फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Darbhanga News ›   samastipur dclr bribery case kanchan kumari jha 13 82 lakh cash vigilance arrest

DCLR रिश्वत कांड में बड़ा खुलासा: सरकारी आवास से मिले 13.82 लाख, अब नकदी के स्रोत की जांच में जुटी निगरानी

Fri, 28 Aug 2026 08:33 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,समस्तीपुर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Fri, 28 Aug 2026 08:33 AM IST
सार

समस्तीपुर के रोसड़ा में दो लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार DCLR कंचन कुमारी झा के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। निगरानी विभाग ने सरकारी आवास की तलाशी में 13.82 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी और करीब 37 हजार रुपये की नई सैमसंग वाशिंग मशीन बरामद की है।

विज्ञापन
samastipur dclr bribery case kanchan kumari jha 13 82 lakh cash vigilance arrest
मौके पर मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रोसड़ा की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा को दो लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। निगरानी विभाग ने सरकारी आवास की तलाशी ली तो वहां से 13.82 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। इसके अलावा करीब 37 हजार रुपये कीमत की नई सैमसंग वाशिंग मशीन भी मिली, जिसे जांच में कथित रिश्वत के रूप में लिए जाने की बात सामने आई है। कार्रवाई के बाद निगरानी विभाग अब बरामद नकदी के स्रोत की जांच में जुट गया है। इस मामले में DCLR कंचन कुमारी झा के साथ उनके घरेलू नौकर और कथित दलाल सुमित कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

विज्ञापन

तीन दिन पहले ही बिछ चुका था निगरानी का जाल

DCLR की गिरफ्तारी भले ही गुरुवार को हुई, लेकिन निगरानी विभाग ने इसकी तैयारी तीन दिन पहले ही शुरू कर दी थी। भूमि विवाद से जुड़े एक मामले के निस्तारण के लिए दो लाख रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत का सत्यापन कराया गया और रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद 25 अगस्त को निगरानी थाना कांड संख्या 103/26 दर्ज किया गया।

विज्ञापन


इसके बाद निगरानी विभाग ने पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रैप की योजना बनाई। मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक दिवाकर कुमार दिनकर को सौंपी गई। वहीं पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया, जिसमें निगरानी विभाग की पदाधिकारी ऋषिता स्नेही भी शामिल थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

जमीन विवाद में सात लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप

मामले की शुरुआत विभूतिपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर निवासी मनोज कुमार की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि एक कट्ठा तीन धुर जमीन की दाखिल-खारिज से जुड़े भूमि विवाद निराकरण वाद संख्या 20/2026-27 में उसके पक्ष में फैसला देने के बदले सात लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।


आरोप के मुताबिक, बाद में पांच लाख रुपये नकद और एक वाशिंग मशीन देने पर सौदा तय हुआ। निगरानी ब्यूरो ने शिकायत मिलने के बाद सीधे कार्रवाई नहीं की, बल्कि पहले आरोपों का सत्यापन कराया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद 25 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई और फिर आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की तैयारी की गई।

सरकारी आवास में दो लाख रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तारी

गुरुवार को निगरानी टीम ने रोसड़ा नगर पंचायत के वार्ड संख्या-24 स्थित DCLR के सरकारी आवास पर ट्रैप की कार्रवाई की। निगरानी टीम के समक्ष शिकायतकर्ता मनोज कुमार ने रोसड़ा के पांचोपुर निवासी कथित दलाल सुमित कुमार को दो लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद सुमित कुमार ने यह रकम DCLR कंचन कुमारी झा को सौंप दी।

रकम लेते ही निगरानी टीम ने दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि शिकायतकर्ता ने बाकी तीन लाख रुपये बाद में लाने की बात कही और वहां से निकल गया। कार्रवाई के दौरान दो लाख रुपये की कथित रिश्वत के अलावा करीब 37 हजार रुपये कीमत की नई सैमसंग वाशिंग मशीन भी बरामद की गई।

विपक्षी पक्ष से भी सात लाख रुपये मांगने का आरोप

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि भूमि विवाद के इसी मामले को अपने पक्ष में कराने के लिए DCLR कंचन कुमारी झा और कथित दलाल सुमित कुमार ने शिकायतकर्ता मनोज कुमार को बताया था कि उसके विपक्षी पक्ष की ओर से भी सात लाख रुपये तक देने की तैयारी है।इसी दावे के मद्देनजर निगरानी विभाग ने सरकारी आवास की तलाशी के दौरान बरामद अतिरिक्त नकदी को भी जांच के दायरे में लिया है।

सरकारी आवास से मिले 13.82 लाख, अब स्रोत की तलाश

गिरफ्तारी के बाद सरकारी आवास की तलाशी में 13 लाख 82 हजार रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। यह रकम ट्रैप के दौरान इस्तेमाल किए गए दो लाख रुपये से अलग है। बरामद नकदी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम के एक अधिकारी ने रोसड़ा थानाध्यक्ष लालबाबू कुमार को साथ लेकर SBI की मुख्य शाखा में भी जाकर DCLR के बैंक खाते की जांच-पड़ताल की।

अब निगरानी विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि सरकारी आवास में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी क्यों रखी गई थी और इसका वास्तविक स्रोत क्या है। हालांकि, निगरानी विभाग ने फिलहाल 13.82 लाख रुपये की इस अतिरिक्त रकम को रिश्वत की रकम घोषित नहीं किया है। आगे की जांच में आय के स्रोत, बैंक खातों में लेन-देन, संपत्ति और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

14 घंटे की कार्रवाई में 16.19 लाख रुपये मूल्य की बरामदगी

करीब 14 घंटे तक चली कार्रवाई में सामने आए बरामदगी के आंकड़ों को जोड़ें तो दो लाख रुपये की कथित रिश्वत, 13.82 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी और करीब 37 हजार रुपये कीमत की वाशिंग मशीन शामिल है। यानी कुल मिलाकर करीब 16.19 लाख रुपये मूल्य की नकदी और सामान सामने आया है। हालांकि, इस मामले में सबसे बड़ा सवाल कुल 16.19 लाख रुपये की बरामदगी नहीं, बल्कि सरकारी आवास से मिले 13.82 लाख रुपये के स्रोत को लेकर है। निगरानी विभाग अब इसी बिंदु पर अपनी जांच आगे बढ़ा रहा है।

शुक्रवार को विशेष निगरानी न्यायालय में होगी पेशी

निगरानी विभाग के अनुसार, गिरफ्तार DCLR कंचन कुमारी झा और कथित दलाल सुमित कुमार से पूछताछ के बाद दोनों को शुक्रवार को विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले में अग्रतर अनुसंधान जारी है। जांच के आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सरकारी आवास से बरामद 13.82 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी का स्रोत क्या है और क्या इसका संबंध कथित रिश्वतखोरी से है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed