बिहार: दुर्गा पूजा पर बिजली विभाग अलर्ट, 24 घंटे सप्लाई की तैयारी, नंगे तारों की जगह लगेंगे एबी केबल
शारदीय नवरात्र को लेकर बिहारशरीफ में बिजली विभाग ने 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारी तेज कर दी है। पंडालों के आसपास नंगे तारों की जगह एबी केबल लगाए जा रहे हैं, पेड़ों की डालियों की कटाई-छंटाई और ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग दुरुस्त की जा रही है।
विस्तार
कलश स्थापना के साथ 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र को लेकर बिजली विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दुर्गा पूजा के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभाग ने विशेष इंतजाम शुरू किए हैं। बिजली के तारों की मरम्मत, पेड़ों की डालियों की कटाई-छंटाई और पावर सब-स्टेशनों के मेंटेनेंस का काम तेजी से कराया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि पूरे पूजा सत्र में ट्रिपिंग, शॉर्ट सर्किट या बिजली गुल होने जैसी समस्याओं का सामना श्रद्धालुओं और आम लोगों को न करना पड़े।
पंडालों के आसपास नंगे तारों की जगह लगाई जा रही एबी केबल
आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों की टहनियां बिजली के तारों के संपर्क में आने से आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसे देखते हुए बिजली पोल और हाईटेंशन तारों के दायरे में आने वाली डालियों की सघन अभियान चलाकर कटाई-छंटाई की जा रही है। पूजा पंडालों के आसपास सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नंगे तारों की जगह कवर्ड वायर यानी एबी केबल लगाई जा रही है। इसके साथ ही वितरण ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग को भी दुरुस्त किया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले प्रमुख चौक-चौराहों पर बिजली पोलों को सुरक्षित और स्थिर रखने के लिए गाइड वायर लगाए जा रहे हैं। इससे पूजा के दौरान किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सकेगा।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई, समितियों को निर्देश
बिहारशरीफ शहरी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि पूजा पंडालों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। आयोजकों से भी बिजली से जुड़े सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। वहीं, ग्रामीण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता रूपक कुमार ने पूजा समितियों को वायरिंग को लेकर विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
उन्होंने कहा कि घटिया, ढीले या कटे-फटे तारों से पंडाल की वायरिंग नहीं कराई जाए। पंडाल का निर्माण एलटी और 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से कम से कम चार फीट की दूरी पर होना चाहिए। सजावट के लिए केवल अच्छी गुणवत्ता वाले पीवीसी वायर का इस्तेमाल करने को कहा गया है। ओवरलोडिंग से बचने के लिए मेन बोर्ड पर लोड क्षमता के अनुसार एमसीबी लगाना भी अनिवार्य किया गया है।
पंडाल की रोशनी के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन जरूरी
दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों और आसपास की सड़कों को आकर्षक रोशनी से सजाने के लिए बिजली विभाग से अस्थायी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के सीधे तार जोड़कर बिजली का इस्तेमाल करना कानूनी अपराध माना जाएगा। विभाग ने अलग-अलग लोड के हिसाब से तीन दिनों के अस्थायी कनेक्शन की दरें भी तय कर दी हैं। एक किलोवाट के कनेक्शन के लिए 2,049 रुपये, दो किलोवाट के लिए 2,990 रुपये और तीन किलोवाट के लिए 4,004 रुपये देने होंगे। वहीं, चार किलोवाट का कनेक्शन 5,018 रुपये, पांच किलोवाट का 7,507 रुपये और 10 किलोवाट का कनेक्शन 12,576 रुपये में मिलेगा।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने पूजा समितियों से समय रहते वैध अस्थायी कनेक्शन लेने की अपील की है, ताकि पंडालों और सड़कों पर सजावट के लिए सुरक्षित तरीके से बिजली का इस्तेमाल किया जा सके।