 Oct 2025 05:59 PM IST
सार

Bihar Vidhansabha Chunav 2025: अस्थावां विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह क्षेत्र लंबे समय से JDU का गढ़ रहा है, लेकिन स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिलती है।

विज्ञापन
Bihar Assembly Election: Nalanda news  Jansuraj gives ticket to RCP's daughter
लता सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में जनसुराज पार्टी ने अपने 51 उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। जो बिहार विधानसभा 2025 का चुनाव लड़ेंगे। इसी कड़ी में नालंदा के अस्थावां विधानसभा से लता सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। लता सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीसी सिंह की सुपुत्री है और पेशे से सुप्रीम कोर्ट में लीगल एडवाइजर हैं।

विज्ञापन


35 वर्षीय लता सिंह कुर्मी जाति से आती हैं। अस्थावां विधानसभा क्षेत्र कुर्मी बहुल इलाका है। लता की बड़ी बहन आईपीएस है, जो बिहार कैडर में ही कार्यरत हैं। जबकि मां गृहणी हैं। आरपीसी सिंह से ही लता सिंह की पहचान है। आरपीसी जो नीतीश के बेहद करीबी रह चुके हैं। उन्होंने जदयू छोड़ भाजपा जॉइन किया, इसके बाद जब भाजपा में भी उन्हें तरजीह नहीं मिली लगी तो उन्होंने भाजपा को छोड़कर अपनी पार्टी बनाई। जिसके बाद वह जनसुराज में अपनी पार्टी खत्म कर शामिल हो गए और अब अपनी बेटी को जनसुराज से अस्थावां विधानसभा से चुनाव लड़ा रहे हैं।
विज्ञापन


पढे़ं; कौन कर सकता है डाक मतदान, कैसे मिलेगी इसकी सुविधा, क्या-क्या है तैयारी; जानें सबकुछ
विज्ञापन
विज्ञापन


मौजूदा हालात अस्थावां विधानसभा का
विजेता: जितेंद्र कुमार (जेडीयू) 2020
हारे: अनिल कुमार (आरजेडी) 2020

जीत का अंतर: 11,600 वोट

प्रमुख मुद्दे
अस्थावां विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह क्षेत्र लंबे समय से JDU का गढ़ रहा है, लेकिन स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिलती है। क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में कुछ इलाकों में सड़क और नाली की समस्या, उच्च शिक्षा के अवसरों की कमी, और रोजगार के लिए मजदूरों का पलायन शामिल है। किसानों से जुड़ी समस्याएं भी यहां एक अहम चुनावी मुद्दा बनती हैं। आगामी चुनावों में नए उम्मीदवारों के आने और जातीय समीकरणों में बदलाव की संभावना है, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed