जान की धमकी: 'आतंकवादी तुम्हें मार डालेंगे'- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को धमकी; जानें पूरा मामला
Chirag Paswan : केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिली है। आतंकवादी हमले में हत्या की। इसकी लिखित शिकायत केंद्रीय गृह सचिव को दी गई है।
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केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। मंगलवार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को एक अनाम पत्र प्राप्त हुआ। पत्र में मंत्री की हत्या की धमकी दी गई है। धमकी भरे पत्र में दो मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं। मंत्रालय को मिले पत्र में सीधे तौर पर चिराग पासवान की जान लेने की बात कही गई है। पत्र में अंग्रेजी में लिखा गया है कि 'तुम्हें जल्द ही खूंखार आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा।' धमकी सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच एजेंसी इस मामले की जांच में जुट गई है।
चिराग के समर्थकों ने सुरक्षा में समीक्षा की मांग की
चिराग पासवान को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इसके बावजूद पत्र में खूंखार आतंकवादियों का हवाला देते हुए सीधे जान से मारने की धमकी मिलने से उनके समर्थकों में आक्रोश है। चिराग के करीबियों ने मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और उनके निर्धारित सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा की तत्काल समीक्षा और आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
गृह सचिव से उच्च स्तरीय जांच का आग्रह
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर मामले की उच्च स्तरीय जांच का आग्रह किया है। पत्र में धमकी भरे संदेश के स्रोत, प्रामाणिकता और इसके पीछे की परिस्थितियों की तत्काल और गहन जांच शुरू करने की सिफारिश की गई है। साथ ही मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का भी अनुरोध किया गया है।
चिराग के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा को मजबूत करने की मांग
निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने धमकी से संबंधित मूल संचार को भी जांच के लिए पत्र के साथ संलग्न किया गया है। उन्होंने इसके स्रोत, प्रामाणिकता और इसके पीछे की परिस्थितियों की पूरी पड़ताल जल्द शुरू करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, मंत्री के निर्धारित सार्वजनिक कार्यक्रमों और संभावित खतरे की धारणा को ध्यान में रखते हुए मौजूदा सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर जरूरत के मुताबिक उन्हें और मजबूत करने की मांग की गई है।
दो मोबाइल नंबरों से खुल सकता है धमकी का राज
धमकी भरे अनाम पत्र में दो मोबाइल नंबर दर्ज होने की बात सामने आई है। ऐसे में जांच एजेंसियां इन नंबरों की मदद से पत्र भेजने वाले तक पहुंचने की कोशिश कर सकती हैं। फिलहाल धमकी की वास्तविकता और इसके पीछे किसी आतंकी संगठन की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।