{"_id":"61a9355239592960ac158926","slug":"cag-raps-bihar-government-for-providing-financial-help-to-defaulting-govt-companies","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार: विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट, राज्य सरकार को लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार: विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट, राज्य सरकार को लगाई फटकार
Fri, 03 Dec 2021 02:37 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, पटना
पीटीआई, पटना
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 03 Dec 2021 02:37 AM IST
सार
बिहार सरकार ने उपक्रमों और 16 गैर कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को 18.872 करोड़ रूपये बजटीय सहायता प्रदान की।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार विधानसभा में शीतकालीन सत्र चल रहा है। गुरुवार विधानसभा में कैग यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने बिहार सरकार की खिंचाई की। कैग ने वर्ष 2019-20 की रिपोर्ट में डिफॉल्ट करने वाली सरकारी कंपनियों 18,872 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराने पर बिहार सरकार को फटकार लगाई है।
विज्ञापन
कैग ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में 2019-20 की अपनी रिपोर्ट में कहा कि बिहार सरकार ने उपक्रमों और 16 गैर कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को 18.872 करोड़ रूपये बजटीय सहायता (इक्विटी, ऋण, अनुदान और सब्सिडी) प्रदान की।
विज्ञापन
गैर-कार्यरत कंपनियों में बिहार राज्य फल और सब्जी विकास निगम लिमिटेड, बिहार राज्य निर्माण निगम लिमिटेड, बिहार राज्य वन विकास निगम लिमिटेड, बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम लिमिटेड और बिहार हिल एरिया लिफ्ट सिंचाई निगम लिमिटेड शामिल हैं।
विज्ञापन
कैग ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने श्रम और अन्य उपकर के लेखांकन के लिए कोई नियम नहीं बनाया है। हालांकि कुछ विभागों द्वारा एकत्र किया गया उपकर बेकार पड़ा है जो उस उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता है जिसके लिए इसे लगाया गया था।