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Bihar News: पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, OPD सेवाएं रहीं ठप; मरीजों को हुई भारी परेशानी
Fri, 28 Feb 2025 02:09 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 28 Feb 2025 02:09 PM IST
सार
Patna News: सुबह से इलाज के लिए पीएमसीएच पहुंचे मरीजों को जब पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं, तो वे काफी नाराज दिखे। मरीजों का कहना है कि हर बार डॉक्टरों और प्रशासन के बीच तनातनी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।
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पीएमसीएच में हड़ताल करते जूनियर डॉक्टर्स
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी, जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के दौरान डॉक्टरों ने अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दीं, जिससे इलाज के लिए आए मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
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चार महीने से बकाया स्टाइपेंड बना हड़ताल की वजह
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की मुख्य वजह चार महीने से बकाया स्टाइपेंड है। डॉक्टरों का कहना था कि बिना स्टाइपेंड के उनके लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा था, इसलिए उन्होंने मजबूरी में यह कदम उठाया। अस्पताल परिसर में जुटे डॉक्टरों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को रखा और जल्द से जल्द बकाया स्टाइपेंड देने की मांग की।
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‘खाने-पीने तक के लाले पड़ गए’
प्रदर्शन में शामिल डॉक्टर सुशील झा ने बताया कि पिछले चार महीनों से वे परेशान हैं। स्टाइपेंड न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें मजबूरी में हड़ताल करनी पड़ी, क्योंकि अब हालात ऐसे हो गए थे कि खाने-पीने तक के लाले पड़ गए थे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हम हड़ताल पर ही रहते।
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इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से रखा गया बाहर
हालांकि, हड़ताल के दौरान मरीजों को असुविधा न हो, इसके लिए डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाओं को इससे बाहर रखा। केवल ओपीडी सेवाएं बंद रखी गई थीं, जिससे सामान्य बीमारियों का इलाज कराने आए मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
अस्पताल प्रशासन और सरकार की ओर से तुरंत कार्रवाई करते हुए दोपहर 12 बजे तक जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड की राशि जारी कर दी गई। इसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का एलान किया और ओपीडी सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं। अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों ने राहत की सांस ली।
मरीजों को झेलनी पड़ी दिक्कतें
सुबह से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को जब पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं, तो वे काफी नाराज दिखे। मरीजों का कहना है कि हर बार डॉक्टरों और प्रशासन के बीच तनातनी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। कई मरीज दूर-दराज से आए थे, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ा।
पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल कोई नई बात नहीं है। अक्सर किसी न किसी मुद्दे को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर चले जाते हैं, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। मरीजों और उनके परिजनों ने सरकार से मांग की है कि इस तरह की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।