Bihar Cabinet : मंत्रियों के विभाग बंटवारे में कौन निकला खिलाड़ी? एनडीए के पांडव में कौन कितना भारी, देखिए
Bihar Election Result : बिहार में एनडीए के पांचों दलों ने विभागों के लिए भी बात फाइनल कर ली। लेकिन, जानने वाली बात है कि ज्यादा सीटें हासिल करने वाली भाजपा के मंत्रियों को जदयू अध्यक्ष व सीएम नीतीश कुमार ने क्या दिया? बाकी दलों में कौन कितना भारी?
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विस्तार
बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के मंत्रियों के विभाग का बंटवारा हो गया है। राजभवन से लिस्ट जारी कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि गृह विभाग सीएम नीतीश कुमार के पास नहीं रहा। बिहार विधानसभा चुनाव में 89 सीटें लाकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भारतीय जनता पार्टी के इस बार अपने पास गृह विभाग रखा है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सीएम नीतीश कुमार के पास सामान्य प्रशासन, निगरानी, निर्वाचन और अन्य कुछ विभाग हैं। आगे पढ़िए, किस पार्टी को इस विभाग आवंटन के बाद मिली ताकत और कैसे?
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ताकत अब भी कायम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पास सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन सहित वे सभी विभाग रखे हैं, जो किसी अन्य को आवंटित नहीं हुए। उनके अलावा, 26 मंत्रियों ने गुरुवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। अब, शुक्रवार को मंत्रियों को उनके कार्यक्षेत्र सौंपे गए हैं। जिनमें कई महत्वपूर्ण चेहरे और अनुभवी नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिपरिषद् में उनके साथ 35 और मंत्रियों के लिए प्रावधान के अनुसार जगह है। यानी, नौ मंत्रियों की जगह खाली है फिलहाल। यह जगह शायद खरमास बाद भरी जाए। मतलब, 15 जनवरी के बाद।
भाजपा में सम्राट चौधरी नंबर वन, जानें किसे कितनी ताकत
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मतलब, पुलिस विभाग और कारा इनके मातहत हो गया है। वित्त मंत्री रहे सम्राट चौधरी को अब बिहार की कानून-व्यवस्था के हिसाब से सबसे भारी विभाग मिला है। भाजपा लंबे समय यह चाह रही थी। दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व एवं भूमि सुधार और खान एवं भू-तत्व जैसे अहम विभाग आए हैं। भाजपा के मंगल पांडेय को स्वास्थ्य एवं विधि विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
मंत्री पद से हटाकर भाजपा अध्यक्ष बनाए गए दिलीप जायसवाल इस सरकार में फिर मंत्री बनाए गए हैं। उन्हें उद्योग विभाग मिला है। जनादेश 2020 के तहत जब सरकार बनी थी तो यह अहम जिम्मेदारी सैयद शाहनवाज हुसैन को मिली थी। फिर इसी कार्यकाल में जब महागठबंधन सरकार को हटाकर वापस पिछले साल एनडीए सरकार बनी तो नीतीश मिश्रा को यह जिम्मेदारी दी गई थी। भाजपा को मिले दूसरे अहम विभागों की बात करें तो नितिन नवीन को पथ निर्माण और नगर विकास एवं आवास जैसे बड़े विभाग सौंपे गए हैं।
भाजपा कोटे से महिला मंत्री, शूटिंग चैंपियन श्रेयसी सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी और खेल जैसे आधुनिक व युवा केंद्रित विभाग सौंपे गए हैं। 'अमर उजाला' बता दिया था कि भाजपा के टिकट पर दूसरी बार विधायक और पहली बार मंत्री बनी श्रेयसी सिंह को खेल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटना के दानापुर से भाजपा विधायक चुने गए पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव को बिहार सरकार में कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। भजपा विधायक सुरेंद्र मेहता को इस बार खेल की जगह पशु एवं मत्स्य संसाधन दिया गया है। पहली बार मंत्री बनीं रमा निषाद को पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग मिला है। मुख्यमंत्री की नजर में रहने वाला आपदा प्रबंधन विभाग नारायण प्रसाद को दिया गया है। सुरक्षित सीट से विधायक बने लखेंद्र रोशन को अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण दिया गया है। सहकारिता और पर्यावरण–वन जैसे आवश्यक विभाग डॉ. प्रमोद कुमार के पास गए हैं।
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पांच बड़े विभाग जदयू के एक वरिष्ठ मंत्री के पास
