Bihar News: डुमरावां दोहरा हत्याकांड, निर्दोष परिजनों का आमरण अनशन, उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
डुमरावां गांव में 7 जुलाई को हुई दोहरा हत्या के मामले में परिजनों ने बिहारशरीफ के हॉस्पिटल मोड़ पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि उनके निर्दोष बच्चों को झूठे मामलों में फंसाया गया है।
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डुमरावां गांव में 7 जुलाई को हुई दोहरा हत्या के मामले में परिजनों ने सोमवार से बिहारशरीफ के हॉस्पिटल मोड़ पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन का आयोजन 'कुशवाहा कल्याण सेवा समिति' के बैनर तले किया गया। परिजन अपने 'निर्दोष' बेटों को जेल में भेजे जाने के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं।मामला दीपनगर थाना कांड संख्या 294/2025 से जुड़ा है, जिसमें अन्नू और हिमांशु की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वादिनी ने 18 से अधिक लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है, जिनमें कई जेल में हैं।
अनशन पर बैठी कौशल कुमार की मां रुणा देवी ने बताया कि उनका बेटा उस समय खेत में था, लेकिन उसे मुख्य आरोपी बना दिया गया। इसी तरह, प्रशांत कुमार की मां सुनैना देवी ने कहा कि उनका बेटा बालू का काम करता था और घटना के दिन गांव में मौजूद नहीं था, फिर भी उसे फंसा दिया गया। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि असली झगड़ा मोटरसाइकिल को लेकर हुआ था, जिसे बाद में जातीय रंग देकर एकतरफा कार्रवाई की गई।
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परिजनों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को विस्तृत आवेदन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने नालंदा के पुलिस अधीक्षक (SP) से घटनास्थल का निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा और अभियुक्तों के मोबाइल टावर लोकेशन की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनके निर्दोष बच्चों को न्याय नहीं मिलता और वे रिहा नहीं होते, आमरण अनशन जारी रहेगा।