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आरक्षण पर सियासत: तेजस्वी ने अब किस चीज के लिए नीतीश, मांझी, चिराग को दोषी ठहराया, सरकार पर क्या आरोप लगाया?

Tue, 01 Sep 2026 04:27 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Tue, 01 Sep 2026 04:27 PM IST
सार

बिहार में आरक्षण को पर सियासी घमासान जारी है। पहले एनडीए के दो बड़े नेताओं के बीच जुबानी जंग हुई। और अब तेजस्वी यादव इस मुद्दे पर सियासत कर रहे हैं। उन्होंने एनडीए के सभी बड़े नेताओं पर जमकर हमला बोला है। आइए जानते हैं पूरा मामला...

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reservation: Tejashwi Yadav targets Nitish Kumar, Jitan Ram Manjhi, Chirag Paswan, and the BJP: Bihar News
तेजस्वी यादव न्यूज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार में आरक्षण और पुलिस कार्रवाई को लेकर एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। मंगलवार को एक पोलो रोड स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से बिहार में बढ़े हुए 75 प्रतिशत आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की मांग की।
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तेजस्वी ने कहा कि बिहार में महागठबंधन सरकार ने जातीय गणना कराकर 65% पिछड़ा, अति पिछड़ा दलित और आदिवासी के आरक्षण सीमा को बढ़ाने का काम किया था ईडब्ल्यूएस की 10 प्रतिशत आरक्षण के साथ 75% आरक्षण को नवमीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा था लेकिन एनडीए के नेताओं ने इस मामले पर केंद्र सरकार पर दबाव नहीं बनाया। जिस कारण बढ़ा हुआ आरक्षण सीमा वापस हो गया। इसके लिए अगर कोई दोषी है तो जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा और भारतीय जनता पार्टी। हमने तो बार-बार कहा है कि सरकार बढ़े हुए आरक्षण 75% को आगे बढ़ाकर 85% कर दे और इसे नवमीं अनुसूची में शामिल कर ले, लेकिन इन लोगों की मंशा ठीक नहीं है। यह लोग आरक्षण का फायदा उठाकर अपने परिवार की राजनीति को मजबूती प्रदान कर रहे हैं और पारिवारिक राजनीति को स्थापित करने के लिए सत्ता और स्वार्थ की राजनीति में लीन है और भाजपा आरएसएस कैसे खुश रहे? इसके लिए आरक्षण की समीक्षा की बात करना शुरू कर दिया है तो दूसरी ओर जीतन राम मांझी, चिराग पासवान नागपुर के स्क्रिप्ट पर इस तरह की बातें कर रहे हैं और दोनों मिलकर कहीं ना कहीं दलित समाज के साथ अन्याय कर रहे हैं।  

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'सुरक्षित सीटों से इस्तीफा देकर सामान्य सीट पर चुनाव लड़ें'

तेजस्वी ने चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, रामदास आठवले और ओम प्रकाश राजभर से आरक्षण और दलित समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर ये नेता आरक्षण के मुद्दे पर इतनी गंभीरता से बात करते हैं तो सुरक्षित सीटों से इस्तीफा देकर सामान्य सीट पर चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने न्यायपालिका, विश्वविद्यालयों और केंद्र सरकार में दलित प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इन क्षेत्रों में दलित समाज की भागीदारी बेहद कम है।

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'बिहार में पुलिसिया जुल्म से लोगों का विश्वास उठा'

तेजस्वी ने सीएम सम्राट चौधरी सरकार पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में युवा, छात्र, पत्रकार और आम लोगों पर पुलिस के जरिए जुल्म किया जा रहा है। आंदोलनकारियों पर गोली चलाने, फर्जी एनकाउंटर और पत्रकारों पर दबाव बनाने जैसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वालों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर परिवार को प्रताड़ित करने की नीति अपनाई जा रही है। इससे बिहार में डर का माहौल बना हुआ है और लोगों का पुलिस तथा सरकार से विश्वास उठ गया है।

 

पातेपुर के पत्रकार कुंदन कुमार का मामला उठाया

तेजस्वी ने वैशाली जिले के पातेपुर के यूट्यूब चैनल के पत्रकार कुंदन कुमार के साथ कथित पुलिस उत्पीड़न का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 29 अगस्त को कुंदन कुमार को पुलिस ने प्रताड़ित किया और उनके खिलाफ कट्टा रखकर फंसाने की साजिश की गई। तेजस्वी के अनुसार, पत्रकार ने पातेपुर क्षेत्र में विकास और सड़क से जुड़े मुद्दों को उठाया था, जो कथित तौर पर स्थानीय मंत्री को पसंद नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद थाने पर दबाव बनाकर पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गई। तेजस्वी ने कहा कि कुंदन कुमार को न्यायालय से जमानत मिल गई। इसके बाद बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के मामले में भी उनके और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

 

डीएसपी और दो थानेदारों पर कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने मामले में संबंधित डीएसपी और दोनों थाना प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो राजद सड़क पर उतरेगा और वैशाली बंद कराने का काम किया जाएगा। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा सवाल पूछने वाले पत्रकारों और आम लोगों को दबाने की है।

 

पत्रकार कुंदन कुमार ने सुनाई आपबीती

संवाददाता सम्मेलन में पत्रकार कुंदन कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने साथ हुई कथित मारपीट और पुलिस प्रताड़ना की जानकारी दी। कुंदन कुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें 50 से अधिक लाठियों से पीटा गया और बाद में जबरन कट्टा रखकर फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने पत्रकारों को अपनी पिटाई से संबंधित साक्ष्य भी दिखाए। कुंदन कुमार ने कहा कि न्यायालय से उन्हें राहत मिली और जमानत मिल गई। उन्होंने अपने साथ हुई कार्रवाई को अन्याय और अत्याचार बताया।

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