सबसे अधिक विभाग जदयू के वरिष्ठ मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव को दिए गए हैं। उन्हें ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त और वाणिज्य-कर जैसे पांच बड़े विभाग मिले हैं। यह विभाग राज्य की अर्थव्यवस्था और राजस्व के लिए रीढ़ माने जाते हैं। वित्त विभाग पिछली एनडीए सरकारों में भाजपा के पास रहता था। इस बार जदयू के पास है। जब तक जदयू के मंत्रियों की संख्या नहीं बढ़ती है, तब तक सबसे ज्यादा विभागों वाले मंत्री बिजेंद्र यादव ही हैं। वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जनसंपर्क और भवन निर्माण जैसे चार महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं। श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास और परिवहन विभाग दिया गया है। विधान परिषद् सदस्य अशोक चौधरी को ग्रामीण कार्य विभाग का मंत्री बनाया गया है, जिसमें काम करने की पूरी संभावना है। लेसी सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण दिया गया है। सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला शिक्षा विभाग रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार को दिया गया है। उन्हें तकनीकी शिक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई है। बसपा से जदयू में आए मो. जम़ा खान को अल्पसंख्यक कल्याण मिला है। मदन सहनी के पास समाज कल्याण की जिम्मेदारी है।
बाकी तीन दलों के खाते में कौन विभाग आए, यह देखें
भाजपा-जदयू के बाद एनडीए में तीसरे नंबर के दल लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के दो मंत्रियों को भी काम करने वाला विभाग मिला है। बखरी सुरक्षित सीट से पहली बार विधायक बने संजय कुमार पासवान को गन्ना उद्योग की अहम जिम्मेदारी दी गई है। तेज प्रताप यादव और राजद प्रत्याशी को महुआ में करारी शिकस्त देने वाले संजय कुमार सिंह को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग मिला है। जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के कोटे से मंत्री बने उनके बेटे संतोष सुमन को लघु जल संसाधन दिया गया है। संतोष सुमन विधान परिषद् कोटे से मंत्री हैं। न विधायक और न विधान पार्षद हैं, फिर भी मंत्री बनाए गए इंजीनियर दीपक प्रकाश को पंचायती राज विभाग दिया गया है। दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं, जो अब कुछ समय बाद विधान परिषद् के सदस्य बनाए जाएंगे।
| क्रम | मंत्री का नाम | विभाग / मंत्रालय |
|---|---|---|
| 1 | नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री) | 1. सामान्य प्रशासन
2. मंत्रिमंडल सचिवालय 3. निगरानी 4. निर्वाचन 5. ऐसे सभी विभाग जो किसी को आबंटित नहीं |
| 2 | सम्राट चौधरी (उप मुख्यमंत्री) | गृह विभाग |
| 3 | विजय कुमार सिन्हा (उप मुख्यमंत्री) | 1. राजस्व एवं भूमि सुधार
2. खान एवं भू–तत्त्व |
| 4 | विजय कुमार चौधरी | 1. जल संसाधन
2. संसदीय कार्य 3. सूचना एवं जनसंपर्क 4. भवन निर्माण |
| 5 | बिजेन्द्र प्रसाद यादव | 1. ऊर्जा
2. योजना एवं विकास 3. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन 4. वित्त 5. वाणिज्य–कर |
| 6 | श्रवण कुमार | 1. ग्रामीण विकास
2. परिवहन |
| 7 | मंगल पांडेय | 1. स्वास्थ्य
2. विधि |
| 8 | डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल | उद्योग विभाग |
| 9 | अशोक चौधरी | ग्रामीण कार्य |
| 10 | लेशी सिंह | खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण |
| 11 | नितिन नवीन | 1. पथ निर्माण
2. नगर विकास एवं आवास |
| 12 | मदन सहनी | समाज कल्याण |
| 13 | राम कृपाल यादव | कृषि |
| 14 | संतोष कुमार सुमन | लघु जल संसाधन |
| 15 | सुनील कुमार | 1. शिक्षा
2. विज्ञान, प्राविधिक एवं तकनीकी शिक्षा |
| 16 | मो. जमा खान | अल्पसंख्यक कल्याण |
| 17 | संजय सिंह ‘टाइगर’ | श्रम संसाधन |
| 18 | अरुण शंकर प्रसाद | 1. पर्यटन
2. कला, संस्कृति एवं युवा |
| 19 | सुरेन्द्र मेहता | पशु एवं मत्स्य संसाधन |
| 20 | नारायण प्रसाद | आपदा प्रबंधन |
| 21 | रमा निषाद | पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण |
| 22 | लखेंद्र कुमार रोशन | अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण |
| 23 | श्रेयसी सिंह | 1. सूचना प्राविधिकी (IT)
2. खेल |
| 24 | डॉ. प्रमोद कुमार | 1. सहकारिता
2. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन |
| 25 | संजय कुमार | गन्ना उद्योग |
| 26 | संजय कुमार सिंह | लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण |
| 27 | दीपक प्रकाश | पंचायती राज |