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मैं मायके नहीं जाऊंगी : शादी के एक साल बाद ससुराल की दहलीज पर यह आंदोलन क्यों? बिहार की रोचक खबर

Mon, 07 Sep 2026 11:03 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Mon, 07 Sep 2026 11:03 AM IST
सार

कैमूर के मोहनियां में शादी के बाद मायके गई नवविवाहिता निधि सिंह के ससुराल वालों द्वारा उसे वापस नहीं बुलाने का मामला सामने आया है। काफी इंतजार के बाद निधि अपने परिजनों के साथ ससुराल पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि ससुराल वालों ने दरवाजा बंद कर दिया।

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ससुराल का दरवाजा बंद तो धरने पर बैठी नवविवाहिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के कैमूर जिले के मोहनियां में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां शादी के बाद मायके गई एक नवविवाहिता को जब उसके ससुराल वाले लेने नहीं आए और पति भी उससे बातचीत करने या उसका साथ देने को तैयार नहीं हुआ, तो वह खुद अपने परिजनों के साथ ससुराल पहुंच गई। आरोप है कि विवाहिता को घर में प्रवेश नहीं दिया गया और ससुराल वालों ने दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक गुहार लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो विवाहिता ने घर के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। मामला मोहनियां थाना क्षेत्र की शिवपुर कॉलोनी के वार्ड नंबर 13 का है।

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7 मार्च 2025 को हुई थी शादी

जानकारी के मुताबिक, निधि सिंह की शादी हिंदू रीति-रिवाज के साथ 7 मार्च 2025 को मोहनियां थाना क्षेत्र के अकोढ़ी गांव निवासी नथुनी सिंह के पुत्र आलोक कुमार सिंह के साथ हुई थी। विवाह के बाद शुरुआती समय में सब कुछ ठीक चल रहा था। बताया गया कि शादी के करीब चार महीने बाद निधि की विदाई हुई और वह मायके चली गईं। इसके बाद लंबे समय तक उनके पति या ससुराल पक्ष की ओर से उन्हें वापस लेने के लिए कोई नहीं आया। काफी इंतजार करने के बाद निधि ने खुद अपने परिवार के साथ ससुराल जाने का फैसला किया। वह परिजनों को लेकर मोहनियां स्थित अपने ससुराल पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि उन्हें देखते ही ससुराल वालों ने घर का दरवाजा बंद कर दिया।

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दरवाजा नहीं खुला तो घर के बाहर बैठ गईं

विवाहिता ने काफी देर तक ससुराल वालों से दरवाजा खोलने और घर में प्रवेश देने की गुहार लगाई, लेकिन जब कोई उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ तो वह घर के दरवाजे पर ही धरने पर बैठ गईं। निधि का कहना है कि जब तक ससुराल वाले दरवाजा नहीं खोलेंगे, तब तक वह वहीं बैठी रहेंगी। निधि सिंह ने कहा, “मेरी शादी इस घर में हुई है। जब तक ससुराल वाले दरवाजा नहीं खोलेंगे, तब तक मैं इसी दरवाजे पर बैठी रहूंगी।”

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‘चार महीने बाद विदाई हुई, फिर कोई लेने नहीं आया’

विवाहिता निधि सिंह ने बताया कि उनकी शादी 7 मार्च को मोहनियां के रहने वाले नथुनी सिंह के पुत्र आलोक सिंह से हुई थी। उनके मुताबिक, शादी के बाद सब कुछ ठीक था। करीब चार महीने बाद उनकी विदाई हुई, लेकिन इसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से उन्हें वापस लेने कोई नहीं आया और न ही कोई उनसे ठीक से बातचीत कर रहा था। निधि ने कहा, “इसलिए आज मैं अपने ससुराल आई हूं। जब तक दरवाजा नहीं खुलेगा, तब तक यहीं बैठूंगी। यह मेरा घर है, मेरी शादी यहां हुई है। मैं कहीं जाने वाली नहीं हूं।”

पिता बोले- ‘40 लाख खर्च कर शिक्षक दामाद खोजा था’

वहीं, विवाहिता के पिता मनोज सिंह ने बताया कि उनका परिवार भभुआ के वार्ड नंबर 5 का रहने वाला है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की शादी मोहनियां थाना क्षेत्र के अकोढ़ी गांव निवासी नथुनी सिंह के पुत्र आलोक कुमार सिंह से हुई थी। मनोज सिंह के मुताबिक, आलोक कुमार सिंह मोहनियां प्रखंड के सिरहिरा स्कूल में शिक्षक हैं।

विवाहिता के पिता ने दावा किया कि बेटी की शादी में उन्होंने दहेज के रूप में 40 लाख रुपये दिए थे। उन्होंने कहा कि शादी के बाद उनकी बेटी करीब चार महीने तक ससुराल में रही। इसके बाद जब विदाई कराकर उसे मायके लाया गया, तब से आज तक ससुराल पक्ष की ओर से उसे वापस लेने कोई नहीं आया। मनोज सिंह ने कहा, “हम बाप-बेटी आज यहां आए हैं। घर वालों ने हमें देखकर दरवाजा बंद कर दिया। जब तक मेरी बेटी घर के अंदर नहीं जाती, हम लोग इसी दरवाजे पर बैठे रहेंगे।”

बेटी पर लगाए जा रहे आरोपों को पिता ने बताया झूठ

मनोज सिंह ने यह भी कहा कि उनकी बेटी पर किसी से बातचीत करने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन ये सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में केस भी नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, “40 लाख खर्च कर शिक्षक दामाद खोजा था, आज लोग इंकार कर रहे हैं। केस भी नहीं करूंगा, जान दे दूंगा, लेकिन अपनी बेटी को लौटकर घर नहीं ले जाऊंगा।”

अब ससुराल के दरवाजे पर बैठी है विवाहिता

फिलहाल विवाहिता अपने परिजनों के साथ पति के घर के बाहर धरने पर बैठी हुई है। उसका कहना है कि उसकी शादी इसी घर में हुई है और वह अपने ससुराल में ही रहना चाहती है। वहीं, उसके पिता भी बेटी को ससुराल में स्वीकार किए जाने तक वहीं बैठे रहने की बात कह रहे हैं। अब पूरे मामले में ससुराल पक्ष का क्या कहना है और विवाहिता के साथ आगे क्या कार्रवाई या न्याय होता है, यह देखना बाकी है। फिलहाल मोहनियां के शिवपुर कॉलोनी स्थित वार्ड नंबर 13 में विवाहिता के ससुराल के दरवाजे पर धरने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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