{"_id":"6826cc83d23ddeeeb80df9e5","slug":"review-of-animal-development-schemes-dr-vijayalakshmi-gave-instructions-to-implement-them-quickly-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: पशु विकास योजनाओं की समीक्षा, डॉ. विजयलक्ष्मी ने दिए कई बड़े निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: पशु विकास योजनाओं की समीक्षा, डॉ. विजयलक्ष्मी ने दिए कई बड़े निर्देश
Fri, 16 May 2025 10:56 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 16 May 2025 10:56 AM IST
सार
बिहार के पशु और मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की अगुवाई में 15 मई 2025 को पटना में गव्य विकास निदेशालय के मुख्यालय और जिले के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई।
विज्ञापन
गव्य विकास निदेशालय में हुई योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के पशु और मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की अध्यक्षता में 15 मई 2025 को पटना में गव्य विकास निदेशालय के मुख्यालय और जिला स्तर के अधिकारीयों के साथ एक बैठक हुई। इस बैठक में "समग्र गव्य विकास योजना", "देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना" और "पशु बीमा योजना" जैसी कई योजनाओं की समीक्षा की गई। डॉ. विजयलक्ष्मी ने अधिकारियों को इन योजनाओं को जल्दी और सही तरीके से लागू करने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा। उन्होंने सभी से कहा कि वे समय पर काम पूरा करें और लाभार्थियों तक योजनाओं का पूरा फायदा पहुंचाएं।
उन्होंने बताया कि ये योजनाएं पशुपालकों की आर्थिक मजबूती के लिए बहुत जरूरी हैं। इसलिए अधिकारियों को पशुपालकों से सीधे बात कर उन्हें बीमा के फायदे समझाने और जागरूक करने पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत योजना बनानी होगी।
ये भी पढ़ें: मोतिहारी में खाना बनाने के दौरान लगी आग, तीन सगी बहनों की जलकर मौत
विज्ञापन
बैठक में निदेशक (गव्य) केदार नाथ सिंह, संयुक्त निदेशक (मुख्यालय), सभी क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक (गव्य) और सभी जिला गव्य विकास अधिकारी मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने अब तक की प्रगति और आगे की योजना के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि ये योजनाएं पशुपालकों की आर्थिक मजबूती के लिए बहुत जरूरी हैं। इसलिए अधिकारियों को पशुपालकों से सीधे बात कर उन्हें बीमा के फायदे समझाने और जागरूक करने पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत योजना बनानी होगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मोतिहारी में खाना बनाने के दौरान लगी आग, तीन सगी बहनों की जलकर मौत
विज्ञापन
बैठक में निदेशक (गव्य) केदार नाथ सिंह, संयुक्त निदेशक (मुख्यालय), सभी क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक (गव्य) और सभी जिला गव्य विकास अधिकारी मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने अब तक की प्रगति और आगे की योजना के बारे में जानकारी दी।